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छपराः सारण के लोग इन दिनों दोहरी मार झेलने को विवश है. एक तरफ भीषण गर्मी से हलकान हैं तो वहीं दूसरी तरफ पानी की किल्लत ने परेशान कर दिया है. लगातार बढ़ते तापमान के बीच इस भीषण गर्मी में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. इस भीषण के बीच बूंद-बूंद पानी के लिए छपरा के वार्ड वासी दर-दर भटक रहे हैं. इसको लेकर लोगों में आक्रोश पनप रहा है. पिछले एक सप्ताह से ऐसी स्थिति बनी हुई है. इस समस्या को लेकर लोगों ने अधिकरियों से तक से शिकायत की लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की जा सकी है. जिसके चलते लोगों को सूखे हलक का प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ रहा है. स्थानीय मधु कुमारी ने बताया कि छपरा शहर में नमामि गंगे का कार्य चल रहा है. जिसको लेकर जगह-जगह खुदाई की जा रही है. इसी दौरान जेसीबी से खुदाई के दौरान मलखाना चौक के पास सप्लाई वाटर के पाइप को काट दिया गया है. जिसके चलते लोगों के घरों में तो पानी नहीं जा पा रहा है, लेकिल सड़कों पर जरूर बह रहा है. एक तरफ लोग पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं तो दूसरी तरफ लोगों को सड़क चलना मुश्किल हो गया है. वार्ड वासी दोहरी मार झेलने को विवश हैं. शिकायत करने के बाद भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है. पानी की किल्लत से परेशान लोगों का कोई सुनने वाला नहीं है. मधु कुमारी ने बताया कि पाइप कट जाने की वजह से सड़क नदी की तरह नजर आ रहा है. पिछले एक सप्ताह से पाइप कआ हुआ है. इस मामले को लेकर स्थानीय अधिकरायों को कई दफा अवगत कराया जा चुका है. इसके बाद भी अब तक कटे पाइप को ठीक नहीं किया जा सका है. छपरा शहर के वार्ड संख्या-15, 16, 17 के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है और पानी सड़क पर बह रहा है. वहीं अब इस समस्या को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. . PHOTOS: पहले प्यार से गुलाम संग जबरन शादी तक. . . पाक वाली सीमा की पूरी कुंडली, जिसने सचिन के लिए की सारी हदें पार!
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नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार करने का फैसला किया है। वह अगले वर्ष इस क्षेत्र में 141 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा आगामी वित्तीय वर्ष में एक स्टेट ऑफ आर्ट 'प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान' की स्थापना होगी। दरअसल हाल ही में एनडीएमसी के स्कूलों में छात्राओं की संख्या लगातार कम होने की खबरें आई थीं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010-11 में एनडीएमसी के स्कूलों में कुल 10,541 छात्राएं और 10,022 छात्र थे। पढ़ेंः UPSEE: 25 फरवरी से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन! यानी छात्राओं का फीसद 51. 2 और छात्रों का फीसद 48. 7 था। मगर 2011-12 में छात्राओं की संख्या 10,025 49. 28 फीसद और छात्रों की संख्या 10,320 50. 72 फीसद हो गई। 2012-13 में छात्राओं की संख्या और गिरी और यह आंकड़ा 10,206 तक जा पहुंचा। इस अवधि में छात्रों की संख्या बढ़कर 11,317 हो गई। इनका फीसद निकालें तो छात्राओं का अनुपात और गिर गया। छात्राओं का औसत 47. 42 फीसद रह गया, जबकि छात्रों का औसत बढ़कर 52. 58 फीसद हो गया। इन आंकड़ों के मद्देनजर एनडीएमसी ने ये खर्च करने का फैसला किया है। यह घोषणा परिषद के अध्यक्ष जलज श्रीवास्तव ने नवयुग विद्यालयों के स्थापना दिवस समारोह में की। एनडीएमसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में श्रीवास्तव ने बताया कि 'प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान' में एक साथ 50 शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए स्थान उपलब्ध होगा। यह 24 घंटे कैंटीन/रसोईघर की सुविधाओं के साथ एक आवासीय एवं आत्मनिर्भर संस्था होगी। यह संस्थान शिक्षण-मानकों में एक मानक स्थापित करेगा। समारोह में श्रीवास्तव नवयुग विद्यालयों के पूर्व अध्यापकों और नवयुग की स्थापना वर्ष के पूर्व छात्रों को सम्मानित किया। उत्तरी निगम व्यापारियों की सुविधा के लिए कनवर्जन एवं पार्किंग शुल्क जमा कराने के लिए सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में 28 फरवरी एवं 28 मार्च को विशेष कैंप लगाएगा। अतिरिक्त आयुक्त दिलराज कौर ने बताया कि अवैध रूप से कारोबार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ मास्टर प्लान-2021 के प्रावधानों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मास्टर प्लान-2021 के प्रावधानों के तहत अधिसूचित सड़कों पर कारोबार कर रहे व्यापारियों के लिए प्रतिवर्ष कनवर्जन चार्ज जमा कराना आवश्यक है। इसके अलावा उन्हें एकमुश्त पार्किंग शुल्क भी जमा कराना है। वहीं निगम के नरेला जोन के उपायुक्त ने अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ की सफाई मजदूरों से जुड़ी 25 मांगे मान ली। संघ के महासचिव वेदपाल रीडला ने फैसले का स्वागत करते हुए सभी मांगे जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
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जब मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ तो मैंने उसका ढोगल ख्पोता, हाथ में लपेट लिया। "बहन जी छोड़ दीजिए." सज्जन ने आकर विनती की। मैंने कहा छोडूँगी तब जब 5100सौ लूँगी। दीपिकामाई ने ताली बजाई। लग रहा था जैसे वह एक्ंिटग नहीं नेचुरल में बधाई ले रही हैं। इसी बीच ज्ञानदीप का सेलफोन बजा। उसने उठकर हैलो कहा और सारी बात सुनने के बाद उसने आँधे घँटें में पहुँचने को कहा। सेलफोन रखते ही ज्ञानदीप ने डायरी के पन्ने निकालकर दीपिकामाई को दिए। ज्ञानदीप चरण-स्पर्श करके चला आया था। ज्ञानदीप उसी रात लिखने बैठ गया। लगभग छः महीने की कड़ी मेहनत के बाद उसने आधा आदमी उपन्यास मुकम्मल किया। और उसे प्रकाशिन होने के लिए प्रकाशक के पास भेज दिया। एक महीने में दीपिकामाई की जैसे काया ही बदल गई थी। दिन पर दिन उनका स्वास्थ्य गिरता जा रहा था। डाॅक्टर के अनुसार उनका शुगर लेबल बढ़ा हुआ था। एक-एक करके सारे चेले उन्हें छोड़कर चली गई थी। ड्राइवर और इसराइल का भी कुछ अता-पता नहीं था। दीपिकामाई को उठने-बैठने में काफी दिक्कत हो रही थी। कहते हैं वक्त कभी एक जैसा नहीं रहता। कभी यहाँ महफिल सजती थी आज यहाँ वीरान हैं। जितने भी उनके संगी-साथी थे सभी ने, यहाँ तक आस-पड़ोस के लोगों ने भी उनसे मिलना-जुलना बंद कर दिया था। समाज की इस बेरूखी ने उनके अंदर जीने की ललक ही खत्म कर दी थी। हद तो तब हो गई जब उनका एक-एक सामान उनके चेले और संगी-साथी उठा ले गई। यहाँ तक उनका सेलफोन तक नहीं बख़्शा। भगवान इतने बुरे दिन किसी को न दिखाये। दूसरों का पेट भरने वाली दीपिकामाई आज स्वयं एक-एक दाने को तरस रही थी। ज्ञानदीप ट्यूशन पढ़ाकर जब रात को घर लौटा तभी उसे पड़ोसी से एक लिफाफा मिला। उसने खोलकर देखा तो उसमे एक किताब थी। आधा आदमी को देखकर वह खुशी से फूला नहीं समाया। पहले उसने किताब को माथे से लगाकर ईश्वर का शुक्रिया अदा किया। फिर उसने सेलफोन उठाकर दीपिकामाई को काँल किया। पर जवाब न मिलने के कारण उसने झल्लाकर सेलफोन रख दिया। अब वह सुबह के इंतज़ार में था कि कितनी जल्दी सुबह हो और वह दीपिकामाई के घर जा पहुँचे। मगर उसका बावलापन यह जरा भी मनाने तैयार नहीं था। रह-रहकर उसका मन दीपिकामाई की तरफ उचट जाता। अंतत थकहार वह लेट गया। रात काफी हो चुकी थी। मगर नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी। वह बार-बार किताब को देखे जा रहा था। उसे कब नींद आ गई पता ही नहीं चला। दीपिकामाई के घर के अंदर और बाहर भीड़ लगी थी। भीड़ को चीरता हुआ ज्ञानदीप जब अंदर पहुँचा तो दीपिकामाई की लाश को देखकर वह हक्का-बक्का रह गया। उसके हाथ से किताब छुटकर नीचे गिर गई। उसे लगा जैसे वह अभी चक्कर खा के गिर पड़ेगा। मगर उसने किसी तरह अपने आप को संभाला और भारी कदमों से लाश की तरफ बढ़ गया। दीपिकामाई के मुँह और नाक में मक्खियाँ भरी थी। यह सब देखकर ज्ञानदीप की आँखें छलक आई। उसने पास पड़ी चादर से दीपिकामाई को ढक दिया और उनके पैर पकड़कर फफक पड़ा। "का हुवा?" भीड़ में से एक ने पूछा। "अरे उ हिजड़वा मर गवा." महिला ने ऐसे कहा जैसे कुछ हुआ ही न हो। "सही कहत हव भइया." महिला के एक-एक लफ़्ज़ ज्ञानदीप के कान में भाले की भाँति जा चुभे। ज्ञानदीप ने पलट कर देखा तो कोई और नहीं, वह वही महिला थी जो दीपिकामाई से अपने बच्चे की दवा के लिए पैंसे माँगने आई थी। आज उसका यह रूप देखकर ज्ञानदीप हतप्रभ था। "चच्चा सही कहत हय." तहमत वाले लड़के ने मसाले की पुड़िया मुँह में फाकते हुए कहा। "के हव तुम? नाटे कद वाले ने आँखे तरेर कर पूछा। वक्त की नजाकत को देखते हुए ज्ञानदीप क्रोध के घूँट को पी गया था। यह वही लोग थे जो कभी दीपिकामाई के आप-पास मंडराते थे। जिनकी छत्र-छाया से इनके घर चलते थे। इनमें से कितने लोग तो ऐसे थे जिनके घर की बेटियों की दीपिकामाई ने शादी करवायी थी। किसी की मज़ाल थी जो बगैर इजाजत उनके कमरे में चला जाए। ज्ञानदीप ने समझाया। "अबे मादरचोद, तेरी हिम्मत कैसे हुई मौलवी साब से जवाब-तलब करने की." चपटी नाक वाले ने ज्ञानदीप का गिरहेबान पकड़ा। अगर ज्ञानदीप चाहता तों वह भी गाली-गलोच कर सकता था मगर नहीं, क्योंकि इस वक्त गाली से कही ज्यादा जरूरी थी दीपिकामाई की लाश। मौलवी के कहते ही चपटी नाक वाले ने ज्ञानदीप को वर्निग देकर छोड़ दिया। "श्मशान घाट में तो है." ज्ञानदीप का इतना कहना क्या था कि चैधरी के तन-बदन में आग लग गई। उसने आँखें तरेर कर ज्ञानदीप को घूरा, धीरे-धीरे भीड़ उग्र होती जा रही थी। भीड़ को संभालना ज्ञानदीप के बस में नहीं था। उसकी सारी कोशिशें नाकाम हो गई थी। मगर भीड़ थी जो लाश की तरफ बढ़ती जा रही थी। "मैं। आप के आगे हाथ जोड़ता हूँ छोड़ दीजिए इन्हें........।" ज्ञानदीप गिड़गिड़ाया। तभी टोपी वाले ने ज्ञानदीप को धकेल दिया। वह गिरते-गिरते बचा। भीड़ ने चारों तरफ से लाश को घेर लिया। जैसे ही लोग लाश को उठाने वाले थे वैसे ही आँधी का तेज झोंका आया। जो जहाँ था वही थम गया। न जाने कहाँ से उड़कर अनगिनत पत्ते आए और दीपिकामाई की छाती से लिपट गए। तभी लाश के पास पड़ी किताब के पन्ने ऐसे फड़फड़ाने लगे जैसे दीपिकामाई पढ़ रही हो। वैसे ही टप से बूँदें किताब के अंतिम पेज पर गिरी। ऐसा लगा जैसे वह बूँदें नहीं, दीपिकामाई के आँसू हैं। थोड़ी देर बाद आँधी थम गई। वहाँ खड़े लोग लाश को उठाने लगे। कोई लाश के हाथ पकड़े था, कोई पैर। वे लोग लाश को झुलाते हुए ले जाने लगे। बच्चे इस तरह से हा-हू कर रहे थे जैसे कोई तमाशा हो रहा हो। किसी ने पीछे से ज्ञानदीप को लात मारी वह मुँह के बल जा गिरा। उसका होंठ फट गया था। पर उसने अपने खून की प्रवाह न करके तेजी से लाश की तरफ भागा। तमाशाई भीड़ अपने-अपने छतों, दरवाजों और खिड़कियों पर ऐसे जुटी थी जैसे कोई जुलूस निकल रहा हो। कुत्ते भीड़ पर भौंक रहे थे। जैसे कह रहे हो छोड़ दो मेरी माई को.....। गायें-बकरियाँ चिल्ला रही थी, वे सब रस्सीयों को तोड़ देना चाहती थी। अगर उनका बस चलता तो वे भीड़ को दिखा देती कि उनके होते हुए उनकी माई को कोई नहीं ले जा सकता। मगर वे सब बेबस-लाचार थी। ज्ञानदीप एक-एक आदमी के आगे हाथ-पैर जोड़ रहा था। मगर लोग बजाय उसकी सुनने के, उल्टे उस पर ही टूट पड़े। फिर क्या था। एक नहीं, दो नहीं, तीन नही अनगिनत हाथ-पैर ज्ञानदीप पर बरसने लगे। वह चीख़ता-चिल्लाता रहा। पर भीड़ के शोर-शराबे के आगे उसकी आवाज दब गई। ज्ञानदीप गली के बीचोबीच मूच्र्छित पड़ा था। पास खड़ा एक कुत्ता ज्ञानदीप को भौंक-भौंक कर जैसे उठा रहा हो।
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जयपुर । कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी की एक टीवी डिबेट के बाद हार्टअटैक से मौत हो गई थी। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर राजस्थान में यवा कांग्रेस की ओर से संबित पात्रा पर अमर्यादित, जातिगत और धार्मिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस के नेताओं ने उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ 33 जिलों में 39 जगह पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है। एफआईआर में कहा गया है कि एक टीवी डिबेट के संबित पात्रा ने राजीव त्यागी को इंगित करते हुए अमर्यादित, जातिगत एवं धार्मिक टिप्पणी की। इससे त्यागी पर बेहद गहरा असर पड़ा। उस डिबेट के कुछ वक्त बाद ही हार्टअटैक होने से उनकी मृत्यु हो गई। यह रिपोर्ट संबंधित जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष द्वारा करवाई गई है। राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस द्वारा ये मामला गैरइरादतन हत्या का माना गया है। बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी का बुधवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। अटैक से कुछ देर पहले ही वे एक टीवी चैनल पर डिबेट में शामिल हुए थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गाजियाबाद के एक अस्पताल ले जाया गया था। टीवी डिबेट में शामिल होने की जानकारी राजीव त्यागी ने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर दी थी।
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Indian Railways Seats Allocation: इंडियन रेलवे की शुरूआत 6 मई, 1836 को ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी. भारतीय रेलवे का इतिहास आज 186 साल पुराना हो चुका है. इंडियन रेलवे की पहली ट्रेन 19वीं सदी में चलाई गई थी. क़रीब 1,15,000 किमी में फ़ैले अपने विशाल नेटवर्क के साथ भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है. इंडियन रेलवे आज दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क बन चुका है. भारत में हर रोज क़रीब ढाई करोड़ यात्री ट्रेन में सफ़र करते हैं. भारत के 7349 स्टेशनों से रोजाना 20 हज़ार से अधिक यात्री ट्रेनें और 7 हज़ार से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं. भारतीय रेलवे (Indian Railways) की हज़ारों ट्रेनें रोजाना यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन में रिजर्वेशन या टिकट बुक कराते समय मनचाही सीट क्यों नहीं सेलेक्ट कर पाते? यात्रा के दौरान हमें रेलवे की ओर से जो सीट मुहैया कराई जाती है, उसी में सफर करना पड़ता है. आख़िर सिनेमाहॉल की तरह हम ट्रेन में भी अपनी मनचाही सीट बुक क्यों नहीं कर सकते हैं? दरअसल, इसके पीछे रेलवे का विज्ञान छिपा हुआ है. ट्रेन में रिजर्वेशन करना सिनेमाहॉल में सीट बुक करने से एकदम अलग होता है. क्योंकि थियेटर एक कमरे की तरह होता है, जबकि ट्रेन एक चलती फिरती गाड़ी है. इंडियन रेलवे की ट्रेनों में सुरक्षा सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है. लिहाजा रेलवे के बुकिंग सॉफ़्टवेयर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये सॉफ़्टवेयर इस तरह से टिकट बुक करेगा ताकि ट्रेन में समान रूप से लोड बांटा जा सके. कैसे होती है सीट की बुकिंग? अगर किसी ट्रेन में S1, S2, S3, S4, S5, S6, S7, S8, S9 और S10 नंबर वाले स्लीपर कोच हैं तो इसका मतलब सभी कोच में 72-72 सीटें होंगी. इस दौरान जब कोई ट्रेन में पहली बार टिकट बुक करेगा, तो सॉफ़्टवेयर सबसे पहले बीच के कोच में 1 सीट आवंटित करेगा. उदाहरण के तौर पर कोच में S5, 30-40 नंबर की कोई एक सीट मिलेगी. इसके अलावा रेलवे पहले 'लोअर बर्थ' को बुक करता है, ताकि ट्रेन को गुरुत्वाकर्षण केंद्र कम मिले. इंडियन रेलवे (Indian Railway) का सॉफ़्टवेयर इस तरह से सीटें बुक करता है ताकि सभी कोचों में एक समान यात्री हों. इस दौरान ट्रेन में सीटों की बुकिंग बीच की सीटों 36 से शुरू होकर गेट के पास की सीटों 1-2 या 71-72 से 'निचली बर्थ' से 'ऊपरी बर्थ' तक जाती है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ट्रेन का संतुलन बना रहे और सभी कोच पर समान भार पड़े. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंत में टिकट बुक करने वाले लोगों को 'अपर बर्थ' आवंटित की जाती है. अगर IRCTC द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया जाता है तो ट्रेन के पटरी से उतरने की संभावना बढ़ जाती है. इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं- अगर S1, S2, S3 पूरी तरह से भरे हुए हैं और S5, S6, S7 पूरी तरह से खाली हैं. जबकि अन्य कोच आंशिक रूप से भरे हैं तो ऐसे में जब ट्रेन मोड़ लेती है, तो कुछ डिब्बों को Centrifugal Force का सामना करना पड़ता है तो कुछ को नहीं. इस स्थिति में ट्रेन के पहिए पटरी से उतर की संभावना 100 % बढ़ जाती है. यही वजह है कि इंडियन रेलवे (Indian Railway) पैसेंजर्स को ट्रेन में सीट चुनने की अनुमति नहीं देती है. ये भी पढ़ें- ट्रेन के डिब्बे के ऊपर 5 अंकों की संख्या लिखी होती है, कभी सोचा है कि इसका मतलब क्या होता है?
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एक समतुल्यता स्थापित कर सकते हैं और हम Q* = Q*/H, × H, लिख सकते हैं। यह हमने पहले देखा था कि Q * को H½ और H के गुणनफल के रूप में विभाजित किया जा सकता है और H2 Q * / H½ के लिए समतुल्य इसलिए, हमने यहां जो देखा या सीखा है, वह यह है कि इस तरह के समूहों के बीच अंतर हैं। इससे पहले, हमने देखा है कि समूहों के बीच का अंतर या तो कुछ को उपसमूह के गुणनफल के रूप में - विभाजित किया जा सकता है और कुछ को उपसमूह के गुणनफल के रूप में विभाजित नहीं किया जा सकता है। यहां, एक ही अंतर को दूसरे शब्दों में भाग के इस्तेमाल करके फिर से परिभाषित किया जा रहा है। यह है कि क्या हम एक समूह को इसके भागफल के साथ उपसमूह का गुणा जिसके साथ हम भागफल कर रहे हैं, समतुल्य रूप में विभाजित कर सकते हैं। कभी-कभी आप इस तरह से यहां कर सकते हैं, कभी-कभी आप ऐसा नहीं कर सकते हैं और इस सवाल पर वापस आते हैं और मैं इसे आपके लिए खुद से करने वाली समस्या के रूप में छोड़ दूंगा, कृपया इसे हल करें। आपको इसे दोनों तरीकों से साबित करना आना चाहिए कि जो भी तरीका सही है अगर वह यह समतुल्य है तो आपको इसे साबित करने में सक्षम होना चाहिए। यदि यह समतुल्य नहीं है, तो भी आपको साबित करने में सक्षम होना चाहिए। ठीक है, तो इसका मतलब है कि भागफल कभी-कभी हमें कोई नया समूह देता है। कभी-कभी ऐसा नहीं होता है, जैसे कि Q*/ H½ के मामले में, हमें कोई नया समूह नहीं मिलता है - यह पहले से ही Q* के उपसमूह के रूप में मौजूद है, लेकिन पूर्णांक जैसे मामले हैं जहां हमें नए समूह मिलते हैं। इसलिए, भागफल एक बहुत ही रोचक और बहुत महत्वपूर्ण संचालन है। हम बाद के व्याख्यानों में भी इसका महत्व देखेंगे और हम यह स्थापित करेंगे कि बीजगणित में यह वास्तव में महत्वपूर्ण और मौलिक संचालन है। अब, समरूपता के साथ इसका संबंध इसके महत्व को और बढ़ाता है। इसलिए, वास्तव में अगर आपको याद है कि मैंने समरूपता के साथ शुरुआत की थी, फिर इस पर आ गए और इस पर इसलिए आये हैं, क्योंकि मैं इस संबंध का पता लगाना चाहता था कि दो समूहों के बीच की समरूपता का भागफल के बारे में क्या प्रभाव है। या, भागफल का एक समरूपता के साथ क्या करना है? और जवाब तो बहुत दिलचस्प है।
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रूप (वेष) वैश्वासिक होता है । ४. उसका रूप अनुशात - जिनानुमत होता है । ५. उसके विपुल इन्द्रिय-निग्रह होता है।' भगवान् महावीर के समय में श्रमणों के अनेक संघ विद्यमान थे। उनमें आजोबकों का संघ बहुत शक्तिशाली था । वर्तमान में उसकी परंपरा विच्छिन्न हो चुकी है। उसका साहित्य भी लुप्त हो चुका है। जैन साहित्य में उस परम्परा के विषय में कुछ जानकारी मिलती है। प्रस्तुत सूत्र में भी बाजीवकों की तपस्या के विषय में एक उल्लेख मिलता है। प्रस्तुत सूत्र में भगवान् महावीर के समकालीम और उत्तरकालीन- दोनों प्रकार के प्रसंग और तथ्य संकलित हैं। जहां धर्म का संगठन होता है वहाँ व्यवहार होता है। जहाँ व्यवहार होता है वहां विचारों की विविधता भी होती है। विचारों की विविधता और स्वतन्त्रता का इतिहास नया नहीं है। भगवान् महावीर के समय में भी जमालि ने वैचारिक भिन्नता प्रदर्शित की थी। उनकी उत्तरकालीन परम्परा में भी वैचारिक भिन्नता प्रकट करने वाले कुछ व्यक्ति हुए। ऐसे मात व्यक्तियों का उल्लेख मिलता है। उन्हें निन्हब कहा गया है। उनके नाम इस प्रकार हैं-- जमालि, तिष्यगुप्त, आषाढ़, अश्वमित्र, गंग, रोहगुप्त और गोष्ठामाहिल ।। इसी प्रकार नौवें स्थान में भगवान् महावीर के नो गणों का उल्लेख है। उनके नाम इस प्रकार हैं-- गोदासगण, उत्तरबलिस्सहगण, उद्देहगण, चारणगण, उद्दवाइयगण, बिस्सवाइयगण, कामड्डियगण, माणवगण, कोडियगण । M ये सब भगवान् महावीर के निर्वाण के उत्तरकालीन है। इन उत्तरवर्ती तथ्यों का आगमो के संकलन काल में समा वेश किया गया। प्रस्तुत सूत्र मे शान-मीमांसा का भी लंबा प्रकरण मिलता है। इसमें ज्ञान के प्रत्यक्ष और परोक्ष- ये दो भेद किए गए है। प्रत्यक्ष के दो प्रकार हैं केवलज्ञान और नो- केवलज्ञान-अवधिज्ञान और मनःपर्यवज्ञान । परोक्ष ज्ञान के दो प्रकार हैं-अभिनिबोधिज्ञान और श्रुतशान ।" भगवती सूत्र में ज्ञान के प्रत्यक्ष और परीक्ष-ये विभाग नहीं हैं । ज्ञान के पाँच प्रकारी का वर्गीकरण प्रत्यक्ष और परोक्ष - इन दो विभागों में होता है। यह विभाग नंदी सूत्र में तथा उत्तरवर्ती समग्र प्रमाण-व्यवस्था मे समावृत हुआ है। रचनाकार - अंगों की रचना गणधर करते हैं। इस प्रकार भी कहा जा सकता है कि गणधरों के द्वारा जो ग्रन्थ रचे गए उनकी संज्ञा अग है। उपलब्ध अग सुधर्मास्वामी की वाचना के हैं। सुधर्मास्वामी भगवान् महावीर के अनन्तर शिष्य होने के कारण उनके समकालीन हैं, इसलिए प्रस्तुत सूख का रचनाकाल ईस्वी पूर्व छठी शताब्दी है। आगम-संकलन के समय अनेक सूत्र सकलित हुए हैं। इसलिए संकलन-काल की दृष्टि से इसका समय ईसा की चौथी शताब्दी है । कार्यसंपूति - प्रस्तुत आगम की समग्र निष्पत्ति में अनेक मुनियों का योग रहा है। उन सबको मैं आशीर्वाद देता हूं कि उनकी कार्य जाशक्ति और अधिक विकसित हो । इसकी निष्पत्ति का बहुत कुछ क्षेय शिष्य मुनि नथमल को है क्योंकि इस कार्य में अनिश वे जिस मनोयोग से लगे हैं, उसी से यह कार्य सम्पन्न हो सका है। अन्यथा यह गुरुतर कार्य बड़ा दुरुह होता। इनको वृत्ति मूलतः योगनिष्ठ होने से मन की एकाग्रता सहज बनी रहती है। आगम का कार्य करते-करते अन्तररहस्य पकड़ने में इनकी सेवा काफी पैनी हो गई है। विनयशीलता, श्रम-परायणता और गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण माय ने इनकी प्रगति में बड़ा सहयोग दिया है। यह वृत्ति इनको बचपन से हो है। जब से मेरे पास आए, मैंने इनको इस वृत्ति में कमशः वर्धमानता ही पाई है। इनकी कार्य क्षमता और कर्तव्यपरता ने मुझे बहुत सन्तोष दिया है। मैंने अपने संघ के ऐसे शिष्य साधु-साध्वियों के बलबूते पर ही आगम के इस गुरुतर कार्य को उठाया है। अब मुझे विश्वास हो गया है कि मेरे शिष्य साधु-साध्वियों के निःस्वार्थ, विनीत एवं समर्पणात्मक सहयोग से इस बृहत् कार्य को असाधारणरूप से सम्पन्न कर सकूंगा। भगवान् महावीर की पचीसवी निर्वाण शताब्दी के अवसर पर उनकी वाणी को राष्ट्रभाषा हिन्दी में जनता के समक्ष प्रस्तुत करते हुए मुझे अनिर्वचनीय आनन्द का अनुभव होता है । २०३२, निर्वाण शताब्दी वर्ष आचार्य तुलसी
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उन्नाव में गृहमंत्री अमित शाह ने सपा-बसपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा उत्तर प्रदेश को फिर से एक बार जंगलराज की ओर ले जाएगी। जबकि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सबसे आगे निकला है। एक और 5 वर्ष दे दीजिए, उत्तर प्रदेश देश का नंबर एक राज्य बन जाएगा। भाजपा की 'जन विश्वास यात्रा' में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्नाव पर कलम की और तलवार की भी कृपा है। उन्नाव में बड़े से बड़े वीर लोग भी हुए हैं और सरस्वती के पुत्र भी यहां से आगे बढ़े हैं। आजादी के लिए अंतिम सांस तक न्योछावर करने वाले उन्नाव की धरती के चंद्रशेखर आजाद जी को प्रणाम करता हूं। जनसभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आपके सामने दो विकल्प हैं। एक पीएम मोदी के नेतृत्व में समाज के सभी हिस्सों को साथ लेकर चलने वाली भाजपा और दूसरी और बुआ-बबुआ की बसपा और सपा। समाजवादी पार्टी आती थी तो एक जाति का विकास होता था। बहुजन समाज पार्टी आती थी तो दूसरी जाति का विकास होता था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सबका साथ, सबका विकास का काम किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सपा और बसपा ने कभी पूरे समाज का विकास नहीं किया। सपा-बसपा की सरकार 15 साल तक चली। कभी किसी गरीब के घर गैस आई क्या? किसी गरीब को घर मिला क्या? किसी गरीब को मुफ्त शौचालय मिला क्या? गरीब को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली थी क्या? समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा की राम सेवकों, कार सेवकों पर समाजवादी पार्टी ने गोली चलाई थी, डंडे चलाए थे। मैं कहना चाहता हूं अखिलेश यादव जितनी ताकत है लगा लो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब भूमि पूजन कर दिया है। कुछ ही महीनों में आकाश को छूता हुआ प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने वाला है। ये भाजपा की ही सरकार है, जो कहती है वही करती है। अमित शाह ने कहा कि इत्र कारोबारी के घर से जो करोड़ों के थैले निकल रहे हैं, उससे अखिलेश यादव को मचलन हो रही है। अरे भाई जब पैसा आपका नहीं है तो क्यों परेशान हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सोमवार 19 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। एक ओर सत्र से पहले जहां सर्वदीलय बैठक होने वाली है तो वहीं लंबे समय से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने सत्र के दौरान अपने विरोध को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ बैठक की है। बताया जा रहा है कि किसानों ने जंतर-मंतर पर किसान संसद लगाने की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने मानसून सत्र के दौरान किसानों के संसद घेराव के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो के 7 मेट्रो स्टेशन (जनपथ, लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, उद्योग भवन) पर अतिरिक्त निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद करने के लिए पत्र लिखा। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर मानसून सत्र के दौरान संसद के पास नियोजित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सिंघू सीमा के पास किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैतो का कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा अपना जाने वाले मार्गों पर चर्चा की जानी चाहिए। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया था कि आज दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक है, बैठक में 22 जुलाई के कार्यक्रम की चर्चा होगी। 22 जुलाई को हमारे 200 लोग संसद जाएंगे। हमने विपक्ष के लोगों से भी कहा है कि वो अपनी बात सदन में उठाएं। वहीं बसपा प्रमुख मायावती का कहना है कि किसानों की मांगों के संबंध में संसद में केंद्र पर हर तरह का दबाव बनाना जरूरी है। केंद्र सरकार की गलत आर्थिक और अन्य नीतियों की वजह से देश में बढ़ती बेरोजगारी के बीच महंगाई के आसमान छूने से लोगों के सामने काफी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इसके साथ ही मायावति ने ट्वीट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि पंजाब के कांग्रेसी सीएम द्वारा किसानों के आन्दोलन को लेकर विभिन्न आशंकाएं व्यक्त करते हुए पीएम को लिखा गया। पत्र नए कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दे रहे किसानों के आन्दोलन को बदनाम करने की साजिश व उसकी आड़ में चुनावी राजनीति करना घोर अनुचित।
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बिजनेस डेस्क। पोस्ट ऑफिस (Post Office) में वैसे तो कई तरह की सेविंग्स स्कीम्स हैं, जिनमें पैसा लगा कर गारंटीड रिटर्न हासिल किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में बैंकों की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है, वहीं यहां निवेश पूरी तरह सुरक्षित होता है। इसकी वजह यह है कि सरकार पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर सॉवरेन गांरटी (Sovereign Guarantee) देती है। बैंकों में यह गारंटी नहीं मिलती। आज हम आपको बताने जा रहे हैं पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी स्कीम के बारे में, जिसमें पैसा लगाकर आप मैक्सिमम प्रॉफिट हासिल कर सकते हैं। जानें इसके बारे में। (फाइल फोटो) टिकटॉक (TikTok) की पेरेंट कंपनी बाइटडांस (Bytedance) को भारत में तगड़ा झटका लगा है। भारत सरकार ने टैक्स चोरी के आरोप में उसके बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया है। बता दें कि टिकटॉक पर पिछले साल ही तब सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था, जब सीमा पर चीन के साथ भारतीय सेना की झड़प हुई थी। बिजनेस डेस्क। नए वित्त वर्ष में अगर आप इन्वेस्टमेंट करने के बारे में सोच रहे हैं, तो अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड को भी रख सकते हैं। इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुल निवेश का 10-15 फीसदी गोल्ड में भी जरूर करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि गोल्ड में हमेशा स्टेबल रिटर्न मिलता है। वहीं, लॉन्ग टर्म में गोल्ड में निवेश से बेहतर मुनाफा मिलने की गारंटी होती है। इन्वेस्ट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले 10 सालों में गोल्ड अप्रैल और अगस्त के महीने में ज्यादा महंगा हो जाता है। वहीं, मई में इस पर कुछ दबाव बना रहता है। हाल के दिनों में गोल्ड की कीमतों में कमी आई है, पर मार्केट के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में इसकी कीमत बढ़ेगी। वहीं, कोरोना महामारी की दूसरी लहर आ जाने से गोल्ड में निवेश बढ़ने लगा है। (फाइल फोटो) बिजनेस डेस्क। 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होने जा रही है। इस वित्त वर्ष में सरकार ने कई नियमों में बदलाव किया है, जिसका असर नौकरीपेशा से लेकर बिजनेस करने वालों और आम आदमी पर पड़ेगा। जिन नियमों में बदलाव किए गए हैं, उनमें पीएफ (PF) पर टैक्स, डीए (DA), आईटीआर (ITR) और इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े नियम शामिल हैं। 1 अप्रैल से EPF में ज्यादा पैसा कटवाने पर टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, बजट में की गई घोषणाओं के मुताबिक, 75 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को इस बार इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से राहत दी गई है। वहीं, जो लोग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है। जानें नियमों और उनके असर के बारे में। (फाइल फोटो) पैन कार्ड (PAN Card) को आधार कार्ड (Aadhar Card) से लिंक कराने की समय सीमा अब 30 जून हो गई है। पहले यह डेडलाइन 31 मार्च 2021 था। अब 30 जून तक आधार लिंकिंग की प्रॉसेस पूरी नहीं की गई, तो पैन कार्ड डिएक्टिवेट यानी निष्क्रिय हो जाएगा और उसके इस्तेमाल पर जुर्माना देना होगा। देश में हैकर्स समय-समय पर इंटरनेट यूजर्स को अपना निशाना बनाते रहे हैं। हाल के दिनों में हैकिंग की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। अभी हैकर्स ने यह दावा किया है कि उन्होंने पेमेंट ऐप मोबिक्विक (Mobikwik) के करोड़ों भारतीय यूजर्स का डेटा चुरा लिया है। बिजनेस डेस्क। पोस्टल डिपार्टमेंट (Department of Posts) ने सोर्स पर कटौती (TDS) को लेकर एक नया नियम जारी किया है। यह नियम पोस्ट ऑफिस की किसी भी स्कीम से कैश की निकासी को लेकर है। यह नियम पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर भी लागू होगा। वहीं, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी इनकम टैक्स एक्ट 1961 में एक नया सेक्शन 194N जोड़ा है। इसका असर इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों पर पड़ेगा। जानें कितनी राशि की निकासी पर टीडीएस की कटौती की जाएगी। (फाइल फोटो) क्रेडिट कार्ड (Credit Card) या डेबिट कार्ड (Debit Card) के जरिए पेमेंट करने के नियमों में 1 अप्रैल से बदलाव होने जा रहा है। इनके बारे में जानना जरूरी है। बिजनेस डेस्क। लाइफ इन्श्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) देश की सबसे बड़ी सरकरी बीमा कंपनी है। यह एक ऐसी बीमा कंपनी है, जिस पर लोगों को सबसे ज्यादा भरोसा है। एलआईसी समय-समय पर लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी पॉलिसी निकालती रहती है। एलआईसी की कई पॉलिसी ऐसी हैं, जिसमें मेच्योरिटी के बाद अच्छा-खासा रिटर्न मिलता है, वहीं लाइफ कवर भी मिलता है। लाइफ इन्श्योरेंस के टर्म प्लान में लाइफ कवर की बड़ी सुविधा मिलती है। वहीं, एलआईसी के कुछ सेविंग्स प्लान भी हैं। एलआईसी का नेटवर्क पूरे देश में फैला है। इसके एजेंट बड़े शहरों से लेकर कस्बों और देहातों तक में मौजूद है। वहीं, अब इसमें ऑनलाइन पॉलिसी लेने और प्रीमियम जमा करने की भी सुविधा मिलती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं एलआईसी की एक खास पॉलिसी के बारे में। इसमें गांरटीड टैक्स फ्री रिटर्न मिलता है। जानें डिटेल्स। (फाइल फोटो) पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने एक खास फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम शुरू की है। इस स्कीम का नाम उत्तम (Uttam) फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम है। पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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इंडिया न्यूज, नई दिल्लीः देश में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है और तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है। उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक सात चरणों में मतदान होंगे। जबकि पंजाब, उत्तराखण्ड व गोवा में 14 फरवरी को और मणिपुर में 27 व 3 मार्च को मतदान होंगे। देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा और 403 विधानसभा सीटें हैं। 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 312 सीटों पर कब्जा किया था। जबकि 2012 से लेकर 17 तक सत्ता में रहने वाली सपा मात्र 47 सीटों पर आकर सिमट गई थी। वहीं पंजाब में 117 विधानसभा सीटें हैं। यहां कैप्टन अमिरंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने मोदी लहर को नाकाम करते हुए 77 सीटें जीती थी जबकि अकाली दल को 15 सीटें मिली थी। यहां भाजपा ने सिर्फ 3 सीटें ही जीतें थी। सबसे बड़ी बात यह थी कि पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आप ने 20 सीटें जीतें थी। इससे पहले 10 साल तक अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार सत्ता में रही थी। उधर उत्तराखंड 70 विधानसभा सीटें हैं। यहां 5 भाजपा ने ने 56 सीटें जीती थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 11 सीटें आई थी। बीजेपी यहां पर 5 साल में 3 मुख्यमंत्री भी बदल चुकी है। वहीं गोवा में 40 विधानसभा सीटें हैं। 2017 में यहां कांग्रेस 17 सीटें जीती थी जबकि भाजपा ने 13 सीटें जीती थी। एनसीपी के खाते में 1 और अन्य के खाते में 9 सीटें आई थी। भाजपा ने यहां दूसरी पार्टियों के सहयोग से सरकार बना ली थी। मणिपुर में कुल 60 विधानसभा सीटें हैं। 2017 में यहां कांग्रेस 28 सीटें जीती थी जबकि भाजपा ने 21 सीटें जीती थी। एनपीफ के खाते में 4 और अन्य के खाते में 7 सीटें आई थी।
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'बॉम्बे वेलवेट' अनुराग कश्यप की सबसे बड़े बजट में बनने वाली फिल्मों में से एक थी. जो 125 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट में बनी थी. हालांकि इस फिल्म ने बमुश्किल 43 करोड़ की कमाई की थी. तीसरे दिन ही ये इस फिल्म को थिएटर्स से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. महामारी के बाद रिलीज हुई इस फिल्म से मेकर्स को बहुत उम्मीदें थीं. हालांकि बुरी तरह फ्लॉप हुए ये फिल्म अपना बजट भी नहीं निकाल पाई. जिसके बाद अर्जुन कपूर, दिशा पाटनी और जॉन अब्राहम के करियर पर भी इसका असर पड़ा. लाल सिंह चढ्डा आमिर खान के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक थी. इस फिल्म को 180 करोड़ के भारी-भरकम बजट में 4 साल की मेहनत के बाद तैयार किया गया था. फिल्म का प्रमोशन भी काफी अच्छा हुआ. हालांकि जब ये फिल्म रिलीज हुई तो बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. जिसके बाद फिल्म के मेकर्स को लगभग 100 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था. खबरों की मानें तो फिल्म के फ्लॉप होने पर आमिर खान ने इसकी एक्टिंग फीस भी छोड़ दी थी. फिल्म 'रूप की रानी चोरों का राजा' 1993 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म से मेकर्स को खासी उम्मीदें थीं, यहीं वजह थी कि जब फिल्में महज 1-2 करोड़ रुपए के बजट में तैयार की जाती थीं उस समय इस फिल्म को 9 करोड़ के बजट में बनाया गया था. फिल्म में श्रीदेवी और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारे थे, लेकिन फिर फिल्म ये फिल्म बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई और अपने बजट का एक तिहाई निकालने में भी कामयाब नहीं हो पाई. मणिरत्नम के निर्देशन में बनी 'रावण' में ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन जैसी स्टारकास्ट थी. हालांकि फिल्म फिर भी कामयाब नहीं हो पाई और बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई. सावंरिया 2007 में रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की मोस्ट अवेटेड फिल्म में से एक थी. हालांकि बेहतरीन सेट, कास्ट्यूम और स्टारकिड्स की मौजूदगी भी इस फिल्म को हिट नहीं करवा पाई. 45 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म बुरी तरह फ्लॉप तो साबित हुई ही, साथ ही ये अपना बजट भी नहीं निकाल पाई. रिलीज से पहले 'काइट्स' से ऋतिक रोशन की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जा रही थी, हालांकि जब ये फिल्म रिलीज हुई तो अपने बजट का आधा हिस्सा भी नहीं निकाल पाई. बुरी तरह फ्लॉप हुई इस फिल्म की विफलता का श्रेय इसकी स्क्रिप्ट और भाषा को दिया गया. इस लिस्ट में हाल ही में रिलीज हुई आदिपुरुष का भी नाम शामिल है. रिलीज से पहले इस फिल्म का अच्छा खासा बज था जो रिलीज के बाद विवादों में बदल गया. 500 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म आधा बजट भी नहीं निकाल पाई है. साथ ही फिल्म के मेकर्स को इतिहास से छेड़छाड़ करने के चलते अब कोर्ट के चक्कर भी काटने पड़ रहे हैं.
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अंडर-19 एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ 90 रन की पारी खेलकर शेख रशीद ने टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचाया। रशीद आंध्र प्रदेश के गुंटूर के रहने वाले हैं। रशीद को क्रिकेटर बनाने में पिता शेख बलीशा ने बहुत बड़ा किरदार निभाया और कई कुर्बानियां भी दीं। रशीद को बल्लेबाजी की प्रैक्टिस कराने के लिए उन्होंने बैंक की नौकरी को छोड़ दी। बलीशा अब बेटे की पारी से बेहत खुश हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि एक दिन उनका बेटा टीम इंडिया के लिए खेलेगा। बलीशा ने बताया कि वे प्राइवेट बैंक में जॉब करते थे। उन्होंने देखा कि रशीद को प्रैक्टिस करने में दिक्कत आ रही है। तब वे नौकरी छोड़ कर रशीद को प्रैक्टिस कराने लगे। बलीशा अब भी कोई जॉब नहीं कर रहे हैं। घर का खर्च पहले की सेविंग से चलता है। बलीशा ने बताया कि रशीद का चयन पहले आंध्र प्रदेश की अंडर-14 टीम और बाद में अंडर-16 टीम के लिए हुआ। रशीद दोनों वर्गों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए, जिसके बाद वह डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया। लेकिन पिता के समझाने के बाद वे फिर से ट्रेनिंग करने लगे और आंध्र प्रदेश की टीम में जगह बनाई। इसके बाद उनके करियर का ग्राफ ऊपर चढ़ता गया और वे देश की अंडर-19 टीम में चुन लिए गए। रशीद की मुलाकात 8 साल की उम्र में टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज लक्ष्मण से हुई थी। रशीद के पिता ने बताया कि एक घरेलू टूर्नामेंट के फाइनल में लक्ष्मण मुख्य अतिथि थे। उस समय वो टीम इंडिया के लिए खेलते थे। रशीद ने उस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था और लक्ष्मण ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया था। जिसके बाद रशीद उनसे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना लक्ष्य टीम इंडिया के लिए खेलने के लिए बना दिया। बलीशा ने बताया कि गुंटूर में जब वह रहते थे तो रशीद कॉलोनी में ही अन्य बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते थे। वे शुरू से ही बल्लेबाजी करना पसंद करते थे। कई बार वे इतनी जोर से शॉट मारते थे कि लोगों के घरों दरवाजों और खिड़कियों के कांच टूट जाते थे। लोग इसकी शिकायत उनसे किया करते थे। तब फिर उन्होंने सोचा कि क्यों न उसे क्रिकेट की ट्रेनिंग कराई जाए। फिर रशीद को आंध्र प्रदेश क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन कराने के लिए तैयारी करवाई। बाद में रशीद का सिलेक्शन हैदराबाद में आंध्र प्रदेश की क्रिकेट एकेडमी में हो गया। जिसके बाद पूरा परिवार ही हैदराबाद शिफ्ट हो गया। बलीशा ने कहा कि वह भी क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसलिए वह चाहते थे कि उनके दो बेटों में से कोई उनके सपने को पूरा करे। बड़ा बेटा पढ़ाई में अच्छा था। जबकि छोटा रशीद को क्रिकेट खेलना पसंद था। इसलिए उन्होंने रशीद को क्रिकेटर बनाने की ठानी। अब वह चाहते हैं कि रशीद देश के लिए खेलकर उनका सपना पूरा करें। रशीद के पिता ने बताया कि रशीद कोहली को अपना आदर्श मानते हैं। वह उन्हीं की तरह बल्लेबाजी करना चाहते हैं। वह उनके स्टाइल को भी फॉलो करते हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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सरल की और उत्पाद के किनारे डिजाइन करने के लिए एक ही समय शानदार तरीका में एक crocheted किनारी या सीमा की मदद से एक सजावट है। सही ढंग से धागा चयनित और हुक एक समाप्त देखो और निटवेअर, और कपड़े कपड़े से देने के लिए अनुमति देगा। यह के लिए एक अद्भुत सजावट बुना हुआ ओपेन वार्क रिम रूप में कार्य करता शॉल (हुक), योजनाओं को बनाने के लिए है कि पत्रिकाओं में प्रचुर मात्रा में हैं। परंपरागत रूप से एक ट्रिम आस्तीन और हेम कपड़े, तौलिए और नैपकिन, तौलिए और कंबल, कालीन और अन्य घरेलू सामान के साथ सजाया। बुनना हेम और अधिक असाधारण रास्ता लागू करें। उदाहरण के लिए, यह चमड़े के उत्पादों के किनारे को सजाने, साथ ही फर्नीचर को सजाने। अपने आवेदन फीता किनारी और scrapbooking के रूप में इस तरह के रूप शिल्प पाता है। मुख्य उत्पाद रिम के लिए, crocheted, जिसके लिए सर्किट बहुत ही विविध हैं, यह कई spoosbami द्वारा संलग्न किया जा सकता है। - आमतौर पर, निटवेअर रिम एक हुक के साथ सीधे जुड़ा हुआ है। लूप्स उसके आधार के लिए मुख्य बातें कर रहे हैं और वह आधार वेब के एक निरंतरता के रूप में लंबाई जोड़ें। इस प्रकार, उदाहरण के लिए, शॉल रिम हुक के लिए किया जाता है। योजनाएं इस तरह खत्म शॉल सर्किट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन वे भी अलग से चुना जा सकता है। - एक ही विधि, डिजाइन और किनारी कपड़े के निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता उदाहरण मिटा के लिए। इस मामले में, हुक छोटे आकार (संख्या 0. 3, 0. 5, या संख्या № 0,75) और ठीक धागा लिया जाता है, अधिमानतः ऊतक उत्पादों के लिए उपयुक्त एक रचना जो जारी करने के लिए आवश्यक है करने के लिए। हुक ऊतक में सीधे इंजेक्ट किया, और कैनवास अनुसूचित जाति के बिना, पदों के किनारे के आसपास लिपटे है। अगला फिट रिम हुक, जो सर्किट की तरह Needlewoman। - लेकिन आप अन्य रास्ता तय कर सकते हैंः कपड़े किनारे obmetochnym टांका सुई है, जो vdevaetsya धागा, भविष्य में तैयार किया गया crochet प्रदर्शन करने के लिए लिपटा है। सीमा योजनाओं यादृच्छिक पर चुना जाता है। इस मामले में, सीवन टांके आधार होगा, लेकिन यह कैनवास बाँध होगा। - पृथक फिट रिम हुक, सर्किट जो किसी विशेष उत्पाद के डिजाइन के लिए उपयुक्त है, और फिर एक सिलाई मशीन पर या हाथ से कपड़े ओवरलैप के साथ ही सिल हैः निम्न विधि सरल हो रहा है। लेकिन इस विधि अधिक अभ्यास पहले में मुश्किल हो सकता है। तथ्य यह है crocheted सीमा कपड़े की तुलना में अधिक लोच है कि, इसलिए जब सिलाई थोड़ा बढ़ाया है, जिससे कि लेख के किनारे की लंबाई और सबसे रिम मेल नहीं खाते। आदेश में इस से बचने के लिए, यह नमूना सीमा लिंक और सही ढंग से बुनाई का घनत्व, टी। ई गिनती कितने छोरों 10cm उत्पाद के लिए है, तो आवश्यक गणना करने के लिए गणना करने के लिए सिफारिश की है। साथ या भर में हैंः crochet योजना आप की तरह किनारा बुना हुआ, दो तरह से बनाया जा सकता है। खैमाह भर में जुड़ा हुआ है, एक चक्र में प्रदर्शन या पंक्तियों को बढ़ाकर जब तक यह आवश्यक चौड़ाई तक पहुँच जाता है (यदि आप उसे पोशाक या कपड़े का आस्तीन टाई करना चाहते हैं)। इस तरह के एक खत्म का सबसे सरल रूप तथाकथित "rachy कदम है। " अनुसूचित जाति अनुसूचित जाति या अधिक के साथ nakida बिना सरल बाध्यकारी कॉलम भी इस रिम के लिए विचार किया जा सकता। इस तरह की डिजाइन विधि के साथ भी अभी शुरुआत needlewoman, केवल इस तरह के crochet के रूप में एक तकनीक स्वामी को संभालने के लिए। इस मामले में सीमा योजना की आवश्यकता नहीं है। आप हेम बुनी और ब्लेड बांध के साथ कर सकते हैं। सीमा की चौड़ाई सर्किट सेट कर दिया जाता है, और लंबाई बुनाई के दौरान समायोजित किया जा सकता। "अनुमान" पहली नजर पार के आयाम की तुलना में आसान पर एक सीमा के लिए आवश्यक लंबाई, लेकिन नमूना लिंक और गणना बुनाई का घनत्व अभी भी चोट नहीं किया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए उत्पाद डिजाइन के साथ कि सीमा "अचानक" समाप्त नहीं है तालमेल के बीच है, जो प्रतिकूल तैयार उत्पाद की उपस्थिति को प्रभावित करेगा में आवश्यक है। पूरी तरह से उत्पाद से संबंधित ओपेन वार्क crochet सीमा का पूरक है। आरेख और इन हस्तशिल्प के विवरण को खोजने के लिए आसान है। ऐसा लगता है कि इतना बहुत प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने। विशेष रूप से सुंदर जुड़े रिम हुक, "अनानास" festoons जो सर्किट "खोल" के विभिन्न प्रकार के एक पैटर्न शामिल हैं। इस तरह की एक सीमा "खोल" या अन्य मदों की एक संख्या से एक हो सकता है और काफी व्यापक हो सकता है - यह चयनित विकल्प पर निर्भर करता है। सीधे शब्दों में अद्भुत हो सकता है के रूप में इसे दूसरे तरीके से संबंधित हो ओपेन वार्क crochet सीमा। इसके कार्यान्वयन के लिए योजना के रूप में सबसे सरल पाया, और केवल अनुभवी बुनाई करने की ऐसी है कि एक शक्ति। वार्क सीमा एक ही पंक्ति या पंक्तियों की कुछ दसियों, जो विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब स्कर्ट, आस्तीन पर या पतलून पर झमेलें बुनाई शामिल हो सकते हैं। आदेश में विस्तृत रिम हुक योजना के कई स्तरों सबसे साधारण लिया करने के लिए कनेक्ट होने के लिए। आरेख के अनुसार पहली परत बुनाई, तो रिवर्स साइड पर इस के सिवा घने वेब dovyazyvayut, एक या दो अनुसूचित जाति के साथ स्तंभों की आम तौर पर मिलकरः अगली इस प्रकार आगे बढ़ें। आदेश धागा को बचाने के लिए और उत्पाद घने कपड़े सुविधाजनक बनाने के लिए अक्सर sirloin ग्रिड बदल दिया। तत्व की चौड़ाई ओपेन वार्क शटल की चौड़ाई से थोड़ा छोटा होता है। इसके बाद, यह अगले शटलकॉक पर लंबाई जोड़ें। आप वेतन वृद्धि के साथ कपड़े बुना, तो प्रत्येक अगले स्तर अधिक विलासी पिछले हो जाएगा। कपड़ा, तौलिए, पर्देः पट्टिका तकनीक में किए गए बॉर्डर्स पारंपरिक रूप से सजाने वस्त्र उद्योग के लिए प्रयोग किया जाता है। लेकिन यह भी एक परिष्करण फीता एक पट्टिका आवेषण, जो स्वयं उत्पाद जारी साथ कपड़ों के लिए बहुत ही आकर्षक लग रहा है, विशेष रूप से संयोजन में। Circuitry पैटर्न एक पट्टिका सीमा सेट बनाने के लिए। उनमें से कुछ विशेष रूप से बुनाई करने के लिए डिजाइन किए हैं। लेकिन यह देख सकते हैं और जुड़े पट्टिका crochet सीमा है, जहां योजना मूल रूप से कढ़ाई के लिए डिजाइन किया गया था, विशेष रूप से मोनोक्रोम करने के लिए अच्छा होगा। टेप फीता का उपयोग अच्छी तरह से रोकने में एक अच्छा विचार लगता है के रूप में। यह प्रभावशाली लग रहा है, विशेष रूप से एक साधारण चिपचिपा या कपड़े के साथ संयोजन में। इसके अलावा, जब कपड़े डिजाइन जैविक, उदाहरण के लिए दिखाई देगा, टेप फीता के नीचे उत्पाद सजाया रिम, बेल्ट के साथ संयुक्त, उसी तकनीक के साथ बनाया। Knit टेप फीता ओपेन वार्क के रूप में के रूप में आसान नहीं है, लेकिन यह एक सच में असामान्य और मूल रिम हुक पैदा करता है। आरेख और विवरण, साथ ही बुनाई फीता रिबन पर कार्यशालाओं आसानी से पाया जा सकता है। यह आयरिश फीता के तत्वों का उपयोग करके एक खास जगह प्रतिबंध पर है। वे एक बुनाई तकनीक unseparated का उपयोग कर बुना हुआ है। लेकिन तुम, फूल और पत्तियों की एक सीमा, पारंपरिक "आयरलैंड" आकर्षित कर सकते हैं एक अनियमित ग्रिड या युग्मन साधनों के माध्यम से एक दूसरे के लिए उन्हें जोड़ने। देखने के लिए फायदेमंद है, उदाहरण के, रसोई तौलिए या पर्दे के लिए, आयरिश फीता के किनारे तत्वों के साथ सजाया जाता है और कपड़े बुना हुआ तत्व है जो रोकने की शैली का खंडन नहीं करते पर सिले। इस तरह की योजनाओं के साथ बुना हुआ crochet सीमा जाहिर है, हो सकता है, लेकिन आप विशिष्ट विवरण, शो कल्पना बिना कर सकते हैं। परंपरागत रूप से एक रंग फिट रिम। रंग बुनियादी उत्पाद के स्वर के साथ मेल खाना सकता है, और यह या इसके विपरीत के साथ संयुक्त - यह सब स्वाद और कल्पना एक बुनाई करने पर निर्भर करता है। लेकिन अलग अलग रंग का उपयोग एक सीमा बनाने के लिए के रूप में यह वर्जित नहीं है। इसके विपरीत, सादा सामान, बहुरंगी सीमा के साथ सजाया, हंसमुख और उज्ज्वल लग रहा है। और, बेशक, शानदार बहुरंगी हाशिये देखो अगर needlewoman को सजाने के लिए उत्पाद न केवल एक सीमा, लेकिन यह भी, उदाहरण के लिए, बुना हुआ पिपली या मात्रा तत्वों, crocheted है का फैसला किया जाएगा। एक ही इन सजावट और रिम बनाने के लिए इस्तेमाल रंग, एक पूरी छवि बनाने, और तैयार बात को अधिक आकर्षक और दिलचस्प हो जाता है। नीचे सीमा crochet के प्रदर्शन के कुछ सरल विवरण है। यह एक सरल नाजुक सीमा, एक पंक्ति में जुड़ा हुआ है। यह कॉलम के होते हैं, अनुसूचित जाति के बिना polustolbikov और स्तंभों अनुसूचित जाति के साथ अनुसूचित जाति। polustolbik अनुसूचित जाति के साथ है, तो 3 स्तंभ एक अनुसूचित जाति के साथ बुनियादी बातों का एक ही पाश में, और फिर - - इस दोहन पूरा करने के लिए, चेहरे पर उत्पाद बारी में, अगले सेंट provyazyvayut कॉलम में एक हवा लिफ्ट पाश अनुसूचित जाति के बिना, तो अगले पाश प्रदर्शन फिर से polustoblik अनुसूचित जाति के साथ। अगले पाश फिर से अनुसूचित जाति के बिना स्तंभ provyazyvaetsya। इसके बाद, उसी क्रम में जारी है। गोले के किनारे बुनाई का एक और तरीका है। यह खत्म 3 श्रृंखला के होते हैंः - 2 श्रृंखलाः provyazyvayutsya बुनाई 5 बदल जाता है और हवा छोरों (3 छोरों और 2 हवा लिफ्ट पाश), तो पिछली पंक्ति की nakida हवा पाश बिना stoblik 4 और 1 से अधिक पिछली पंक्ति की nakida हवा पाश बिना स्तंभ 1, हवाई पाश फिट। एक नंबर provyazyvayutsya 2 हवा पाश के पूरा होने पर, पिछली पंक्ति के अंतिम पाश एक स्तंभ 1 अनुसूचित जाति के बिना किया जाता है। - 3 रेंजः बुनाई provyazyvaetsya एयरबैग पाश 1 और स्तंभ 1 घुमाया अनुसूचित जाति के बिना। पिछली पंक्ति 4 हवा उसी तरह जैसा कि पिछले नमूना में किया गया था में खोल निष्पादित छोरों के कट्टर के लिए अगलाः स्तंभ, अनुसूचित जाति polustolbik अनुसूचित जाति के बिना, 3 स्तंभ के साथ साथ अनुसूचित जाति के साथ, अनुसूचित जाति polustolbik और स्तंभ अनुसूचित जाति के बिना। शंख provyazyvayutsya इस प्रकार पंक्ति के अंत तक। कई श्रृंखला 5 हवा छोरों की पंक्ति पूर्ववर्ती के तीसरे पाश में अनुसूचित जाति के बिना स्तंभ समाप्त होता है। मूल रूप से हाशिये के किनारे लग रहा है। Knit यह भी कई तरीकों से किया जा सकता हैः - स्तंभों की Provyazyvaetsya संख्या, अनुसूचित जाति के बिना। अगली श्रृंखला के रूप में निम्नानुसार किया जाता हैः 1 हवा पाश 1 बार बिना nakida जल्दी श्रृंखला तो तालमेल हो जाता है - पिछली पंक्ति के एक ही पाश पर बुनी अगले पाश provyazyvaetsya nakida बिना 1 बार, 15 हवा पाश की एक श्रृंखला और जोड़ने बार, कि पिछले कॉलम, अनुसूचित जाति के बिना। - में "स्प्रिंग्स" किनारे विचार पिछले एक के समान है, लेकिन 15 हवाई छोरों की एक श्रृंखला की स्थापना के बाद उस पर बुनाई जारी है। 1 पाश अनुसूचित जाति के बिना हवा, बाद में हवा provyazyvaetsya 2 कॉलम में से प्रत्येक को छोड़ दिया। पिछले अवतार में वर्णित के रूप में तैयार "एक स्प्रिंग" जोड़ने स्तंभ के आधार से जुड़ी है।
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।श्यामलिमा (Shyamalima) भगवान शनि देव और हनुमान जी को कुंभ राशि का आराध्य देव माना जाता है। कुम्भ राशि के श्यामलिमा नाम की लड़कियों की उत्तेजना और परिसंचरण को यूरेनस ग्रह द्वारा नियंत्रित किया जाता है। जिस समय वृक्ष फलों और फूलों से भर जाते हैं उस मौसम में श्यामलिमा नाम की लड़कियाँ जन्म लेते हैं। श्यामलिमा नाम की लड़कियाँ गुस्सैल प्रवृत्ति के होते हैं। इन श्यामलिमा नाम की लड़कियों को अस्थमा, एलर्जी, सूजन और हृदय रोगों का खतरा रहता है। इस श्यामलिमा नाम की लड़कियों में बुद्धि, ऊर्जा और प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती और ये डोरसों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इन्हें दोस्ती करना पसंद होता है। श्यामलिमा नाम बहुत सुंदर और आकर्षक माना जाता है। इतना ही नहीं इसका मतलब भी बहुत अच्छा होता है। आपको बता दें कि श्यामलिमा नाम का अर्थ काला होता है। काला मतलब होने के कारण श्यामलिमा नाम बहुत सुंदर बन जाता है। अगर आप अपने बच्चे को श्यामलिमा नाम देते हैं तो जीवनभर के लिए उसका संबंध इस नाम के मतलब यानी काला से हो जाएगा। वेदों में भी ये बात कही गई कि शिशु को श्यामलिमा देने से पहले माता-पिता को इसकी पूरी जानकारी लेनी चाहिए। माना जाता है कि श्यामलिमा नाम वाले व्यक्ति के स्वभाव में काला होने की झलक देख सकते हैं। नीचे श्यामलिमा नाम की राशि, लकी नंबर और स्वभाव एवं काला के बारे में विस्तार से बताया गया है। श्यामलिमा नाम की महिलाएं शनि ग्रह के अधीन आती हैं। इनका शुभ अंक 8 होता है। धन के मामले में 8 अंक वाली श्यामलिमा नाम की लड़कियों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आती है। इनमें धन को संचय कर के रखने का गुण होता है। 8 अंक वाली श्यामलिमा नाम की युवतियां जीवन में अपने नियम खुद बनाती हैं। श्यामलिमा नाम की लड़कियों की संगीत में काफी रुचि होती है। श्यामलिमा नाम की लड़कियां मेहनत और लगन से सफल होती हैं। ये किस्मत पर निर्भर नहीं रहती। इस अंक वाली श्यामलिमा नाम की लड़कियों का स्वभाव काफी दयालु होता है लेकिन इन्हें सफलता देरी से प्राप्त होती है। कुंभ, श्यामलिमा नाम की लड़कियों की राशि है। खुद पर कंट्रोल रखने वाली और बहुत नरम दिल की होती हैं श्यामलिमा नाम की लड़कियां। इनमें गुणों की कोई कमी नहीं होती है। श्यामलिमा नाम वाली लड़कियां बहुत बुद्धिमान होती हैं और ये अपनी बुद्धिमत्ता पर गर्व महसूस करती हैं। कुम्भ राशि की महिलाएं जिनका नाम श्यामलिमा होता है, वे आसानी से किसी के समझ नहीं आती हैं। वैसे तो श्यामलिमा नाम की लड़कियां सबके साथ अच्छी तरह बात करती हैं, लेकिन दोस्त बहुत ही ध्यान से बनाती हैं। श्यामलिमा नाम की लड़कियां दूसरों के प्रति काफी सहानुभूति रखती हैं और लोगों की मदद करना इन्हें अच्छा लगता है। ।सौंदर्य और बुद्धिमान (Vrsaparvan की बेटी)
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सुशांत सिंह राजपूत के मामले में बिहार पुलिस और मुंबई पुलिस आमने-सामने आ गई है। वहीं इस केस को लेकर राजनीति एंगल भी काफी मजबूत होता जा रहा है। विपक्ष लगातार उद्धव सरकार पर सवाल उठा रहा है। सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) मामले में हर दिन नया मोड़ देखने को मिल रहा है। वहीं फैंस पुलिस जांच से नाखुश नजर आ रहे है। आए दिन सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह राजपूत ट्रेंड करते रहते है। इस मामले को लेकर बिहार पुलिस और मुंबई पुलिस आमने-सामने है। इस मामले की जांच करने मुंबई आए बिहार के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को क्वारंटाइन के लिए भेज दिया है। विनय तिवारी के हाथ पर 15 अगस्त तक के लिए क्वारंटाइन की मुहर लगा दी। जिसके बाद से उद्धव ठाकरे पर लगातार सवाल खड़े हो रहे है। इस कड़ी में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने उद्धव सरकार पर निशाना साधा। देवेंद्र फडणवीस ने अपने बयान में कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर गुत्थी को सुलझाने के बजाए ऐसा बर्ताव बड़ा जन आक्रोश को बढ़ावा देगा और लोगों में अविश्वास की भावना पैदा होगी। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि केरल की मेडिकल टीम मुंबई आई। यूपी पुलिस की टीम विकास दुबे मामले की जांच करने मुबंई आई। बिहार पुलिस की एक टीम मुंबई में पहले से चार दिनों से काम कर रही है लेकिन उनमें से किसी को आइसोलेशन में नहीं भेजा गया, तो अब एसपी रैंक के अधिकारी के साथ ही ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है ? आपको बता दें कि इस केस में सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के पिता केके सिंह का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उनके पिता 25 फरवरी को मुंबई पुलिस को मैसेज भेजकर उनसे मदद की अपील कर रहे है और बता रहे है कि उनके बेटे की जान को खतरा है। बावजूद इसके मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने कुछ नहीं किया। वीडियो के वायरल होने पर इस वीडियो को लेकर मुंबई पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पिता या परिवार के किसी भी सदस्य ने कोई भी लिखित शिकायत पुलिस स्टेशन में दर्ज नहीं कराई थी।
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रसूलाबाद विकासखंड के ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का खेल चरम सीमा पर खेला जा रहा है। शिकायतकर्ता शिकायत तो करता है, लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा शिकायत में जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। जहां समाजसेवी लगातार आवाज बुलंद करके हो रहे निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किए जाने का आरोप लगाकर जांच कराने के लिए लगातार उच्च अधिकारियों से शिकायत करता है, लेकिन शिकायत के बावजूद भी जांच पड़ताल में खानापूर्ति करके जिले के उच्च अधिकारियों को गुमराह किया जाता है। रसूलाबाद विकासखंड क्षेत्र के अटिया रायपुर ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग निर्माण से लेकर नाली निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग ग्राम प्रधान के द्वारा लगातार किया जा रहा है। जहां पर समाजसेवी अजीत शर्मा ने शिकायत करके जिम्मेदारों से जांच कराने की मांग की थी, लेकिन तहसील दिवस में शिकायत करने के बावजूद भी सुनवाई ना होते देख समाजसेवी ने जिले के उच्च अधिकारियों से शिकायत पत्र देकर नाली निर्माण इंटरलॉकिंग निर्माण सहित पंचायत भवन में घटिया सामग्री उपयोग किए जाने का आरोप लगाकर जांच कराने की मांग की। जहां पर जिलाधिकारी नेहा जैन ने समाजसेवी की शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारी को जांच पड़ताल करने के लिए दिशा निर्देश दिए, लेकिन स्थानीय अधिकारियों के द्वारा जांच पड़ताल में खानापूर्ति की गई और हुए भ्रष्टाचार के मामले को लेकर चुप्पी साध ली गई। समाजसेवी का आरोप है जिम्मेदारों की सांठगांठ से भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है। सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन जांच के नाम पर भी अब जिम्मेदार अधिकारी खानापूर्ति कर मामले को रफा-दफा करने में लगे हुए हैं। पूरे मामले पर रसूलाबाद विकासखंड के जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने बोलने से बचते हुए नजर आए। जहां पर जांच कराने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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मुंबई. दुनियाभर में कोरोना की वजह से दहशत फैली हुई है। भारत में इस महामारी से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। आमजनों की तरह बॉलीवुड सेलेब्स भी अपने-अपने घरों में कैद है। हालांकि, सेलेब्स सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव हैं। इसी बीच सेलेब्स से जुड़े कई किस्से-कहानियां भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऐसे में सलमान खान से एक बेहद दिलचस्प किस्सा वायरल हो रहा है। आइए, आपको बताते है इस किस्से के बारे में। वैसे, सलमान इन दिनों अपनी फैमिली से दूर फॉर्महाउस पर वक्त गुजार रहे हैं। वैसे आपको बता दें कि सलमान इन दिनों अपने पनवेल वाले फॉर्महाउस में टाइम स्पेंड कर रहे हैं। उनके साथ उनकी बहन अर्पिता, बहनोई आयुष शर्मा, भांजे-भांजी और तथाकथिक गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी है। बात 21 साल पहले की है। जब जब सलमान खान शादी करने के बेहद करीब थे। शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थी। इतना ही नहीं उनकी शादी के कार्ड तक बट चुके थे। एक टीवी शो के दौरान सलमान ने इस बात का खुलासा किया था कि वह अपनी शादी के कितने करीब थे। सलमान के अच्छे दोस्तों में से एक साजिद नाडियाडवाला ने भी उनकी शादी को लेकर एक जबरदस्त खुलासा किया था। साजिद ने एक शो के दौरान बताया था कि सलमान 1999 में शादी के लिए बिल्कुल तैयार थे और उन्होंने एक लड़की पसंद भी कर रखी थी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सलमान ने प्लान कर रखा था कि वह उस लड़की से नवंबर में अपने पापा सलीम खान के जन्मदिन पर शादी करेंगे। खबरों की मानें तो सलमान और साजिद दोनों ने एक ही दिन शादी करने का फैसला किया था। उन्होंने बताया था- कार्ड्स भी बट चुके थे और शादी से बस 5-6 दिन पहले सलमान ने अपना फैसला बदल लिया और कहा कि वह शादी करने के मूड में नहीं हैं। सलमान का संगीता बिजलानी, सोमी अली, कैटरीना कैफ, क्लॉडिया सिएस्ला, ऐश्वर्या राय जैसे कईयों के साथ जुड़ा और अफेयर्स के किस्से भी बी-टाउन की सुर्खियों में रहे।
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प्रयागराजः प्रयागराज में घूरपुर थाने की करमा चौकी क्षेत्र के अमान का पूरा गांव में मंगलवार को एक कोरोना पॉजिटिव निकलने से हड़कंप मच गया. गांव का एक युवक दमन दीव में रहकर नौकरी करता था. चार दिन पहले वह दमन दीव से गांव आया तो उसे घर से बाहर एक पेड़ के नीचे छप्पर डालकर कोरेन्टीन कर दिया गया था. इस बीच मंगलवार को उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. खबर मिलते ही राजस्व टीम मौके पर पहुंची और गांव में आने वाले रास्तों को बांस बल्ली लगाकर बंद कर दिया गया. उपनिरीक्षक बालकृष्ण के नेतृत्व में करमा चौकी की टीम गांव में पहुची और लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील किया. हल्का लेखपाल राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि आशा बहू व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ जाकर गांव के रास्तों को सील कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को चकघनश्याम दास गांव में बंगलौर से घर आया एक और युवक पॉजिटिव निकला है. एसडीएम द्वारा सूचना मिलने के बाद तुरंत मौके पर जाकर चकघनश्याम दास गांव में जाने वाले रास्तों को भी सील कराया जा रहा है. करमा चौकी क्षेत्र में आने वाले लगभग पचास छोटे बड़े गांवों व मजरों में पहली बार कोरोना पॉजिटिव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.
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मेलबर्न, 30 दिसम्बर । अपने बल्लेबाजों और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर आस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के पांचवें दिन शुक्रवार को एक पारी 18 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ ही आस्ट्रेलिया ने तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इससे पहले ब्रिस्बेन में 15 से 19 दिसम्बर तक खेले गए पहले टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को 39 रनों से हराया था। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। उसने अजहर अली (नाबाद 205) के नाबाद दोहरे शतक के दम पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ नौ विकेट के नुकसान पर 443 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी। इसके बाद आस्ट्रेलिया ने स्टीवन स्मिथ (नाबाद 165), डेविड वॉर्नर (144), उस्मान ख्वाजा (97), मिशेल स्टार्क (84) और पीटर हैंड्स्कोम्ब (54) की शानदार पारियों की बदौलत अपनी पहली पारी आठ विकेट के नुकसान पर 624 रनों पर घोषित कर दी। इस पारी के आधार पर आस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान के खिलाफ 181 रनों की बढ़त हासिल की। मिशेल और ल्योन की शानदार गेंदबाजी की बदौलत आस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान की दूसरी पारी 163 रनों पर ही समेट दी और एक पारी 18 रनों से जीत हासिल की। पाकिस्तान की दूसरी पारी में मिशेल ने चार और ल्योन ने तीन विकेट चटकाए। आस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच तीसरा टेस्ट मैच सिडनी में तीन से सात जनवरी तक खेला जाएगा।
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Hazaribag : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता में अंडर-17 बालक वर्ग में बोकारो, बालिका में चतरा और अंडर-14 बालक वर्ग में हजारीबाग जिला की टीम चैम्पियन बनी. इस प्रतियोगिता में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल अंतर्गत के अंडर-17 बालक-बालिका और अंडर-14 बालक वर्ग की टीमें शामिल हुई थीं. फाइनल मैच की मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं जिले की उप विकास आयुक्त प्रेरणा दीक्षित र झारखंड फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष बीरेंद्र कुमार ने विजेता एवं उप विजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल पहना कर हौसला आफजाई की. खास कर तीनों वर्गों की विजेता और उप विजेता टीमों को विशेष रूप से बधाई दी और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया. -फाइनल मैच में पहला मैच अंडर-17 बालिका वर्ग का मैच हजारीबाग और चतरा के बीच खेला गया. इस मैच में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए चतरा की टीम ने हजारीबाग को 5-0 के अंतर से हरा दिया. -अंडर-14 बालक वर्ग का फाइनल मैच रामगढ़ और हजारीबाग के बीच खेला गया. यह मैच रोमांच से भरा रहा. निर्धारित समय में दोनो टीमों की ओर से गोल नहीं होने पर अतिरिक्त समय में हजारीबाग की टीम 1-0 गोल से जीत दर्ज कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया. -प्रतियोगिता का अंतिम फाइनल मैच अंडर-17 बालक वर्ग कोडरमा और बोकारो के बीच खेला गया. इस फाइनल मैच में बोकारो की टीम ने कोडरमा को 9-0 से हरा कर प्रमंडल स्तरीय सुब्रतो कप फुटबाल प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया. प्रतियोगिता के समापन समारोह में उपस्थित जिला खेल पदाधिकारी उपवन बड़ा ने आए अतिथियों का स्वागत किया और प्रतियोगिता में शामिल जिले के सभी खिलाड़ियों, टीम मैनेजर, कोच, और सभी सहायक कर्मियों, रेफरी, अशोक कुमार,ललित उरांव, सुरेंद्र राम, शशि शर्मा,विकास कुमार, विक्कू कुमार, शशि कर दास, गुरव राम, कार्तिक राम, साईनाथ राम, प्रकाश गुप्ता, संदीप कुमार राम, डे बॉडिंग में प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं प्रशिक्षकों को धन्यवाद दिया. इस प्रतियोगिता में विशेष रूप से कोलेस्वर गोप, विकास कुमार, शेखर कुमार सिंह, मोहन रविदास, अमित कुमार, अमित शर्मा, अमित सागर, अभिनव कुमार, संजय तिवारी, सागर कुमार, मनीष कुमार, त्रिवेणी प्रसाद का खास योगदान रहा.
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जिन लोगों को एलर्जी की समस्या हो रही है उन्हें शहद के सेवन से बचने की जरूरत है। शहद एलर्जी को कम तो नहीं करता लेकिन कई बार इसे बढ़ाने का काम कर देता है। शहद में फ्रुक्टोज पाया जाता है जो कि शुगर का मेन स्रोत होता है। ऐसे में जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है वो इसे न ही खाएं। इसका ज्यादा सेवन आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। आप दिनभर में शहद का सेवन किस मात्रा में करते हैं इस बात का भी ख्याल रखने की जरूरत है। शहद का ज्यादा सेवन दांतों और मसूड़ों में सड़न का खतरा बढ़ा देता है। जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या है उनके लिए ये खतरनाक हो सकता है। ऊर्जा के अन्य स्रोतों की तुलना में फ्रुक्टोज का मेटाबो डाइजेशन अलग तरीके से होता है। लिवर, फ्रुक्टोज को मेटाबोलाइज करता है, जो फैटी लिवर वालों की समस्या को बढ़ाने का काम करता है। पोलन एलर्जी को हे फीवर भी कहा जाता है। शहद फूलों के पराग से बनता है जिससे एलर्जी हो सकती है। ऐसे में जिन लोगों को फूलों के पराग से एलर्जी है तो भी शहद का सेवन न करें। जो शिशु 12 महीने से कम उम्र के हैं उन्हें शहद का सेवन नहीं कराना चाहिए। इससे शिशुओं में क्लोस्ट्रीडियम इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इस उम्र से बड़े बच्चों के लिए शहद सुरक्षित माना जाता है।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तक़रीबन 50 हज़ार बेरोज़गार युवाओं को भत्ता बाँटकर अपनी पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत की है. राजधानी लखनऊ में एक बड़ी रैली में मुख्यमंत्री ने शिक्षित बेरोज़गार युवाओं और लड़कियों को बेरोज़गारी भत्ते के रूप में 500-500 रुपए के चेक दिए. राज्य सरकार की ओर से इन युवाओं के लिए पीने के पानी, भोजन और रैली स्थल यानी अंबेडकर पार्क तक आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी. राज्य सरकार की इस लोक लुभावन योजना को लागू करने के लिए क़रीब 400 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है और इसके तहत राज्य भर के रोज़गार दफ़्तरों में पंजीकृत क़रीब नौ लाख शिक्षित बेरोज़गारों को यह भत्ता दिया जाना है. देश की सबसे बड़ी आबादी वाले इस राज्य के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह अपने राजनीतिक दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी हैं. पार्टी के नेताओं का कहना है कि उन्होंने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि शिक्षित बेरोज़गारों को भत्ता दिया जाएगा और राज्य सरकार ने तमाम समस्याओं के बावजूद यह वादा पूरा किया है इसलिए उन्हें एक बार फिर से सत्ता की बागडोर संभालने का मौका मिलना चाहिए. युवाओं को रिझाने में लगे मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भी कर डाली कि अगर वो दोबारा सत्ता में आए तो यह भत्ता 500 रुपए से बढ़ाकर 1000 रूपए कर देंगे और लोगों को रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध कराएंगे. मुख्यमंत्री ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, "युवा शक्ति को सतर्क रहने की ज़रूरत है क्योंकि कई दूसरे राजनीतिक मोर्चे वर्तमान सरकार को आगामी चुनावों में हराने के लिए एकजुट होते नज़र आ रहे हैं. " मुख्यमंत्री ने परोक्ष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के प्रयासों पर भी निशाना साधा. ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों वीपी सिंह ने केंद्र की कांग्रेस सरकार और कई छोटे राजनीतिक दलों को साथ लेकर राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए एक संयुक्त मोर्चा तैयार किया था. उधर मुख्य प्रतिद्वंदी बहुजन समाज पार्टी ने भी चुनाव से पहले राज्य की कथित उच्च जातियों को रिझाने की कोशिश शुरू कर दी है. राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत में नई विधानसभा के गठन के लिए चुनाव होने हैं.
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Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में एक महिला ने एक जदयू विधायक पर उनके पति की हत्या का आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया. पश्चिमी चंपारण जिले से आई महिला ने सीएम नीतीश कुमार के सामने उनकी ही पार्टी के विधायक पर अपने पति की हत्या का सनसनीखेज आरोप लगाया. सोमवार को पटना में सीएम नीतीश कुमार के जनता दरबार में पहुंची एक महिला कुमुद वर्मा ने उनके पति दयानंद वर्मा की हत्या का आरोप जदयू के बाल्मीकि नगर के विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह पर लगाकर हड़कंप मचा दिया. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से जनता दरबार में न्याय की फरियाद लगाई. कुमुद वर्मा ने आरोप लगाया कि जदयू विधायक द्वारा उनके पति की हत्या करवाने के बाद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने बताया कि विधायक के खिलाफ FIR भी दर्ज है, लेकिन पुलिस ने अभी तक विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला की फरियाद सुनने के बाद मामले में डीजीपी को आदेश देकर पूरे मामले को देखने का निर्देश दिया. हालांकि कुमुद वर्मा डीजीपी के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुईं और उनका कहना है कि उनकी आंखों के सामने ही उनके पति की हत्या कर दी गई. विधायक ने उनके पति को गोली मारने की धमकी दी थी. बता दें कि पश्चिम चंपारण के पूर्व जिला परिषद दयानंद वर्मा की हत्या इसी साल फरवरी महीने में कर दी गई थी. नौरंगिया पुलिस थाने के सिरसिया चौक के पास उनकी गोली मार कर हत्या की गई थी. उनकी पत्नी कुमुद वर्मा ने इस मामले पर वाल्मीकि नगर से जेडीयू विधायक रिंकू सिंह तथा उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है.
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बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने ट्विटर पर वापसी करने के बाद करण जौहर के बयान पर उनकी जमकर क्लास लगा दी है। इतना ही नहीं बॉलीवुड की पंगा गर्ल ने पठान की सफलता के पीछे का कारण भी बता डाला है। Kangana Ranaut Reation on Pathaan: बॉलीवुड की पंगा गर्ल कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लंबे समय बाद वापसी हुई हैं। इन दिनों 'पठान' (Pathaan) का क्रेज लोगों के बीच खूब देखने को मिल रहा है। हाल ही में कंगना ने भी शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की पठान फिल्म की तारीफ की थी। इस बीच करण जौहर (Karan Johar) के एक बयान पर कंगना ने अपने पुराने मिजाज में रिएक्ट किया है। खास बात है कि कंगना ने ट्वीट कर फिल्ममेकर करण के पठान की सफलता पर दिए 'प्यार से नफरत हारी' वाले बयान पर बदले तेवर में रिएक्ट किया है। बेबाक ढंग से अपनी बात रखने वाली कंगना रनौत ने 'पठान फिल्म' (Pathaan Movie) को लेकर एक ट्वीट लिखा है। इसमें उन्होंने करण जौहर के बयान का जिक्र करते हुए कहा, 'जो लोग दावा कर रहे हैं कि पठान नफरत पर प्यार की जीत है। मैं उनकी बात से सहमत हूं। ' लेकिन कंगना ने सवाल खड़ा किया कि किसका प्यार और किसकी नफरत? 'भारत में 80 प्रतिशत हिंदू धर्म के लोग रहते हैं। बावजूद इसके शाहरुख खान की पठान फिल्म में हमारे दुश्मन देश पाकिस्तान और आईएसआईएस को अच्छी रोशनी में दिखाया गया है। फिर भी फिल्म सफलतापूर्वक चल रही है। पठान का चलना नफरत से परे भारत के महान होने की भावना को दिखाता है। ' पठान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कुल तीन ट्वीट शेयर किए हैं। अपनी बात को पूरा करते हुए कंगना ने आगे लिखा- 'ये भारत देश का ही प्यार है, जिसने नफरत और दुश्मनों की निचले स्तर की राजनीति पर जीत हासिल की है। लेकिन, जो लोग फिल्म की सफलता से काफी ज्यादा उम्मीदें लगा रहे हैं। वह इस बात का ध्यान भी कृप्या रखें कि पठान केवल एक फिल्म हो सकती है, देश में गूंजेगा तो सिर्फ 'जय श्री राम' ही। ' आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्विटर पर कंगना रनौत ने साल 2020 में लगे प्रतिबंध के बाद वापसी की है। ट्विटर पर वापसी करते ही कंगना ने अपने पुराने अंदाज को फिर से बयां कर दिया है। लेटेस्ट ट्वीट में कंगना ने नाम लिए बगैर करण जौहर के प्यार से नफर को हराने वाले बयान पर उनकी खूब आलोचना की है। साथ ही 'पठान' की सफलता का भारत के प्यार और समावेश को बताया है।
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एक दुल्हन ने अपनी शादी में तय किया कि जो मेहमान जितने महंगे गिफ्ट लेकर आएगा, उसे उतना ही अच्छा खाना खिलाया जाएगा. इसलिए दुल्हन ने शादी में आए मेहमानों के लिए अलग-अलग मेन्यू तैयार करवाए. जो मेहमान 2 लाख के ऊपर का गिफ्ट दे रहा था, उसके लिए खाने के मेन्यू में प्रीमियम प्लैटिनम ऑप्शन रखा गया. सोशल मीडिया पर इस शादी का मेन्यू वायरल हो गया. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने गिफ्ट के आधार पर मेन्यू देने के लिए कपल की दुल्हन भी की है. अमेरिकी कपल की इस हरकत को कई लोगों ने फूहड़ करार दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे शादी के कार्ड के मुताबिक, जो मेहमान 2 लाख से महंगा गिफ्ट देगा, उसे रोस्टेड चिकन और स्वोर्डफिश खिलाया जाएगा. शादी में सिल्वर कैटेगरी का मेन्यू भी तैयार किया गया था. 36 हजार रुपए से ज्यादा के गिफ्ट देने वाले लोगों को Sliced steak या Poached salmon खाने में मिल रहा था. शादी में गोल्ड कैटेगरी भी थी. 36 हजार से 72 हजार रुपए के बीच का गिफ्ट देने को ये मेन्यू दिया गया. हालांकि, कपल अपने मेहमानों को स्वागत शैंपेन से कर रहा था. लेकिन जो लोग शाकाहारी थे, उनके लिए भी ऑप्शन कम थे. शाकाहारी भोजन खाने वाले लोगों को प्लैटिनम श्रेणी में शामिल किया गया था. कैश देने वाले लोगों के लिए भी एक कैटेगरी बनाई गई थी. सोशल मीडिया पर दुल्हन की इस हरकत को कई लोगों ने जोक करार दिया. एक शख्स ने कमेंट करके लिखा कि इन लोगों ने अपना दिमागी संतुलन खो दिया. वहीं एक और शख्स ने कहा कि सभी मेहमानों को कहना चाहिए था कि उनका गिफ्ट महंगा है और जमकर भोजन खाना चाहिए था.
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एडवांस टैक्स पेमेंट (PC- Freepik. com) PAN- Aadhaar Linking: मार्च के अंत तक कई काम को पूरा करने की डेडलाइन समाप्त हो रही है, जिसमें पैन आधार लिंकिंग से लेकर एडवांस टैक्स तक का भुगतान शामिल है. अगर इन कामों को समय से पहले पूरा नहीं किया जाता है तो आपको कई समस्याओं से होकर गुजरना होगा. डेडलाइन पर काम पूरा नही करने पर ज्यादा पैसों का भुगतान से लेकर पैन जैसे दस्तावेज के निष्क्रिय होने की संभावना है. यहां उन सभी चीजों की लिस्ट दी गई है, जिसे मार्च के दौरान आपको पूरा कर लेना चाहिए. आइए जानते हैं कौन कौन से ये काम हैं. इनकम टैक्स विभाग ने पैन होल्डर्स के लिए इस साल मार्च के अंत तक इसे आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है. अगर ये काम नहीं किया जाता है तो आपका पैन कार्ड किसी भी काम का नहीं रह जाएगा यानी कि यह निष्क्रिय हो जाएगा. इसकी डेडलाइन 31 मार्च, 2023 तक है. आयकर रिटर्न और टीडीएस आदि जैसे काम भी नहीं कर पाएंगे. पैन और आधार को लिंक करने के लिए 1,000 रुपये का विलंब शुल्क लागू है. आयकर विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए एडवांस टैक्स भुगतान की अंतिम किस्त का भुगतान करने की अंतिम डेट 15 मार्च, 2023 है. इस तारीख तक करदाताओं को 100 प्रतिशत एडवांस टैक्स का भुगतान करना होगा. आयकर अधिनियम की धारा 208 के मुताबिक हर व्यक्ति को जिसकी वर्ष के लिए अनुमानित टैक्स देयता 10,000 रुपये या अधिक के एडवांस टैक्स का पेमेंट करना होगा. हालांकि एक सीनियर सिटीजन को, जिन्हें बिजनेस को कोई आय नहीं है, उसे छूट दी गई है. एडवांस टैक्स उन लोगों को भुगतान करना होगा, जिनके वेतन के अलावा अन्य आय के सोर्स हैं. यह टैक्स शेयरों से पूंजीगत लाभ, सावधि जमा, लॉटरी जीतने आदि पर लागू होता है. फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए अपडेट आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय सीमा 31 मार्च, 2023 है. वे टैक्सपेयर्स, जो वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इसे दाखिल करने से चूक गए हैं या किसी आय की सूचना देने से चूक गए हैं, वे एक अपडेट आईटीआर या आईटीआर यू फाइल कर सकते हैं. प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) 2019 में शुरू की गई थी. ये स्कीम सीनियर सिटीजन को एक नियमित आय देती है. इसमें निवेश करने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2023 है. 60 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति इस योजना में भाग ले सकता है. यह योजना सालाना 7. 4 प्रतिशत की ब्याज देती है. FY2022-23 के लिए टैक्स सेविंग इंवेस्टमेंट की डेडलाइन 31 मार्च, 2023 को खत्म होगी. यह उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था को चुनते हैं. टैक्सपेयर्स पुरानी टैक्स रिजिम के तहत अपने निवेश के लिए कई छूट का क्लेम कर सकते हैं.
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सामन्तमद्र ही 'श्रीविजय १ आदिम भाग) में 'कविमार्ग' नामक अलंकार-प्रन्थ के आप प्रणेता बताये गये हैं। साथ ही साथ श्रीमान् बी० एम० श्रीकण्ठय्य आदि विद्वानों का मत है कि नृपतुंग के नाम से प्रख्यात या नृपतुंग-प्रणीत कहे जानेवाले 'कविराजमार्गम्' ग्रन्थ को पहले श्रीविजय ने हो बनाया होगा। मद्रास विश्वविद्यालय से प्रकाशित 'कविराजमार्गम' के सम्पादकों का अभिप्राय है कि नृपतंग के 'कविराजमार्गम्' में श्रीविजय का 'कविमार्ग' गर्मित हुआ होगा : ४ ) केशिराज के उल्लेखानुसार भी श्रोविजय ने व्याकरण शास्त्र या किसी उत्तम काव्य की रचना की होगी ( ५ ) श्रोविजय को सभी ने बहुवचन - 'श्रीविजयर' से उल्लेख किया है। दुर्गसिंहसदृश ब्राह्मण कवि ने भो बहुत ही आदर के साथ आप का उल्लेख किया है। नृपतुंग 'परम श्रीविजय' एवं चावुंड राय 'समन्तभद्र देव के समान' इन शब्दों से आपका स्मरण करते हैं । समन्तभद्र और श्रीविजय इन दोनों में जो समानता पायी जाती है वह निम्न प्रकार हैः - (१) दोनों बहुवचनों से एवं' 'देवर्' इस गौरवास्पद शब्द में उल्लिखित हुए हैं (३) काव्य, व्याकरण और अलंकार-प्रन्थों से दोनों का सम्बन्ध है ( ४ ) समन्तभद्र कविपरमेष्ठी में बड़े हैं, श्रीविजय कवीश्वर के गुरु हैं ( ५ ) श्रीविजय का उल्लेख कवीश्वर एवं पण्डित के साथ है; समन्तभद्र का उल्लेख कविपरमेष्ठी और पूज्यपाद के साथ है ( ६ ) समन्तभद्र अपने देश में जन्म ले एवं वृद्धिंगत होकर कन्नड-कवियों के काव्य के प्रारंभ में वन्दनीय हुए हैं; श्रोविजय कविसमुदाय के मनका दर्पण, 'देवर्', साथ ही उनका 'सुमार्ग' वैयाकरणों के लिए निदर्शनभूत हैं। इन्हों ने कन्नड में कविना लिखी है। अब देखना है कि समन्तभद्र और श्रीविजय इन दोनों का इससे भी कोई निकट सम्बन्ध है या नहीं ? कुछ है ज़रूर। समन्तभद्र के समय में एक ही व्यक्ति अनेक नामों से प्रसिद्ध होते थे । कोण्डकुन्द, उमास्वाति, पूज्यपाद आदि आचार्यों के अनेक नाम थे । समन्तभद्र के भी नाम थे। * बहुत से कवियों के काव्य नाम अथवा संकेत भिन्न-भिन्न थे । माघ का संकेत 'श्री', भारत्रि का 'लक्ष्मी', प्रवरसेन का 'अनुराग', पच्चशिख का 'आनन्द' - इस प्रकार इन संकेतों को वे कवि अपने काव्य या सर्ग के आदि एवं अन्त के पद्यों में जोड़ लेते थे । समन्तभद्र को 'श्रीविजय', 'विजय', 'जय' इन शब्दों को जोड़ना अमीष्ट था । इसलिये कवियों में श्रीविजय नामसं इनका ख्यात होना समुचित है। "तव शिनशासनविभवो जयति ॥ १३५ ॥ "जयति जगति क्लेशावेशप्रपञ्चमांशुमान् । वित्तविष मंकान्तध्वान्तप्रमाण मर्याांशुमान् ॥ ११५ ॥ * वे कौन से नाम हैं ? -६० बी० शास्त्री ।
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तेजस्वी प्रकाश ने बिग बॉस की ट्रॉफी अपने नाम कर दी है. इस शो के साथ साथ उन्हें अब एक नया शो मिल गया है. जी हां वो एकता कपूर के नागिन में नजर आने वाली हैं. कलर्स टीवी के रियलिटी शो बिग बॉस 15 (Bigg Boss 15) का फैसला अब आ चुका है. जनता के सबसे ज्यादा वोटों के साथ तेजस्वी प्रकाश (Tejasswi Prakash) बिग बॉस 15 की ट्रॉफी जीत चुकी हैं. बिग बॉस 15 के ग्रैंड फिनाले में आए हुए वोटों की बात करें तो प्रतीक सहजपाल को जनता के 24 प्रतिशत वोट मिले तो तेजस्वी प्रकाश को सबसे ज्यादा यानी 26 प्रतिशत वोट मिले. शमिता शेट्टी के एविक्ट होने के बाद करण कुंद्रा, तेजस्वी प्रकाश और प्रतीक सहजपाल के बीच ट्रॉफी के लिए मुकाबला देखने को मिला. लेकिन बतौर विनर देखे जाने वाले करण कुंद्रा सबसे शो के दूसरे रनर अप घोषित कर दिए गए. तेजस्वी ने बिग बॉस की चमचमाती ट्रॉफी के साथ 40 लाख रूपए भी जीत लिए हैं. दरअसल बिग बॉस के विनर को मिलने वाली जीत की रकम 50 लाख थे लेकिन निशांत भट के 10 लाख के साथ खेल क्विट करने की वजह से अब विनर को 40 लाख रूपए मिलेंगे. बिग बॉस 15 के घर में एंट्री करने से पहले ही तेजस्वी प्रकाश ने कहा था कि उन्हें हारना पसंद नहीं हैं. जो उन्होंने शुरुआत में कहा था वह करके दिखाया हैं और इस शो में न सिर्फ उन्होंने ट्रॉफी और 40 लाख जीते हैं बल्कि एक दूसरे ने शो का कॉन्ट्रैक्ट भी जीता हैं. जल्द ही तेजस्वी प्रकाश कलर्स टीवी और एकता कपूर की मशहूर फ्रैंचाइजी नागिन में प्रमुख किरदार निभाते हुए नजर आएंगी. अपने लुक की पहली झलक उन्होंने ग्रैंड फिनाले के दौरान दिए हुए परफॉर्मेंस में दिखाई है. सलमान खान से लेकर सभी ने इस नए शो के लिए तेजस्वी को मुबारक बात भी दी. यानी बिग बॉस के खत्म होने के तुरंत बाद बिना किसी ब्रेक के तेजस्वी प्रकाश अपने नए शो की शूटिंग में बिजी हो जाएंगी. ऐसे में उनके और करण कुंद्रा के रिलेशनशिप का क्या होगा यह देखना दिलचस्प होगा. तेजस्वी प्रकाश की जीत ने यह साबित कर दिया है कि देश की पसंदीदा बहुओं और बेटियों के सामने कोई भी कंटेस्टेंट टिक नहीं पाता. टीवी की बेटी रागिनी के रूप में तेजस्वी ने सीरियल स्वरागिनी से अपने करियर की शुरुआत की थी और तब से लोगों ने उन्हें खूब प्यार दिया है. बिग बॉस के कई सीजन में यह देखा गया है कि टीवी की एक्ट्रेस को हमेशा से वोटिंग में फायदा होता है. तेजस्वी प्रकाश हो या सिमर का किरदार निभाने वाली दीपिका या फिर प्रेरणा बनी श्वेता तिवारी बिग बॉस का यह इतिहास रहा है कि ट्रॉफी टीवी एक्ट्रेस ही जीत लेती हैं.
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जबरन जय श्री राम का नारा लगवाने की घटना पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, पूछा- क्या आर्टिकल 15-25 भी बेच दिए? राहुल ने जो वीडियो शेयर किया है उसमे अलग-अलग जगह पर एक समुदाय विशेष के लोगों के साथ जबरदस्ती की जा रही है और उनसे जबरन जय श्री राम बोलने के लिए कहा जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को शेयर करते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। राहुल गांधी ने वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा कि क्या संविधान के अनुच्छेद 15 और 25 भी बेच दिए। आपको बता दें, राहुल ने जो वीडियो शेयर किया है उसमे अलग-अलग जगह पर एक समुदाय विशेष के लोगों के साथ जबरदस्ती की जा रही है और उनसे जबरन जय श्री राम बोलने के लिए कहा जा रहा है। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों से ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, इंदौर, देवास, नीमच, रीवा समेत कई अन्य जगहों पर अल्पसंख्यकों को कुछ लोगों ने निशाना बनाया है। इससे पहले राहुल गांधी ने भाजपा को मिलने वाले चंदे में बढ़ोतरी से जुड़ी रिपोर्ट को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा और सवाल किया कि बीजेपी की आय 50 प्रतिशत बढ़ गई, लेकिन क्या जनता की आमदनी बढ़ी। उन्होंने ट्वीट किया था, "बीजेपी की आय 50 प्रतिशत तक गढ़ गई। और आपकी? " कांग्रेस नेता ने जिस रिपोर्ट का हवाला दिया उसमें 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (एडीआर) के आकलन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि साल 2019-20 में भाजपा की आय में 50 प्रतिशत तक इजाफा हुआ और इसमें सबसे बड़ा योगदान चुनावी बॉन्ड के जरिये मिले चंदे का रहा।
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दिल्ली में मौजूदा हालात पर गृह मंत्री 24 घंटे के भीतर तीन बैठकें कर चुके हैं। आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक होगी। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी शामिल होंगे। दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़प में अब तक दिल्ली पुलिस के हेड कांसटेबल रतन लाल समेत 20 लोगों की मौत हो चुकी है। 20 लोगों की मौत की पुष्टि गुरु तेग बहादुर अस्पताल ने की है। वहीं, इस झड़प में दर्जनों लोग घयाल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। उधर, उत्तर पूर्वी दिल्ली में तनाव जारी है। तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में उत्तर पूर्वी दिल्ली में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। वहीं, आज सभी मेट्रो स्टेशन खुले हैं। तनाव को देखते हुए जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर समेत कई मेट्रो स्टेशन तीन दिन तक बंद रखे गए थे। लेकिन आज सभी स्टेशनों को पूरी तरह से खोल दिया गया है। दिल्ली में मौजूदा हालात पर गृह मंत्री 24 घंटे के भीतर तीन बैठके कर चुके हैं। आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक होगी। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी शामिल होंगे। खबरों के मुताबिक, एनएसए अजीत डोभाल को दिल्ली हिंसा को नियंत्रण में लाने का प्रभार दिया गया है। वह स्थिति के बारे में पीएम और मंत्रिमंडल को आज जानकारी देंगे। एनएसए ने कल रात जाफराबाद, सीलमपुर और उत्तर पूर्वी दिल्ली के अन्य हिस्सों का दौरा किया जहां उन्होंने विभिन्न समुदायों के नेताओं के साथ बातचीत की। खबरों में कहा गया है कि एनएसए ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अराजकता नहीं रहने दी जाएगी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को फ्री हैंड दिया गया है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिसंबर 'रेपो रेट' में 35 आधार-अंकों की वृद्धि की घोषणा की. इस वर्ष यह पांचवीं वृद्धि थी. इस नयी वृद्धि से रेपो रेट 6. 25 प्रतिशत हो गई है. इस घोषणा की दिशा 'समायोजन की वापसी' के रूप कायम रखी गई. इस साल के लिए मुद्रास्फीति दर 6. 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है. आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 7 फीसदी से घटकर 6. 8 प्रतिशत किया गया है. हालांकि मुद्रास्फीति में कमी आई है लेकिन इसके बारे में रिजर्व बैंक के अपने अनुमानों के मद्देनजर ऐसा लगता है कि रिजर्व बैंक की मुद्रा नीति कमिटी (एमपीसी) मुद्रास्फीति पर ध्यान केंद्रित रखेगी. 'कोर' मुद्रास्फीति और 'एंकर' मुद्रास्फीति के बारे में अपेक्षाओं से आगे बढ़ने का स्पष्ट दावा स्वागतयोग्य है. मुद्रास्फीति को लेकर चिंता, आर्थिक वृद्धि को लेकर उम्मीदों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में वृद्धि की संभावना को देखकर ऐसा लगता है कि रिजर्व बैंक सख्त मुद्रा नीति जारी रखेगा. उपभोक्ता कीमत सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में 7. 4 फीसदी से थोड़ा घटकर अक्टूबर में 6. 8 फीसदी हुई. 'हेडलाइन' मुद्रास्फीति में गिरावट खाद्य सामग्री और ईंधन तक सीमित थी. 'कोर' मुद्रास्फीति (खाद्य सामग्री और ईंधन को छोड़कर सीपीआई) 6 फीसदी पर बनी रही. खाद्य सामग्री की कीमतों में कमी भी व्यापक आधार वाली नहीं थी. सब्जियों और खाद्य तेलों के दाम नरम पड़े मगर अनाजों के दाम 12 फीसदी बढ़ गए. खासकर चावल और गेहूं की कीमतें सरकारी एजेंसियों के पास इंका भंडार कम होने के कारण ऊंची बनी रह सकती हैं. 'कोर' मुद्रास्फीति एक साल से 6 फीसदी से ऊपर के स्तर पर बनी हुई है. खासकर 'घरेलू सामान और सेवाओं', पर्सनल केयर के सामान, मनोरंजन और खेलकूद के सामान की महंगाई अक्टूबर में 6 फीसदी से ऊपर थी. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. दुनियाभर उत्पादन सामग्री की कीमतें नरम हो रही हैं और कंपनियां लागत में कमी का लाभ उपभोक्ताओं में बांट रही हैं. धातुओं, रसायनों, वनस्पति तेलों की, जो मैनुफैक्चरिंग में प्रमुख सामग्री होती हैं, कीमतें घटने लगी हैं लेकिन उत्पादक और सर्विस प्रोवाइडर उपभोक्ताओं को इसका लाभ बहुत जल्दी नहीं देने वाले हैं. इसलिए 'कोर' मुद्रास्फीति आगामी महीनों में स्थिर रहेगी. बास्केट खाद्य सामग्री की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मासिक परिवर्तन का अंदाजा देने वाले 'एफएओ फूड प्राइस' सूचकांक (एफएफपीआई) में मार्च के शिखर बिंदु से निरंतर गिरावट देखी जा रही है. नवंबर का आंकड़ा बताता है कि अनाजों और दुग्ध तथा मांस उत्पादों की कीमतों में कमी आई लेकिन वनस्पति तेल महंगे हुए. आगामी महीनों में इन उत्पादों की कीमतों में उलटफेर से घरेलू खाद्य सामग्री की कीमतें प्रभावित होंगी. दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में नवंबर माह में नाटकीय कमी देखी गई लेकिन आगे यह कई कारणों पर निर्भर होगा मसलन रूसी कच्चे तेल के समुद्र मार्ग से निर्यात पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध और भावी उत्पादन में 'ओपेक' द्वारा कटौती करने के फैसले पर. कीमतों में ज्यादा गिरावट रोकने के लिए ओपेक उत्पादन में बड़ी कटौती करने की संकेत दे सकता है. रिजर्व बैंक यह मान कर चल रहा है कि कच्चे तेल (भारतीय बास्केट) की औसत कीमत प्रति बैरल 100 अमेरिकी डॉलर रहेगी और इसी के आधार पर वह मुद्रास्फीति के अपने अनुमान लगाएगा. रिजर्व बैंक ने पॉलिसी रेट में जो वृद्धि की है वह विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों की बड़बोली टिप्पणियों के अनुरूप है. रेट वृद्धि से रुपये को अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से, जिसमें वह रेट में और वृद्धि की घोषणा करेगा, से पहले सहारा देगी. रुपये ने नवंबर में सुधार दर्ज किया लेकिन डॉलर की मजबूती और चालू खाते के निरंतर घाटे के कारण वह दबाव में आ गया. अमेरिका और भारत में ब्याज दरों में घटता अंतर विदेश पूंजी के पलायन के कारण रुपये को चोट पहुंचा सकता है. फेड रिजर्व के गवर्नर ने ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूट में हाल में दिए भाषण में संकेत दिया कि दरों में वृद्धि की गति कम करने की गुंजाइश तो है लेकिन दरों में वृद्धि का चक्र अनुमान से लंबा हो सकता है. गवर्नर ने कहा कि माल की महंगाई में तेजी से कमी आई है लेकिन सेवाओं की कीमतों में वृद्धि प्राथमिकता बनी रहेगी. इसलिए, दरों में वृद्धि का परिमाण घट सकता है लेकिन दरों में वृद्धि का चक्र जारी रह सकता है. चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि के अनुमानों में कमी करने के बावजूद इसकी संभावनाएं अच्छी हैं. इसने रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति पर काबू पाने की ज्यादा गुंजाइश बनाई है. दुनियाभर में रबी की अच्छी फसल की उम्मीद, संपर्कों के जरिए दी जाने वाली सेवाओं में विस्तार आदि आर्थिक वृद्धि के निरंतर विकास के संकेत देते हैं. क्रेडिट के मामले में व्यापक आधार वाली वृद्धि के साथ बड़े उद्योगों द्वारा तेजी से उधार लेने के कारण निवेश को बढ़ावा मिलेगा. मैनुफैक्चरिंग तथा सर्विसेज सेक्टर के लिए पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सरीखे सूचकांक नवंबर में तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए जो उत्पादन और घरेलू मांग में मजबूत तेजी दिखते हैं. वैश्विक झटकों के सामने अर्थव्यवस्था के मजबूती से टिके रहने के कारण विश्व बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष में जीडीपी में वृद्धि के अपने अनुमान को 6. 5 फीसदी से बढ़ाकर 6. 9 फीसदी कर दिया है. कुल मिलाकर, मुद्रास्फीति का अपने शिखर पर पहुंचना बीती बात भले हो गई हो, उस पर नजर रखना जरूरी है. (राधिका पाण्डेय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी में कंसल्टेंट हैं. व्यक्त विचार निजी हैं) (इस लेख को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ प्र के महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि प्रदेश के ऐसे सभी कार्मिकों जो कि 30 जून को सेवा निवृत्त होने वाले हैं, को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ अनुमन्य कराये जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़े व एक वर्ष कार्य करने के उपरांत वार्षिक वेतन वृद्धि न मिलने से आर्थिक नुकसान से बच सके। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपना फैसला दे रखा है। अतुल मिश्र ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अपने कार्मिकों को प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाता है, उक्त लाभ ऐसे कार्मिकों को अनुमन्य होता है, जिनके द्वारा विगत वर्ष 1 जुलाई से इस वर्ष 30 जून तक अपनी संतोषजनक सेवाएं पूर्ण की गयी हों। परन्तु ऐसे कार्मिक जो कि 30 जून को अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवा निवृत्त हो जाते हैं उन्हें पूरे वर्ष संतोषजनक सेवाएं पूर्ण करने के पश्चात भी उक्त लाभ इसलिये प्राप्त नहीं हो पाता है, क्योंकि वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ जुलाई पेड इन अगस्त के वेतन से प्राप्त होता है। इस विसंगति के विरुद्ध उच्च न्यायालय, मद्रास के समक्ष रिट याचिका सं0-18732/2017 पी0 अय्यमपेरूमल बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व अन्य योजित की गयी थी। इस याचिका में उच्च न्यायालय, मद्रास द्वारा 30 जून को ही सेवा निवृत्त हो गये कार्मिकों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किये जाने सम्बन्धी आदेश 15. 09. 2017 को पारित किये गये। उच्च न्यायालय, मद्रास के उक्त आदेश के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विशेष अनुज्ञा याचिका (सि0) 22283/2018 यूनियन आफ इण्डिया बनाम पी0 अय्यमपेरूमल योजित की गयी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 23. 07. 2018 को सुनवाई के पश्चात विषयगत प्रकरण में उच्च न्यायालय, मद्रास के आदेश को यथावत रखते हुए विशेष अनुज्ञा याचिका को निरस्त कर दिया गया। परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत व महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उच्च न्यायालय, मद्रास द्वारा पारित निर्णय एवं तत्क्रम में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के समादर में प्रदेश के ऐसे सभी कार्मिकों जो कि 30 जून को सेवा निवृत्त होने वाले हैं, को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ अनुमन्य करायें, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़े व एक वर्ष कार्य करने के उपरांत वार्षिक वेतन वृद्धि न मिलने से आर्थिक नुकसान से बच सकें। वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ न मिल पाने से कर्मचारियों के पेंशन पर भी आर्थिक असर पड़ रहा है।
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रवींद्र जडेजा ने आखिरी गेंद पर चौका जड़ चेन्नई को यादगार जीत दिलाई. नई दिल्ली. रवींद्र जडेजा की आखिरी गेंद पर चौके के दम पर चेन्नई सुपरकिंग्स ने फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर 5वीं बार आईपीएल खिताब अपने नाम कर लिया है. वर्षा से बाधित मुकाबले में सीएसके को 15 ओवर में 171 रन का संशोधित लक्ष्य मिला था. उसने 15 ओवर में 5 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया. गुजरात ने पहले बैटिंग करते हुए 4 विकेट पर 214 रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की पारी के पहले ओवर की तीसरी गेंद के बाद फिर बारिश शुरू हो गई जिसमें काफी समय जाया हुआ. देर रात 12:10 में मुकाबले को 15 ओवर का कर दिया गया और सीएसके को संशोधित लक्ष्य दिया गया. बारिश से पहले सीएसके ने 4 रन बनाए थे. सीएसके को ऋतुराज गायकवाड़ और डेवोन कॉनवे की ओपनिंग जोड़ी ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की. ऋतुराज को नूर अहमद की गेंद पर राशिद खान ने कैच किया. गायकवाड़ 16 गेंदों पर 26 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद डेवोन कॉनवे भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं ठहर सके और नूर अहमद को विकेट थमाकर चलते बने. कॉनवे ने 25 गेंदों पर 47 रन बनाए. अजिंक्य रहाणे 27 रन बनाकर आउट हुए वहीं अंबाती रायुडू ने 19 रन का योगदान दिया . धोनी कुछ खास कमाल नहीं कर सके और पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए. उन्हें मोहित शर्मा ने मिलर के हाथों कैच कराया. शिवम दुबे 32 और रवींद्र जडेजा 19 रन बनाकर नाबाद लौटे. गुजरात की ओर से मोहित शर्मा ने 3 जबकि नूर अहमद ने 2 विकेट चटकाए. इससे पहले साई सुदर्शन के 47 गेंद में 96 रन की मदद से गुजरात टाइटंस ने 4 विकेट पर 214 रन बनाए. सुदर्शन ने अपनी पारी में 8 चौके और 6 छक्के लगाए. उन्होंने महत्वपूर्ण साझेदारियां निभाकर गुजरात को विशाल स्कोर दिया. इससे पहले शुभमन गिल 20 गेंद में 39 और रिधिमान साहा अर्धशतक बनाकर आउट हुए. दूसरे ही ओवर में गिल ने तुषार देशपांडे की गेंद पर लेग साइड में शॉट खेला लेकिन शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े दीपक चाहर ने कैच टपका दिया. गिल हालांकि मुंबई इंडियंस के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में किये गए प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. दूसरे छोर से साहा ने तीसरे ओवर में 16 रन निकालकर चेन्नई पर दबाव बनाया. इसके बाद गिल ने देशपांडे को लगातार तीन चौके लगाए जबकि साहा का रिटर्न कैच चाहर ने छोड़ा. पावरप्ले के बाद गुजरात का स्कोर बिना किसी नुकसान के 62 रन था. सातवें ओवर में हालांकि महेंद्र सिंह धोनी ने कुशल स्टम्पिंग का नमूना पेश करते हुए गिल को पवेलियन भेजा जबकि गेंदबाज रवींद्र जडेजा थे. गिल ने इस सीजन में 17 मैचों में 59 . 33 की औसत और 157 . 80 के स्ट्राइक रेट से 890 रन बनाए जो आईपीएल के इतिहास में किसी बल्लेबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. साहा ने इस आईपीएल में अपना दूसरा अर्धशतक 13वें ओवर में पूरा किया. उनके और साई सुदर्शन के बीच 64 रन की साझेदारी 14वें ओवर में खत्म हुई जब चाहर ने उन्हें धोनी के हाथों लपकवाया. साहा ने 39 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 54 रन बनाए. इस सत्र में गुजरात के लिये सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज सुदर्शन ने अपना तीसरा अर्धशतक मथीषा पथिराना को लगातार चौके लगाकर पूरा किया. उन्होंने तीक्षणा को दो छक्के लगाए जबकि देशपांडे को तीन चौके और एक छक्का जड़ा. आखिरी ओवर में पथिराना ने सुदर्शन को एलबीडब्ल्यू आउट करके शतक से वंचित कर दिया. हार्दिक पंड्या ने 12 गेंद में नाबाद 21 रन बनाए. .
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- कल तक अधिकारी बोलते रहे रेलवे के रिकॉर्ड मे भिटौनी रेलवे लाइन से निकाला गया लोहा पूरा, फिर आरोपी के पास बरामद हुआ लोहा कहां का! ! ! जबलपुर। आरपीएफ ने लोहा चोरी करने वाले ठेकेदार सोमू श्रीवास्तव और चोरी का लोहा ढ़ोने वाले वाहन एवं वाहन चालक पीर मोहम्मद को गिरफ्तार तो कर लिया गया है लेकिन जो माल जब्त किया है वह माल चोरी की मात्रा में बहुत कम है। सूत्र बताते हंै की जो लोहा चोरी हुआ है उसमे लोहा की मात्रा 13 टन थी। लेकिन अभी तक आरपीएफ ने मात्र कुछ टन लोहा ही जब्त किया है। लोहा चोरी के आर पी एफ थाने मे 15-20 मामले अज्ञात मे दर्ज है जिसमें भी लोहा चोरी ठेकादर सोमू श्रीवास्तव ने करवाई है। लेकिन अभी तक मामलो मे कार्यवाही नही की। आरपीएफ चाहे तो सोमू श्रीवास्तव को रिमांड मे लेकर राज उगलवा सकती है । ठेकादर सोमू श्रीवास्तव को जब आरपीएफ ने गिरफ्तर किया तब वह अपनी करनी पर पछता रहा था और बार बार कह रहा था की रेल्वे के साउथ ऑफिस के एक बड़े अधिकारी का इस लोहा चोरी मे बड़ा हाथ है। लेकिन रेल्वे के एक बड़े अधिकारी द्वारा रेल्वे साउथ ऑफिस के अधिकारी को यह अश्वासन दिया था की चिंता मत करो मे सबको बचा लूंगा। रेल्वे साउथ ऑफिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की इस लोहा चोरी कांड मे अहम भूमिका है, जिसके आदेश मे लोहा चोरी किया गया एवं जब उसको पता चला की लोहा चोरी होने की जानकारी आरपीएफ एवं वरिष्ठ अधिकारी तक लग गई है तब उस अधिकारी ने चोरी की हुई जगह पर अपने स्टॉक मे पड़ा लोहे को भिटोनी रेल्वे लाईन के पास डलवा कर अपने विभाग को एक रिपोर्ट सौंप दी। जिसमें रेल लाईन से निकला लोहा स्क्रैप के तौर पर उक्त स्थान पर दर्शाया गया। एक उसी अधिकारी ने अपने अधिनस्त कर्मचरियों के लिखित बयान कराये गए एवं इतना भय पैदा कर दिया ताकि वह लोग पलटे न। आरपीएफ की कार्यवाही पर भी प्रश्नचिन्ह! लोहा चोरी के पूरे कांड मे ठेकेदार सोमू श्रीवास्तव के साथ आरपीएफ का एसआई भी शामिल है, लेकिन अभी सिर्फ सोमू श्रीवास्तव ही पेश हुआ है। सूत्र बताते है की जिस गैस कटर से लोहे की पाते काटी गई उसका मालिक, जिसकी मशीन थी एवं उसको काटने वाले कर्मचारी जिसने लोहे को गाड़ी में लोड किया, वह कर्मचारी के साथ-साथ बाकी का लोहा किस कबाड़ी को बेचा तथा वह लोहा कहां गया इन सबकी जांच बारीकी से करनी होगी। सोमू श्रीवास्तव 20-25 बार लोहा चोरी के मामले मे पकड़ चुका है लेकिन आरपीएफ थाने के अंदर ही मामला रफा-दफा कर दिया जाता था, वह भी बिना मामला दर्ज किये । वहीं सोमू आरपीएफ के कॉमण्डेंट से तगड़ी सेटिंग का हवाला देकर लोहा चोरी की घटना को अंजाम देता था।
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आज शुरुआती कारोबार में ही रुपया करीब 43 पैसे टूट गया. नई दिल्ली. अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल ने यह कहकर दुनियाभर के बाजारों में तहलका मचा दिया कि महंगाई के काबू में आने तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रहेगी. इसके बाद शेयर बाजार में गिरावट के साथ आज मुद्रा विनिमय बाजार में भी रुपये पर खास दबाव दिख रहा है. फॉरेक्स बाजार में सोमवार सुबह डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 24 पैसे गिरकर रिकॉर्ड 80. 11 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गई. रुपया पिछले कारोबारी सत्र में 79. 87 के स्तर पर बंद हुआ था. इससे पहले रुपये का सबसे निचला स्तर 80. 06 प्रति डॉलर था, जो पिछले महीने यानी जुलाई में पहुंचा था. अगर साल 2022 की बात की जाए तो अभी तक डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में 7 फीसदी की बड़ी गिरावट आ चुकी है. ये भी पढ़ें - आईटी सेक्टर की इस कंपनी ने 1 लाख को बना दिया 9. 58 करोड़, समझिए कैसे बोनस शेयर से निवेश हजारों गुना बढ़ा? फॉरेक्स (Forex) बाजार के जानकारों का कहना है कि फेड रिजर्व के मुखिया ने इस बार लगता है कि जल्दबाजी में फैसला किया है. उन्होंने महज 8 मिनट के भाषण में सिर्फ एक बात पर जोर दिया कि महंगाई दर 2 फीसदी तक आने तक ब्याज दरें बढ़ती रहेंगी. यह कारोबार और मकान खरीदारों के लिए बुरी खबर है और इसका असर सभी सेक्टर पर दिखेगा. यही कारण है कि आज अमेरिका, यूरोप और एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में गिरावट का माहौल है. ग्लोबल मार्केट में भारतीय मुद्रा ही नहीं यूरो, पाउंड जैसी मुद्राओं पर भी भारी दबाव है और इनका रेट रिकॉर्ड निचले स्तर पर चला गया है. अमेरिकी डॉलर अभी 20 साल के हाई लेवल पर है, जबकि एशियाई मुद्राएं आज 0. 50 फीसदी तक गिरावट के साथ ट्रेडिंग कर रही हैं. चीन की मुद्रा यूआन 2 साल के निचले स्तर पर चली गई है, जबकि भारतीय रुपया 79. 70 से 80. 30 रुपये के बीच ट्रेडिंग कर रहा है. बाजार एक्सपर्ट का कहना है कि डॉलर इंडेक्स आने वाले कुछ दिनों में 109 के स्तर तक जा सकता है. हालांकि, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहेगी और आने वाले महीनों में भी एफपीआई का निवेश जारी रहेगा. इससे निर्यातकों को भी फायदा मिलेगा, लेकिन आयात और महंगा हो सकता है. जानकारों के अनुसार, आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. एक तरफ तो ओपेक ने अपने उत्पादन में कटौती की बात कही है तो दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट आ रही, जिससे क्रूड आयात करना महंगा हो जाएगा. इसका असर सीधे आयात बिल पर दिखेगा और पेट्रोल-डीजल कीमतों पर भी दबाव बढ़ जाएगा. .
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(२) संसद के सदस्या को मत संख्या का योग सत्र राज्या के विधान सभा के सदस्यों की मत-मख्या के बराबर रखा गया है । इसका कारण यह है कि ससद् के सदस्य भी सम्पूर्ण भारत की जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। तथा विधान सभाओ के सदस्य भी सम्पूर्ण भारत की जनसस्या का प्रतिनिधित्व करते हैं । इसलिए दोनों को राष्ट्रपति के निर्वाचन मे समान होना चाहिए । (३) राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य भी राष्ट्रपति वे निर्वाचन में भाग लेंगे। इसका कारण यह बतलाया गया है कि ससद में साना रणतः एक ही दल का बहुमन होगा तथा वही दल मन्त्रिमंडल का भी निर्माण करेगा। इसलिए अगर केवल मसद् को ही राष्ट्रपति के निर्वाचन का अधिकार होता तो यह भय था कि बहुमत दल किसी ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति चुनता जो कि उनका ही समर्थक होता। परन्तु यह उचित नहीं होता। इसलिए विधाननिर्माताओं ने राज्यो को भी राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग लेने का अधिकार दिया है । राष्ट्रपति के लिए योग्यताएँ -- राष्ट्रपति होने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिये । भारत का नागरिक हो । पैंतीस की आयु पूरी कर चुका हो । लोक सभा के लिए सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो । (द) भारत सरकार के प्रथवा किसी राज्य की सरकार के अधीन या इन सरकारों से नियन्त्रित किसी स्थानीय या अन्य अधिकारी के अधीन कोई लाभ का पद न धारण किय हुए हो । परन्तु लाभ के पद के अन्तर्गत राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, राज्यपाल अथवा मघ या राज्या के मन्त्रियो का पद नही समझा जावेगा। इससे यह तालन है कि ये लोग सरकारी नौकरी में होते हुए भी राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार हा सकते है । (घ ) जो व्यक्ति राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण कर रहा है अथवा कर चुका है वह पुन अगर उसमें उपरोक्त याग्यताएँ वर्त्तमान है राष्ट्रपति पद के लिए उम्मेदवार हा सकता है । अमेरिका में पहले एक अधिसमय बन गया था कि कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपति पद के लिए दो बार से अधिक नही चुना जावेगा। परन्तु रुजवेल्ट ( एफ० डी० ) ने चार बार निर्वाचित होकर इस अविसमय को भग कर दिया । परन्तु after afवधान में ही यह संशोधन हो गया है कि कोई व्यक्ति दो वार से अधिक इस पद के लिये निर्वाचित नहीं होगा । अन्य शर्ते - (अ) राष्ट्रपति न तो ससद के किसी सदन का और न विपी राज्य के विधान-मण्डल के सदन का सदस्य होगा। अगर मसद के किसी सदन का, अथवा किसी राज्य के विधान-मण्डल के सदन का सदस्य राष्ट्रपति निर्वाचित हो जाये, तो राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण की तारीख से उसकी उम सदन की सदस्यता का अपने आप अन्त हो जावेगा। (व) राष्ट्रपति अन्य कोई लाभ का पद धारण न करेगा। यह उपबन्ध इसलिये रखा गया है ताकि राष्ट्रपति अपना सम्पूर्ण समय अपने पद के कर्त्तव्या व निवाहने में ही लगावे तथा वह अन्य किमी उद्देश्य से प्रभावित न होगा । जो मनुष्य कोई अन्य आर्थिक लाभ का पद धारण किये होगा वह स्वभावत ही अपनी राष्ट्रपति पद की शक्तिया को उस मस्या अथवा व्यक्ति के हितार्थ उपयोग करने को चेप्टा करेगा जिसके नीचे वह आर्थिक लाभ का पद ग्रहण किये हुये है। पदावधि - राष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख स ५ वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा। परन्तु यह अवधि कुछ दशाओ में कम हो सकती है (क) अगर राष्ट्रपति ५ वर्ष से पूर्व ही त्यागपत्र दे दें। इससे उसक हस्ताक्षर होने चाहिये। यह त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को सम्बोधित किया जायेगा । उपराष्ट्रपति इसकी सूचना एकदम लोकसभा के अध्यक्ष को देगा । (ख) अगर राष्ट्रपति संविधान का अतिक्रमण करे तो वह ससद् द्वारा महाभियोग से अपने पद से हटाया जा सकेगा। रिक्त स्थान पूर्ति नये राष्ट्रपति का निर्वाचन पहले राष्ट्रपति की पदावधि पूरी होने से पूर्व ही कर दिया जायेगा। राष्ट्रपति अपने पद की समाप्ति हो जाने पर भी अपने उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक पद धारण किये रहेगा । यदि किमी राष्ट्रपति का पद पूरी अवधि से पहिले ही रिक्त हो जावे, जैसे उसकी मृत्यु हो जावे या वह पद त्याग दे, या वह महाभियोग द्वारा हटाया जावे, तो उस दत्ता में पद रिक्त होने के ६ मास बीतने के पहिले हो नये राष्ट्रपति का निर्वाचन किया जावेगा। नया राष्ट्रपति पद ग्रहण की तारीख से ५ वर्ष तक अपने पद पर रहेगा। ऐसे अवसरों पर नये राष्ट्रपति के चुनाव तक उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा । राष्ट्रपति का वेतन आदि - राष्ट्रपति के लिये, संविधान द्वारा १०,०० रु० मासिक वेतन निश्चित किया गया है । इसके अतिरिक्त उसको रहने के लिये एक निवास स्थान दिया जायगा । उसको इसका किराया नहीं देना होगा । राष्ट्रपति को अन्य भत्ते आदि भी दिये जायेगे। जब तक इनका निश्चय ससद् नहीं करेगी तब तक राष्ट्रपति प्रति वर्ष लगभग १५,२६,००० रुपये यात्रा, सत्कार भत्ते, अनुदान, आदि पर व्यय कर सकता है। उसके कार्यकाल में उसके भत्ते, आदि नहीं घटाये जायेंगे । यद्यपि पहले के गवर्नर जनरलों को तुलना में राष्ट्रपति का वेतन भत्ते आदि बहुत कम है, तथापि यह भी सत्य है कि हमारी आर्थिक अवस्था को देखते हुये यह काफी ऊँचे रखे गये है । महाभियोग - राष्ट्रपति अपने पद से ५ वर्ष की अवधि समाप्त होने के पूर्व भी हटाया जा सकता है । इसके लिये संविधान में महाभियोग का उपबन्ध है । अगर कोई राष्ट्रपति संविधान का अतिक्रमण कर रहा है तो ससद् का कोई भी सदन उसके विरुद्ध महाभियोग का प्रस्ताव रख सकता है। ऐसे प्रस्ताव को उस सदन के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर प्राप्त होने चाहिये । यह दिखलायेगा कि इन सदस्यों का समर्थन उसे प्राप्त है। इस प्रस्ताव की सूचना कम से कम १४ दिन पूर्व देनी चाहिये। अगर यह प्रस्ताव उस सदन कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पास हो गया तो यह दूसरे सदन को भेजा जावगा । यह दूसरा सदन राष्ट्रपति के विरुद्ध दोषारोपण का अनुसंधान करेगा या करायेगा । राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह इस अनुसंधान मे उपस्थित हो सकता है, या अपना प्रतिनिधि भेज सकता है। अगर प्रधान के फलस्वरूप दूसरा भवन दो तिहाई बहुमत से दोषोरोपणो को मान ले तो प्रस्ताव पास हो जावेगा। इसका फल होगा कि राष्ट्रपति को उस तारीख से पद-त्याग करना होगा। राष्ट्रपति इसके विरुद्ध कोई अपील नही कर सकता है । इस महाभियोग की व्यवस्था संविधान में इस कारण की गई है जिससे राष्ट्रपति अपनी शक्तियो तथा अधिकारों का दुरुपयोग न करे। क्योकि सविधान में वही पर ऐसा उपबन्ध नही है कि राष्ट्रपति अपने मन्त्रिमण्डल की राय मान हो । अमेरिका के संविधान में भी राष्ट्रपति के विरुद्ध महाभियोग की व्यवस्था है । परन्तु अन्तर यह है कि भारत में ससद् वा कोई भी भवन दोषारोपण पर विचार तथा निर्णय कर सकता है जबकि दूसरे सदन ने दोपारापण लगाया संघीय-काय पालिका राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति १३३ हो परन्तु अमेरिका में वेवल सीनेट ही इसका निर्णय करती है । व्यवस्थापिका (कांग्रेस) के निचले भवन को इसके निर्णय का अधिकार नहीं है । राष्ट्रपति द्वारा शपथ - प्रत्येक राष्ट्रपति और प्रत्येक व्यक्ति जो राष्ट्रपति के रूप में काम कर रहा है, अपने पद ग्रहण से पूर्व भारत के मुख्य न्याया धिपति के समक्ष निम्न रूप में शपथ करेगा तथा उसमे हस्ताक्षर करेगा 'मै 'अमुक, ईश्वर की शपथ लेता है। सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता कि मैं श्रद्धापूर्वक भारत के राष्ट्रपति पद वा कार्यपालन ( अथवा राष्ट्रपति के कृत्य का निर्वहन ) कस्गा तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, मरक्षण और प्रतिरण करुगा और में भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूँगा । [अन्तकालीन व्यवस्था -- ऊपर राष्ट्रपति के निर्वाचन की विधि तथा अन्य उससे सम्बन्धित वाता का वर्णन किया गया है। इस प्रकार राष्ट्रपति की निर्वाचन सर्वप्रथम मई १९५२ मे जब कि सघ तथा गज्या में ग्राम- निर्वाचना के पश्चात् नई व्यवस्थापिका का निर्माण हो गया था तब हुआ । परन्तु भार तीय संविधान २६ जनवरी १९५० से लागू हो गया था। अर्न्तवाल के लिये राष्ट्रपति चाहिये था । इसलिये संविधान सभा को ही संविधान के अनुसार यह अधिकार दे दिया गया था कि वह एक अर्न्तकालीन राष्ट्रपति का निर्वाचन कर दे । उस समय डा० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति सर्वसम्मति से चुने गये थे। (२५ जनवरी, १९५०) । र मई १६५२ का राष्ट्रपति का चुनाव - राष्ट्रपति के लिये ससद् के निर्वा चित सदस्य तथा राज्या को विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या ४,०५७ थी । इसमे ४९५ लोक सभा के २०४ राज्य परिषद के तथा ३,३५८ क ख तथा ग वग के राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य थे । इनमें काश्मीर की संविधान सभा के ८५ सदस्य भी शामिल है। काश्मीर के ससद् वे १० सदस्यों का भी निर्वाचन मे मत प्रदान का अधिकार मिला। काश्मीर के सदस्या को इस अधिकार को प्रदान करने के लिये राष्ट्रपति ने The Constitution (Applicable to Jammu and Kashmir) (Amendment ) Order, 1952' की घोषणा की। राष्ट्रपति के निर्वाचन में विभिन्न राज्यो को विधान सभाओ के सदस्यों को निम्न सस्था में मताधिकार प्राप्त हुआ
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संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने भविष्यवाणी की है कि 40 लाख लोग अंततः यूक्रेन छोड़ सकते हैं, लेकिन आगाह किया कि यह संख्या और भी बढ़ सकती है. रूस यूक्रेन (Russia Ukraine conflict) युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि एक सप्ताह से भी कम समय पहले रूस के आक्रमण के बाद से 10 लाख लोग यूक्रेन से भाग गए हैं. यूएनएचसीआर (UNHCR) की गणना के मुताबिक एक सप्ताह से भी कम समय में पलायन करने वाले लोगों की यह संख्या यूक्रेन (Ukraine) की आबादी के 2 प्रतिशत से अधिक के बराबर है. विश्व बैंक ने 2020 के अंत में यहां की जनसंख्या को 44 मिलियन बताया था. शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त फिलिपो ग्रांडी ने ट्विटर पर लिखाः "केवल सात दिनों में हमने यूक्रेन से पड़ोसी देशों में दस लाख शरणार्थियों का पलायन देखा है.' सीरिया जहां 2011 में गृहयुद्ध छिड़ गया था, वर्तमान में सबसे बड़ा शरणार्थी बहिर्वाह वाला देश बना हुआ है-यूएनएचसीआर के आंकड़ों के अनुसार, 5.6 मिलियन से अधिक लोग पलायन किये थे. लेकिन 2013 की शुरुआत में, सीरिया से शरणार्थियों द्वारा उड़ान की सबसे तेज दर पर भी, 10 लाख शरणार्थियों को उस देश को छोड़ने में कम से कम तीन महीने लग गए. यूएनएचसीआर की प्रवक्ता शाबिया मंटू ने कहा कि यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से वाले पड़ोसी देशों में लोगों का भागकर जाना जारी है और मंगलवार से दो लाख से अधिक लोगों ने यूक्रेन की सीमा पार की है. एक दिन पहले ही मंटू ने आगाह किया था कि यूक्रेन से लोगों का पलायन इतने बड़े पैमाने पर जारी है कि यह इस सदी का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट होगा. उन्होंने कहा कि यूएनएचसीआर ने पहले अनुमान लगाया था कि यूक्रेन से 40 लाख लोग पलायन कर सकते हैं, लेकिन एजेंसी अपने पूर्वानुमान का पुनर्मूल्यांकन करेगी. ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि आधे से अधिक अर्थात करीब चार लाख 54 हजार लोग पोलैंड और एक लाख 16 हजार से अधिक हंगरी गये हैं और 79,300 ने मोल्दोवा में शरण ली है. कुल 69,000 लोग अन्य यूरोपीय देश गये हैं तो 67,000 लोगों ने स्लोवाकिया का रुख किया है.यूक्रेन पर रूसी हमले के आठवें दिन रूस की सेना ने कई शहरों के रिहाइशी इलाकों में बमबारी तेज कर दी है. कीव, खारकीव, बुका और इरपिन शहर में कई इमारतें खंडहर में तब्दील हो गई हैं. लोग खौफजदा होकर देश छोड़ रहे हैं. टीवी 9 भारतवर्ष काफी समय से जो कह रहा था, आखिर वही हुआ. यूक्रेन की लड़ाई वर्ल्ड वॉर की तरफ आ ही गई. देखिये वॉर जोन से LIVE हाल अभिषेक उपाध्याय और चेतन शर्मा के साथ.
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लखनऊ : मुकदमों की मार झेल रहे शिक्षा विभाग को बचाने के लिए सरकार सदन के अगले सत्र में स्टेट एजुकेशन ट्रिब्यूनल बिल लाएगी। इसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। शिक्षकों के प्रशासन और सेवा से जुड़े मसलों की इसमें सुनवाई हो सकेगी। सुनवाई के लिए दो स्तर पर व्यवस्था बनाई जाएगी। हाई कोर्ट में शिक्षा विभाग के हजारों मुकदमे पेंडिंग हैं। अकेले लखनऊ बेंच में ही माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के 38 हजार से अधिक मुकदमे चल रहे हैं। विभागीय स्तर पर आने वाले ग्रीवांस के निस्तारण का कोई और फोरम न होने के चलते मामले कोर्ट पहुंचते हैं। आए दिन सचिव से लेकर निदेशक, संयुक्त निदेशक और डीआईओएस स्तर के अधिकारियों को सफाई और समन के लिए कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है। इसको देखते हुए ये फैसला लिया गया है। एजुकेशन ट्रिब्यूनल की गठन की मांग शिक्षक संगठनों की भी रही है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही राज्यों को ट्रिब्यूनल बनाने को कह चुका है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि फर्जीवाड़े, गलत डॉक्यूमेंट जैसे रास्तों के जरिए बहुत से लोग नौकरी में आ जाते हैं। इसके अलावा छोटे-मोटे विभागीय विवादों में भी अधिकारियों को कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है। प्रक्रिया लंबी खिंचने का नुकसान शिक्षकों को होता है।
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New Delhi/Alive News : लाखों रुपये खर्च कर अपने बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना देख रहे गुलशन को यह नहीं पता था कि उनके सपने स्कूल की बड़ी लापरवाही के चलते चकनाचूर हो जाएंगे। बेटे को खोने के बाद गुलशन और उनका परिवार सदमे में है तो शुरुआती जांच में जीडी गोयनका स्कूल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डीएम के आदेश पर मामले की जांच के लिए पहुंची एडीएम सिटी ने जब पूछताछ की तो पता चला कि घायल छात्र को स्कूल में फस्र्ट एड तक नहीं दिया गया। मेडिकल रूम में तैनात नर्स को घटना की जानकारी तक नहीं थी। मेडिकल रूम की जांच में वहां एक्सपायरी दवा मिली। डीएम के आदेश के बाद दोपहर करीब दो बजे एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल एसएचओ इंदिरापुरम सुशील कुमार दुबे के साथ जांच के लिए शक्तिखंड-3 स्थित पहुंची। यहां उन्होंने स्कूल में घटना के दौरान मौजूद टीचर्स, सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मी सभी से पूछताछ की। स्कूल के मेडिकल रूम पहुंची तो रजिस्टर में अरमान की एंट्री नहीं मिली। अरमान के पिता गुलशन सहगल ने बेटे की मौत का जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन को ठहराया है। उन्होंने स्कूल पर सच्चाई छुपाने, सीसीटीवी हटाने और सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि उनके बेटे के कपड़े गीले थे, ऐसे में उसके मुंह और नाक के खून साफ किए गए थे। साथ ही प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन से नहीं मिलने दिया गया। पुलिस को भी स्कूल की तरफ से सूचना नहीं दी गई। उन्होंने खुद पुलिस को इसकी सूचना दी। स्कूल में बच्चे की मौत की सूचना से हडक़ंप मच गया। थोड़ी ही देर में स्कूल के गेट पर पैरेंट्स की भीड़ जमा हो गई। जानकारी लेने गए पैरेंट्स ने स्कूल के अंदर जाने का प्रयास किया, मगर सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। अभिभावकों और सुरक्षाकर्मियों में नोकझोंक हुई। इसके बाद शांति गोपाल अस्पताल पर भी लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और मामले को दबाने का प्रयास का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्कूल के पीटीआई अख्तर खान और लैब असिस्टेंट मनीरतन त्रिपाठी ने बताया कि वह दोनों सुबह कारिडोर में यूनिट टेस्ट के दौरान ड्यूटी दे रहे थे। छात्र अरमान सहगल करीब 10 मिनट लेट पहुंचा था। वह सेकेंड फ्लोर स्थित अपने क्लास रूम की ओर चला गया। क्लास में उसे पता चला कि यूनिट टेस्ट फस्र्ट फ्लोर पर है। पीटीआई अख्तर ने बताया कि वह फस्र्ट फ्लोर की ओर जाने लगा तो क्लास फोर्थ डी के सामने वह गिर गया। इस पर क्लास में मौजूद टीचर बहुत तेज चिल्लाई तो वह मौके पर पहुंचे। लैब असिस्टेंट मनीरतन त्रिपाठी गोद में लेकर मेडिकल रूम पहुंचे। यहां से गाड़ी में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जहां पर घटना हुई है स्कूल के उस ब्लॉक में सीसीटीवी नहीं लगा है। घटना कैसे हुई इसकी स्पष्ट जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने अन्य ब्लॉक के सीसीटीवी की डीवीआर और हार्डडिस्क कब्जे में ले ली है। पुलिस का कहना है कि स्कूल में कैमरे बहुत है। एक-एक कर फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एडीएम सिटी के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने पांचवी क्लास को फस्र्ट फ्लोर और चौथी क्लास का सेकेंड फ्लोर पर बिठाया है। जो मानकों के अनुसार गलत है। छोटी कक्षाएं निचले फ्लोर पर होनी चाहिए। स्कूल की फर्श पर फिसलने वाले टाइल्स लगे हैं। इन पर कभी भी हादसे का खतरा हो सकता है। इसी टाइल्स पर पैर फिसलने से अरमान की मौत की बात भी सामने आ रही है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार अरमान के मुंह पर चोट लगी थी। शरीर पर कहीं और चोटों के निशान नहीं थे। खून भी नहीं बह रहा था। गिरने के बाद अरमान थोड़ी देर में ही बेहोश हो गया। इसी के चलते उसे अस्पताल लेकर जाना पड़ा।
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चाहिए । हौप का उद्देश्य तेजी लाने में हैं यदि यह प्राप्त न हो तो उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है । अनुभवी ऐथलिटों ने यह पाया है कि वे फौर्म का आरम्भ मांस पेशियों में काफी ढिलाई से करते हैं और सेट पोजिशन में शरीर के पूरे मांस पेशियों में तनाव उत्पन्न कर देते हैं । रिवर्स उस शक्ति का भड़काव है जो पैरों, कमर, हाथों, कंधों तथा कलाई में हौप के तेजी के साथ शौट में दिया जाता है । साधारण गलतियाँ : संतुलन न होना - संतुलन आँखों से होता है, संतुलन में पीठ सीधी और चपटे पैर पर खड़े होना । शौट पुट फेंकने के पहिले या फेंकने के समय प्रारम्भिक क्रिया करना जो उसके जाने की दिशा में न हो । वृत्त के पिछले हिस्से में काफी नीचे न होना और ग्लाईड करने के समय नीची न रखना । सिर तथा कंधों की सम्बन्धित अवस्था को ग्लाईड के बीचया उसके बाद बदल देना । वृत्त में चलने के समय पुट्ठों के साथ शाट तथा कंधों को बहुत पीछे न रखना । ग्लाईड के समाप्त होते ही शरीर को ऊपर और बाहर के गति प्रवाह को चलने न देना । ग्लाईड के समय होने पर दाहिने पुट्ठे को सामने घूमने देना । पुट्ठों को पहिले ऊपर तब सामने ड्राइव न करना । फेंकने की क्रिया में अधिक शक्ति के लिये बायां पैर तथा हाथ के झुकाव पर अधिक
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प्रो० गणेश रघुनाथ अभ्यंकर ०१६ जनवरी सन् १६३१ को ब्रिटिश साम्राज्य के प्रधान मंत्री मि० मैकडानल्डकी घोषणा प्रकाशित होनेक समयसे भावी स्वराज्य के सम्बन्ध भनेक तर्क वितर्क इस घोषणाका रियासतोंकी दृष्टि से क्या महत्व है, इसका हम इस लेख में दिग्दर्शन कराना चाहते हैं। इसके पूर्वी मर्थात सन् १६१७ की घोषणा में ब्रिटिश सरकारका ध्येय माग्नमें क्रमशः जिम्मेवार शासन प्रणाली ( Responsible (eve1nment) स्थापन करनेका है, ऐसा प्रकट किया गया इस घोषणा में 'हिन्दुस्थान' शब्द एक व्यापक भथ में उपयोग किया है, जिससे रियामत और ब्रिटिश भारत दोनों सम्बोधित होते हैं । भारत सरकार के कानून में 'इंडिया' अथवा हिन्दुस्तान शब्दकी परिभाषा इसी प्रकार की है । मन १६१७ की घोषणा के पश्चात भारत सरकारका मन] १६१६ का नया कानून निर्माण हुआ । इस कानूनको ब्रिटिश भारत में अमल में लाने के लिए उसकी पहली दफाके उपोद्घात में 'ब्रिटिश भारत' शब्दका उपयोग करके यह उल्लेख किया है, कि ब्रिटिश भारत में जिम्मेवार शासन-प्रणाली प्रस्थापित करने के लिए यह कानून मंजूर किया गया। सन् १६१७ की घोषणा तथा मन् १६९६ के कानून के शब्दभेदमे यद्द मानने में कोई बाधा न होगी कि सन् १६१७ की घोषणा के लेखकोंके मनसे इन दो शब्दोंका अर्थभेद पूर्णतया स्पष्ट था । इस 'इंडिया' शब्द के प्रयोगसे ही लोगोंक हृदयों में ऐसी प्राशा उत्पन्न हुई कि जिम्मेवार शासन प्रणालीका व्येय रियासतों में भी अमल में लाया जायगा । गोल-मेज प -परिषदकी प्रथम बैठक में बीकानेर नरेशने कहा है कि सन् १९१७ की घोषणाका ध्रुवतारा अपने सम्मुख रखकर ही रियासतोंको अपना राज्य-शकट उस दिशा में हाँकना चाहिए । इसी कारण मैकडानल्ड साहब की घोषणास ऐसी भाशा प्रकट होती थी कि उसमें रियासनोंकी जिम्मेवार शासन-प्रणाली के सम्बन्ध फुक-न-कुछ उल्लेख अवश्य किया जायगा : किन्तु इस नई घोषगाम वे सरनोरथ भग्न होकर रियासतकी प्रजाको घोर निराशा हुई है । इस घोषणााम भारतपर एक दगरा सकट उपस्थित हुआ है । ब्रिटिश शासन के प्राकममे भाज तक रियामती तथा ब्रिटिश भारतका अन्तिम नियंत्रण केवल एक ही राजसत्ता में भारत सरकारमै - केन्द्रीभूत था। रियामतोंका सार्वभौमत्व (Soverng.uty ) का तथा ब्रिटिश भारतके राज्य शासनका अन्तिम अधिकार भारत सरकार में ही केन्द्रीभूत था. और वह अधिकार गवनर जनरल इन-कौन्सिल अमल में लाते थे । 'पायगराय' शब्दका न तो कानूनमें कहीं उल्लेख है और न वह को स्वीकार ही किया गया है । यह केन्द्रीभूत सत्ता अब विभाजित होकर विभाग सदा के लिए होनेवाले है। देशी नरेश अपनी सम्मतिम जो विभाग ब्रिटिश भारतके फेडरेशनको सौंप देंगे, उन्हें छोड़कर शेष सब विभागका राजनैतिक नियंत्रणा भागामी राज्य शासन वायसराय ( बादशाह के प्रतिनिधि ) के हाथ में रहेगा । वायसराय पॉलिटिकल विभागका गोगे नौकरशाही की सहायताम यह नियन्त्रगा लगभग सौ संवच्छाचारी रियासतोंपर चलानेवाले हैं। तात्पर्य यह कि रियासतों और वायसरायका एक नया मौतला दल अब अस्तित्व मानेवाला है और ब्रिटिश भारतका राज्य शासन बादशाहक प्रतिनिधिके नाते गवर्नर जनरल अपने मंत्रिमंडलकी सहायता करनेवाले हैं । अर्थात् आगामी राज्य व्यवस्था में वायसराय और गवर्नर जनरलके अधिकारके दो पृथक् विभाग किये जायँगे । मैकडानल्ड साहबने अपनी घोषगामें यह द्विदल शासन प्रणाली मूल सिद्धान्त के ही आधारपर रचित है,
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रामगढ़ः उत्क्रमित उच्च विद्यालय कैथा में बुधवार को जिला स्तरीय कस्तूरबा (Kasturba) संगम 2021-22 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने हिस्सा लिया। जिले की चारों कस्तूरबा बालिका विद्यालयों की छात्राओं तथा दोनो झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं के द्वारा मुख्य अतिथि और जिला स्तरीय पदाधिकारियों का स्वागत गान गाकर स्वागत किया गया। वही कार्यक्रम में छात्राओं के द्वारा स्वागत नृत्य सहित कई अन्य नृत्यों की प्रस्तुति भी दी गई। उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार से छात्राओं के द्वारा यहां विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई है उससे पता चलता है कि उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए कितनी कड़ी मेहनत की है। वहीं उन्होंने सभी से कहा कि कस्तूरबा संगम में जो प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं उनमें आप सभी बढ़-चढ़कर भाग ले। उन्होंने जोर देते हुए सभी से कहा कि प्रतियोगिता में जीतना नहीं बल्कि उसमें हिस्सा लेना जरूरी होता है वहीं उन्होंने दर्शकों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जो लोग प्रस्तुति दे रहे हैं उनकी मेहनत का आकलन दर्शकों के द्वारा ही किया जाता है। इसलिए आप सभी भी आज जो कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं उनमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर बच्चों को प्रोत्साहित करने में अपना योगदान दें। बालिका शिक्षा पर बात करते हुए उपायुक्त ने सभी से कहा कि शिक्षा आप सभी का अधिकार है इसलिए जीवन में कुछ बड़ा प्राप्त करने की चाह में बिना दबाव लिए इसे ग्रहण करें। कस्तूरबा संगम के संबंध में बात करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कोरोना काल में जिस प्रकार से शिक्षा बाधित हुई है उसके बाद इस तरह का कार्यक्रम आप सभी के लिए एक मौका है शिक्षा के क्षेत्र से हटकर अपनी प्रतिभा को दर्शाने का। आने वाले समय में इस तरह की और भी प्रतियोगिताएं आयोजित होगी जिनमें आपको और भी मौका मिलेगा। उपायुक्त ने सभी से सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक रहकर उनका लाभ लेने की अपील की वहीं उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को असल जिंदगी में भी लड़कियों को लड़कों के सामान समझते हुए उन्हें भी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की। जिला स्तरीय कस्तूरबा (Kasturba) संगम में सांसद प्रतिनिधि संजय सिंह ने कहा कि आज के दौर में लड़कियां हर क्षेत्र में कीर्तिमान हासिल कर रही है। शिक्षा सीढ़ी है जिसके माध्यम से आप सभी अपने जीवन में कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं। इसलिए पूरे मन से नई नई चीजों को सीखने में ध्यान दें वही इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को भी निखारे। जिला शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि कोरोना के कारण लगभग 2 वर्षों के बाद राज्य सरकार द्वारा कस्तूरबा (Kasturba) संगम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है इसकी शुरुआत लातेहार जिला से हुई थी जिसके बाद इसे पूरे राज्य में अपनाया गया वहीं उन्होंने सभी से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की। अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मोनादीपा बनर्जी द्वारा सभी को कस्तूरबा संगम के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा संगम का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है जिसका पहला चरण विद्यालय स्तर पर 4 दिसंबर को आयोजित हुआ वही इसका दूसरा चरण जिला स्तर पर आज उत्क्रमित उच्च विद्यालय कैथा में किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्य स्तरीय कस्तूरबा संगम जोकि जनवरी 2022 में प्रस्तावित है में भाग लेने का मौका मिलेगा। कस्तूरबा संगम में उपायुक्त माधवी मिश्रा आदि अतिथियों एवं अधिकारियों के द्वारा छात्राओं द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। उपायुक्त ने छात्राओं से उनके द्वारा बनाए गए मॉडल के संबंध में कई महत्वपूर्ण चर्चाएं करते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। जिला स्तरीय कस्तूरबा संगम 2021-22 के दौरान कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं के लिए क्विज, निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला, नाटक, नृत्य नाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया वही कक्षा 9 से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए वाद विवाद, विज्ञान प्रदर्शनी, क्विज, निबंध लेखन, भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला, नाटक, नृत्य नाटिका प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसके उपरांत सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मंच का संचालन सरिता सिन्हा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कल्याण पदाधिकारी रामेश्वर चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियी उपस्थित थे।
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काले कलप इंजीनियरों द्वारा विकसित और निर्मित KMR762 स्नाइपर राइफल के लिए इंडोनेशियाई स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। मलेशिया में अपने घरेलू और राष्ट्रीय उत्पादों के साथ 17वें रक्षा सेवा एशिया (DSA) मेले में भाग लेते हुए, KaleKalıp ने 7,62 मिमी सेमी-ऑटोमैटिक स्नाइपर राइफल KMR762 इंडोनेशियन स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। जेंडरमेरी जनरल कमांडर जनरल आरिफ सेटिन और मलेशियाई राजदूत मर्व सफा कावाकी ने सम्मेलन के कार्यक्रम में भाग लिया। चूंकि KMR762 एक अर्ध-स्वचालित स्नाइपर राइफल है, इसमें अर्ध-स्वचालित और सुरक्षा मोड हैं। 5,3 किलोग्राम वजनी KMR762 की अधिकतम लंबाई 1150 मिमी है। 20″ बैरल होने से यह लंबी दूरी पर फायदेमंद होता है। बंदूक में 20 या 10 मैगजीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये पत्रिकाएं पारदर्शी कंपोजिट से बनी हैं। हथियार की प्रभावी सीमा 800 मीटर है। बंदूक AR-10 डिज़ाइन की है और KCR762 पर आधारित है। KMR762, जिसमें शॉर्ट स्ट्रोक गैस पिस्टन ऑपरेटिंग सिस्टम है, सेमी-ऑटोमैटिक है। चार-चरण और गाल-समायोज्य स्टॉक और STANAG 4694 पिकाटिनी रेल होने से उपयोगकर्ता को आराम मिलता है। इस प्रकार, सभी प्रकार के प्रकाशिकी, रात्रि दृष्टि और थर्मल दूरबीन को जोड़ा जा सकता है। बंदूक में थूथन ब्रेक के लिए एक समायोज्य गैस ब्लॉक है। MLOK फोर-एंड वाली गन में, अंतिम उपयोगकर्ता गाइड को वांछित लंबाई में संलग्न करके वांछित सामान संलग्न कर सकता है। केवल अग्र-छोर के ऊपरी भाग पर रेल है। गाइड के साथ रेल को दाएं, बाएं और नीचे के हिस्सों में जोड़ा जा सकता है। फोर-एंड एयरोस्पेस ग्रेड एल्युमिनियम 7075 का उपयोग करके निर्मित किया गया है। बंदूक में एक पत्रिका रिलीज कुंडी, एक तंत्र रिलीज कुंडी और दाएं हाथ और बाएं हाथ के उपयोगकर्ताओं के लिए दाएं और बाएं दोनों तरफ एक फायरिंग मोड समायोजक है। बंदूक 100 मीटर पर 0.3 एमओए फैलाव दिखाती है। कालेकल्प इस हथियार के लिए दो अलग-अलग स्टॉक विकल्प भी प्रदान करता है। यह मानक के रूप में 4-चरण, गाल-समायोजित टेलीस्कोपिक स्टॉक प्रदान करता है। तोप में फोल्डेबल साइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह प्रकाशिकी का उपयोग करते समय उपयोगकर्ता के दृश्य को बाधित नहीं करता है।
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बिहार लोक सेवा आयोग- बीपीएससी (BPSC) 67वां कंबाइंड कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन प्रीलिम्स की पुनः परीक्षा एडमिट कार्ड मंगलवार, 20 सिंतबर को यानी आज जारी करेगी। जिन उम्मीदावारों ने परीक्ष के लिए आवेदन किया था वह उम्मीदवार एडमिट कार्ड जारी होने के बाद बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc. bih. nic. in और onlinebpsc. bihar. gov. in से जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। सबसे पहले परीक्षा कि तिथि 21 सिंतबर की तय की गई थी जिसके एडमिट कार्ड 14 सिंतबर को जारी किए जाना था लेकिन बाद में परीक्षा की तिथि को बदल कर 30 सितंबर 2022 कर दी। परीक्षा का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच आयोजित की जानी है। जिसका एडमिट कार्ड बीपीएससी ने आज जारी किए जाएगें। चरण 1 - आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर आपको नोटिफिकेश बार में एडमिट कार्ड का लिंक दिखाई देगा। चरण 2 - दिए गए इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। चरण 3 - नए खुले इस पेज पर उम्मीदवारों को अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड डाल कर साइन इन करना है। चरण 4 - साइन करने के बाद आपक बीपीएससी 67वां का एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा। चरण 5 - स्क्रीन पर आए एडमिट कार्ड को अब आप डाउनलोड कर सकते हैं। सुरक्षा के लिए एडमिट कार्ड के 2 प्रिंट जरूर लें। परीक्षार्थीयों को सलाह है कि वह अपने एडमिट कार्ड की प्रिंट कॉपी लेकर परीक्षा के लिए जाएं। मोबाइल में एडमिट कार्ड मान्य नहीं माना जाएगा। साथ ही एडमिट कार्ड पर दी गई सारी जानाकारी को ध्यान से पढ़ लें। 30 सितंबर को परीक्षा का आयोजन दोपहर 12 बजे से 2 बजे किया जाएगा। परीक्षार्थियों को सलाह है कि वह परीक्षा समय से करीब 1 घंटे पहले वह एडमिट कार्ड में दिए गए परीक्षा केंद्र पहुंच जाए। ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना करना न पड़े।
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उत्तर प्रदेश । । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के किले को ढहाना इतना आसान नहीं है, ये सपाइयों ने साबित कर दिया है। सपा के गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी में सपाइयों ने चाचा शिवपाल यादव के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान सपा खेमे से अलग हुए नेताओं की समाजवादी पार्टी में वापसी करा दी गई है। उस दौरान जितने भी नेता सपा से अलग हुए थे, वे ज्यादातर शिवपाल यादव की नई पार्टी में पहुंच गए थे। मैनपुरी में सांसद तेज प्रताप यादव की मौजूदगी में सपा जिला कार्यालय पर मासिक बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अनुजेश प्रताप यादव, सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा, पूर्व राज्यमंत्री तोताराम यादव, सपा मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव हरिओम मिश्रा, सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव राजेश खटीक सहित कई बड़े नेता मौजूद थे। इनकी मौजूदगी में कुरावली से जिला पंचायत सदस्य सतीश यादव व पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश यादव ठेकेदार ने सपा में वापसी की। इन दोनों नेताओं की बात की जाए, तो ये शिवपाल सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाते थे। विधानसभा चुनाव 2017 से पहले सैफई परिवार में जब कलह हुई, तो शिवपाल यादव के साथ सबसे आगे ये नेता नजर आए। इतना ही नहीं इन नेताओं ने सपा से इस्तीफा दिया। विधानसभा चुनाव 2017 में खुलकर तो नहीं, लेकिन इन नेताओं द्वारा बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी का साथ दिया गया था। अभी तक चर्चा ये थी, कि जल्द ही ये नेता शिवपाल यादव के साथ दिखाई देंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इन दोनों नेताओं ने शिवपाल यादव को ठुकराते हुए दोबारा समाजवादी पार्टी में वापसी कर ली है। इस मामले में जिला पंचायत सदस्य सतीश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी पुराना घर हैं, वहां वापसी की है। शिवपाल यादव से नजदीकी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी न किसी से नजदीकी तो होती है। इसमें कोई खास बात नहीं है।
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- 4 hrs ago ये क्या, 3. 3 लाख की ओवरसाइज़्ड हुडी पहनकर मलाइका अरोड़ा ने दिखाया अपना जलवा, फैंस की बोलती हुई बंद! Don't Miss! ब्रालेस, भीगे हुए बदन पर चिपकी गीली टीशर्ट पहन, इस हसीना ने ढाया कहर, आंखें मूंदने पर मजबूर हुए लोग! अमेरिकन एक्ट्रेस और मॉडल अमांडा सर्नी अपने काम से ज्यादा अपने हॉट लुक के कारण चर्चा में रहती हैं। हाल ही में अमांडा ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ ऐसी तस्वीरें पोस्ट की है जिसे देख हर कोई दंग है। दरअसल, अमांडा सर्नी ने बीच पर बिना ब्रा के टी शर्ट और नीचे अंडरवियर पहना है और पानी में भीगने के कारण इनकी टी शर्ट से सब कुछ साफ दिखाई दे रहा है यानी वे वार्डरोब मालफंक्शन का शिकार हो गई हैं। यूट्यूब और सोशल मीडिया स्टार अमांडा अक्सर अपने बयान के कारण भी चर्चा में रहती हैं। कुछ साल पहले उन्होंने बॉलीवुड में काम करने की इच्छा जताई थी और कहा था कि वे वरुण धवन के साथ स्क्रीन शेयर करना चाहती हैं। लेकिन इन सबसे परे उनकी इन तस्वीरों ने तो जैसे इंटरनेट पर कहर ढा दिया है। अमांडा ने इन तस्वीरों की एक सीरीज इंस्टाग्राम पर पोस्ट की है। इन तस्वीरों को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे उन्होंने बिकनी नहीं पहनी है। हालांकि एक तस्वीर में उन्होंने बिकिनी की स्ट्राइप्स भी शो की है लेकिन फिर भी वे अपने आपको वार्डरोब मालफंक्शन से नहीं बचा पाईं। इन तस्वीरों में अमांडा की बिकिनी फिगर साफ दिखाई दे रही है। इन फोटो सीरीज में जहां एक तरफ अमांडा अपने डॉग को किस करती हुई नजर आईं, वहीं एक फोटो मे बोल्ड अंदाज में बैठे हुए पोज देती नजर आईं। एक फोटो में वे पानी के बीचो-बीच है तो दूसरी फोटो में पानी के पास अठखेलियां करती हुईं, भागती हुई और मुस्कुराती हुई दिख रही हैं। एक फोटो में अपने डॉग के साथ लेटी हुई हैं। अमांडा के फैंस इन फोटोज को खूब पसंद कर रहे हैं और आठ लाख से ज्यादा लोग इन फोटोज को लाइक कर चुके हैं। उनकी इतनी हॉट फोटो को देखकर फैंस खुद को कमेंट करने से भी नहीं रोक पा रहे हैं। हालांकि इससे पहले भी अमांडा अपने बिना कपड़ों के फोटोशूट और वीडियो को लेकर चर्चा में रही थीं। इस शूट का अमांडा ने इंस्टाग्राम पर ही वीडियो पोस्ट किया था जिसमें वह बिना कपड़ों के नजर आईं। इस वीडियो में वे डिपार्टमेंटल स्टोर में टी-शर्ट और ब्लैक पैंट पहने सामान खरीदती हुईं नजर आईं। लेकिन एकाएक फोन पर बात करते हुए उन्होंने तुरंत अपनी पैंट रिमूव कर दी और इसके बाद उन्होंने टॉप रिमूव कर दिया। फिर वह बदन ढकने के लिए कभी केले तो कभी डब्बे तो कभी फ्रूट्स तो कभी बास्केट का इस्तेमाल कर खुद को ढकती और फोटोशूट कराती हुई नजर आईं। हालांकि लोगों ने उनके इस सूट के कारण उन्हें ट्रोल भी किया था।
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रांचीः राजधानी के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब शहर में नॉर्मल टेस्ट की तरह कोविड-19 का टेस्ट भी करा सकते हैं। वहीं, सेम डे आपको रिपोर्ट भी मिल जाएगी। जी हां, आईसीएमआर ने रांची के 3 प्राइवेट लैब को डेडिकेटेड कोविड-19 टेस्ट करने की मान्यता दे दी है। इन लैब से सुबह में सैंपल देने के बाद 6 घंटे के अंदर रिपोर्ट दे दी जा रही है। यह प्राइवेट लैब गुरुनानक हॉस्पिटल में माइक्रो प्रैक्सिस लैब, हरमू में एस शरण लैब और बरियातू में निशांत शरण मैट्रिक्स वायरोलॉजी लैब हैं, जहां कोविड टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। जिन लोगों को भी कोविड-19 का टेस्ट कराना है, वो सरकार के रेट पर यहां टेस्ट करा सकते हैं। निशांत शरण मैट्रिक्स वायरोलॉजी लैब के डायरेक्टर डॉ निशांत शरण बताते हैं कि अभी जो दूसरे प्राइवेट लैब हैं वह कोविड-19 का टेस्ट कर एक दिन में रिपोर्ट देते हैं तो कोई दूसरे दिन के बाद रिपोर्ट देते हैं। लेकिन अब आईसीएमआर ने निशांत शरण मैट्रिक्स वायरोलॉजी लैब को मान्यता दी है कि वह कोविड-19 का टेस्ट करा सकता है, ऐसे में अब रांची में यह सुविधा शुरू कर दी गई है कि अगर सुबह सैंपल देते हैं तो 6 घंटे के बाद रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। यहां सरकार द्वारा जो रेट तय किया गया है, उसी रेट पर टेस्ट भी कराया जाएगा। फिलहाल जो सरकार की व्यवस्था है, उसके अनुसार चार बड़े प्राइवेट लैब को सरकार ने कोविड-19 टेस्ट की अनुमति दी है। इसमें डॉक्टर लाल, पैथ काइंड, कोर डायग्नोस्टिक सहित कुछ प्राइवेट अस्पतालों को भी टेस्ट करने की अनुमति दी गई है। लेकिन इन लैब में जो सैंपल कलेक्ट किया जाता है उसको कोलकाता और गुड़गांव के लैब में टेस्ट करने के लिए भेजा जाता है। इस कारण सैंपल देने के बाद 48 से 72 घंटे तक रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता है। अब जब रांची में ही यह व्यवस्था शुरू हो गई है तो लोगों को टेस्ट कराने में भी सहूलियत होगी। सरकार ने राज्य की जनता को राहत देने की कोशिश की है। दरअसल, झारखंड में कोरोना टेस्ट का शुल्क 1500 रुपए कर दिया गया है। सरकार द्वारा निकाले गए इस नोटिफिकेशन के बाद अब निजी लैब इसको लेकर मनमानी नहीं कर पाएंगे और ना इससे अधिक रुपए वसूल पाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि निजी क्षेत्र की लैब के लिए 29 जून 2020 को कोरोना जांच के लिए अधिकतम 2400 रुपए निर्धारित थे। इसके बाद वर्तमान में आरटीपीसीआर टेस्ट किट और वीटीएम किट के मूल्यों में गिरावट आने के कारण पूर्व में जारी विभागीय आदेश में संशोधित करते हुए तत्काल प्रभाव से निजी क्षेत्र की लैब में कोरोना टेस्ट का अधिकतम शुल्क 1500 रुपए निर्धारित किया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि निजी लैब की ओर से कोरोना टेस्ट के नाम पर अगर 1500 रुपए से अधिक शुल्क लिया जाता है, तो लैब के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। चाय पर चर्चा अब किसी बंद कमरे में नहीं हो रही है। इसके लिए शहरवासी ऐसे अड्डों पर पहुंच रहे हैं, जहां अलग-अलग फ्लेवर में महंगी से महंगी चाय के प्याले मिलते हैं। खासतौर पर युवा वर्ग के लिए तो अड्डे आइडिया दिमाग में लाने के नए ठिकाने बन चुके हैं। करियर संवारने पर चर्चा करते हुए वे अपनी जुबां पर लाते हैं-इस चाय वाले को ही देखो, थाड़ा सा दिमाग लगाया तो एक अच्छा स्टार्टअप ले लिया है। इस चर्चा से स्पष्ट होता है, ये चाय की चुस्कियां अब करियर ओरिएंटेंड बन चुकी हैं। युवा करियर को मजबूती देने के लिए कई आइडिया इन अड्डों से उठाकर अपने घर ले जा रहे हैं और उन पर काम भी कर रहे हैं। गौर किया जाए तो कई स्थानों पर तो ऐसे स्टाल खुल चुके हैं, जिनकी फ्रेंचाइजी किसी और दूसरी शहर से पैसा देकर यहां लाई गई हैं। इन स्टाल को कोई आैर नहीं शहर के पढ़े-लिखे युवा ही चला रहे हैं। - शहर में एमबीए चाय वाले से लेकर मुंबई की राजवाड़ी की फ्रंचाइजी है। चाय सुट्टा, बीएड चाय वाला जैसे नामों से चाय की दुकानें संचालित हो रहीं हैं। फूलबाग क्षेत्र की चाय की गुमटियों पर सुबह से लेकर रात तक युवाओं की भीड़ नजर आती है। इन चाय के ठिकानों पर युवतियां भी भीड़ जुटाए खड़ी रहती हैं। कैलाश नगर स्थित एमबीए चाय वाला की फ्रेंचाइजी कुछ दिन ही शुरू हुई थी। यहां पर चाय रेग्यूलर चाय, मसाला चाय, इलायची चाय, चाकलेट चाय, तुलसी चाय के साथ अन्य फ्लेवर में चाय उपलब्ध है। इनका स्वाद लेने के लिए सुबह से देर शाम तक यहां युवाओं की खासी भीड़ रहती है। अन्य जगहों पर भी युवाओं के चाय की कई वैरायटी देकर समय बिताने का मौका दिया दिया जाता है। सुबह से शाम तक जितनी भीड़ चाय के अलग-अलग स्टाल पर रहती है, उतनी भीड़ पिज्जा-बर्गर वाले के यहां भी नहीं होती है। लगता है मानो पिज्जा-बर्गर से युवाओं का मन भर चुका है। सिटी सेंटर क्षेत्र में ही आधा दर्जन के लगभग चाय के स्टाल खुले हैं। इनमें अधिकतर फ्रेंचाइजी ही हैं, क्योंकि पब्लिक सक्सेस नाम को ही फालो करना चाहती है। पहले चाय का मतलब दूध और चाय की पत्ती का मिश्रित रूप ही था। टेस्ट के लिए अदरक व इलायची का उपयोग होता था। अब फ्लेवर वाली चाय की जमाना है। गोविंदपुरी चौराहे के पास राजवाड़ी चाय का स्टाल चलाने वाले साफ्टवेयर इंजीनियार जितेंद्र परमार ने बताया कि उन्होंने मुंबई की रजवाड़ी चाय की फ्रेंचाइजी ली है। अब पढ़ा- लिखा नौजवान चाय के होटलों के बदले स्वरूप में चलाने में कोई गुरेज नहीं कर रहा है। सोच में पूरी तरह से परिवर्तन आ चुका है। उनके यहां रजवाड़ी चाय के अलावा, मसाला चाय, अदरक चाय, स्पेशल इलायची चाय, लांग वाली चाय. स्पायसी चाय, गुड़ वाली चाय, उकाला ( दूध में ड्राइ फ्रूट मसाला) ब्लैक टी, लेमन- जिंजर टी, ग्रीन टी, केशर उकाला मिलती है।
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सिंगापुर, 27 अप्रैल (आईएएनएस). सिंगापुर में एक भारतीय मूल के आदमी को आव्रजन फायदा हासिल करने के लिए अपने सहकर्मी और अपनी भतीजी की विवाह कराने के आरोप में छह महीने की कारागार की सजा सुनाई गई है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. टुडे अखबार ने बताया कि मीरान गनी नागूर पिचाई ने 25 हजार $ के बदले आर्थिक तंगी का सामना कर रही अपनी भतीजी की विवाह भारतीय नागरिक अब्दुल कादर कासिम से, करा दी, जो 2016 में अपनी अल्पकालिक यात्रा पास का विस्तार करना चाहता था. गौरतलब है कि सिंगापुर में प्रवेश की अपनी तिथि से 89 दिनों के बाद लघु अवधि के विस्तार की मांग करने वालों को क्षेत्रीय प्रायोजक की जरूरत होती है. ऐसे में पिचाई ने अपनी भतीजी, नूरजन अब्दुल को कासिम का प्रायोजक बनाने की प्रबंध की. धन की बात तय होने पर कासिम और नूरजन विवाह के लिए सहमत हो गए. पिचाई को नूरजन के पूर्व पति ने 1 हजार $ दिए. सितंबर 2016 में विवाह हुई थी. पिछले वर्ष इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी के ऑफिसरों ने अप्रवासन फायदा प्राप्त करने के लिए नकली शादी आयोजित करने के आरोप में पिचाई को अरैस्ट कर लिया. आईसीए के सहायक अधीक्षक (एएसपी) गणेशवरन धनशेखरन ने न्यायालय से पिचाई के लिए छह महीने की कारागार की सजा की मांग की. बचाव पक्ष के वकील राजन सुब्रमण्यम ने बोला कि उनके मुवक्किल का इरादा सिर्फ अपने सहयोगी और भतीजी की सहायता करना था. टुडे ने रिपोर्ट किया कि सुब्रमण्यम ने पिचाई के लिए कम सजा की मांग की. जिला न्यायाधीश वोंग पेक ने बोला कि पिचाई को प्रबंध से आर्थिक रूप से फायदा नहीं हुआ, लेकिन विवाह की प्रबंध में प्रमुख किरदार निभाई. पेक ने कहा, मैं अभियोजन पक्ष से सहमत हूं कि सामान्य रोकथाम की जरूरत है क्योंकि नकली शादी का पता लगाना कठिनाई है. कासिम को पिछले वर्ष अगस्त में छह महीने की कारागार की सजा सुनाई गई थी, जबकि नूरजन को इस वर्ष फरवरी में सात महीने की कारागार की सजा सुनाई गई.
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वॉट्सऐप कॉल का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। कई यूजर्स इस पर की गई कॉल्स को रिकॉर्ड भी करना चाहते है। वैसे तो वॉट्सऐप ऐसा कोई फीचर नहीं देता है। वॉट्सऐप पर आपको वीडियो और ऑडियो कॉलिंग दोनों का मौका मिलता है। लेकिन आप दूसरे तरीकों से कॉल को रिकॉर्ड कर सकते हैं। बात रिकॉर्डिंग की करें तो आपको डिफॉल्ट रूप से कोई सुविधा नहीं मिलती है। एंड्रॉयड पर वॉट्सऐप कॉल रिकॉर्ड करना आसान है। इसके लिए आपको Call Recorder: Cube ACR ऐप डाउनलोड करना होगा। हालांकि, यह ऐप सभी फोन्स पर काम नहीं करता है। इसके लिए आपको ऐप के सपोर्ट पेज पर जाना चाहिए, जिससे पता चल सके कि आपका फोन इस ऐप को सपोर्ट करेगा या नहीं। अगर आपका फोन इस ऐप को सपोर्ट करता है, तो आप वॉट्सऐप कॉल रिकॉर्ड कर सकते हैं। पहले गूगल प्ले स्टोर पर Cube Call ऐप्लिकेशन सर्च करना होगा। ऐप के मिलते ही आपको इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करना होगा। ऐप इंस्टॉल होने के बाद यूजर्स को इसे ओपन करना होगा और इसे वॉट्सऐप पर स्विच करना होगा। अब आपको वॉट्सऐप कॉल करते हुए Cube Call विजिट नजर आएगा । अगर विजिट नहीं दिख रहा है, तो आपको Cube Call की सेटिंग में वापस जाना होगा और यहां Force वॉइप call को चुनना होगा। इसके बाद आपको दोबारा कॉल करनी होगी और आपको विजिट नजर आने लगेगा। अगर इसके बाद भी आपको एरर नजर आता है, तो इसका मतलब है कि ये ऐप आप आप केफोने को सपोर्ट नहीं कर रहा।
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- 9 min ago रवीना टंडन की बेटी से लोगों ने कर दी ऐसी डिमांड, जवाब सुनकर खुला रह जाएगा मुंह! Don't Miss! बंद होने जा रहा है 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल'? न्यूज पेपर में छपी खबर की माने तो शो के निर्माता और होस्ट कपिल शर्मा अब अपना सारा ध्यान अपने फिल्मी करियर पर लगाना चाहते हैं। कपिल ने यशराज फिल्म के साथ तीन फिल्मों का कांट्रेक्ट किया है। कपिल की पहली फिल्म 'बैंक चोर' अप्रैल में रिलीज होने वाली है, ऐसे में कपिल ने पहले फैसला किया था अब उनका शो कलर्स पर हफ्ते में दो दिन नहीं बल्कि एक दिन ही आयेगा। लेकिन शो की जबरदस्त टीआरपी के कारण कलर्स चैनल वाले इस बात के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। ऐसे में कपिल और चैनल के बीच तना-तनी चल रही है जिसके चलते कपिल ने फैसला शो को बंद करने का ले लिया है। क्योंकि अब कपिल अपने फिल्म करियर पर ही ज्यादा फोकस करना चाहते हैं। फिलहाल इस खबर पर कपिल शर्मा या चैनल्स की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। Did You Know: कहा जा रहा है कि कपिल शर्मा का 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' की क्रिएटिव डायरेक्टर प्रीति सिमोस से चक्कर चल रहा है दोनों जल्द शादी करने जा रहे हैं। दोनों काफी समय से डेटिंग कर रहे हैं। कपिल के साथ प्रीति ने 'कॉमेडी सर्कस' में भी काम किया है। तलाकशुदा हसीना ने नाइटी में पोस्ट कर दीं S*xy तस्वीरें, रात होते ही बेडरूम में ऐसे मचलीं कि. .
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अमरावती : विदर्भ के विकास की दृष्टि से अमरावती का संतरा प्रक्रिया प्रकल्प एक मील का पत्थर साबित होने वाला है. विदर्भ के संतरे से अब कोका कोला जैसी ब्रांडेड कंपनी का नाम जुड़ने जा रहा है. अमरावती में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस द्वारा संतरा प्रक्रिया प्रकल्प का भूमिपूजन गुरुवार को संपन्न हुआ. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो मेक इन इंडिया के सपने में महाराष्ट्र के तीन प्रकल्पों में संतरा प्रक्रिया प्रकल्प का नाम शामिल था, उसमें यह प्रकल्प जुड़ गया है. उन्होंने कहा कि आज बड़ी खुशी हो रही है कि इस संतरा प्रक्रिया प्रकल्प का भूमिपूजन अमरावती में हो गया, जो अगले 2 वर्षो में बनकर तैयार हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि विदर्भ में बड़े पैमाने पर संतरा उत्पादन किया जाता है, लेकिन संतरा उत्पादक किसानों को अब तक व्यपारियों पर अवलंबित रहना पड़ रहा है. इसके कारण किसानों को संतरे का उचित कीमत नहीं मिल पाता है. लेकिन अब अमरावती के इस संतरा प्रक्रिया प्रकल्प के जरिए, जो कोको कोला जैसा ब्रांड मिलने वाला है के कारण अब संतरा उत्पादक किसानों के दिन बदलने वाले हैं. यही नहीं विदर्भ की मौसंबी, अमरूद, पपीता जैसे फलों पर भी प्रक्रिया कर लोगों को 12 महीने रोजगार देने का प्रयास राज्य सरकार कर रही हैं.
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आज समाज डिजिटल,रोहतकः रोहतक पुलिस की सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने प्रॉपर्टी डीलर जयपाल पांचाल पर हुए जानलेवा हमले की वारदात मे शामिल रहे दो आरोपियो को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। आरोपियो को आज अदालत में पेश किया गया है। आरोपी नुकुल को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है 01 जुलाई 2022 को पुलिस को सूचना मिली की रामराज मे स्थित जयपाल पांचाल के घर पर गोलिया चली है। पुलिस ने तुंरत मौके पर पहुंचकर कार्यवाही शुरु की। जयपाल पांचाल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दिया प्रारंभिक जांच मे सामने आया कि वारदात से करीब दो-ढाई महीने पहले प्रोपर्टी डीलर जयपाल पांचाल को फोन कर लोकेश उर्फ गोगी ने एक करोड रुपये की फिरौती की मांग की 01 जुलाई 2022 को सांय करीब 5 बजे मोटरसाईकिल सवार दो अज्ञात युवको ने प्रोपर्टी डीलर जयपाल पांचाल पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फॉयरिंग करने की वारदात को अंजाम दिया था। जयपाल ने गोलियो से बचने के लिए अपनी फॉर्चयुनर गाडी की आड ली। युवको द्वारा फॉयर किए हुए फॉर्चुयनर गाडी मे लगे। आरोपी अंधाधुंध फॉयरिंग कर मौके से फरार हो गये जांच के दौरान 02 अगस्त 2022 को सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने छापेमारी करते हुए आरोपी नकुल पुत्र राकेश निवासी सुनारिया व इशांत पुत्र सतेन्द्र निवासी भम्भेवा झज्जर को गिरफ़्तार किया गया है। आरोपी नकुल गोली मारने मे शामिल था। आरोपी नकुल का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। आरोपी नकुल ने सन् 2021 मे थाना शिवाजी कालोनी के एरिया मे हत्या का प्रयास की वारदात को अंजाम दिया हुआ है जिसके खिलाफ थाना मे अभियोग अंकित है। वारदात के षडयंत्र मे शामिल आरोपी इशांत ने वारदात मे शामिल रहे आरोपियो को पनाह दी थी। वारदात मे शामिल मुख्य आरोपी लोकेश उर्फ गोगी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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कलाकार जॉन अब्राहम बहुत ही जल्द 'सत्यमेव जयते 2' के साथ दर्शकों के सामने होंगे, जिसमें कलाकार दया शंकर पांडे अहम किरदार निभाते दिखेंगे। टीवी सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' टीआरपी लिस्ट में हमेशा धमाल मचाता है। इस शो में नजर आने वाले कलाकार अपने किरदारों को इस तरह से निभाते हैं कि दर्शक अपना पेट पकड़ लेते हैं। सब टीवी का यह सीरियल सबसे लम्बे वक्त तक चलने वाले शोज में से एक है। ऐसे बहुत कम शोज हैं, जिन्हें दर्शकों का इतना प्यार मिला है। शो से सामने आई ताजा रिपोर्ट की मानें तो इसमें काम करने वाला एक कलाकार जॉन अब्राहम की अपकमिंग फिल्म 'सत्यमेव जयते 2' में दिखाई देगा। अगर आप सोच रहे हैं कि हम 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में जेठालाल का किरदार निभाने वाले कलाकार दिलीप जोशी की बात कर रहे हैं तो आप पूरी तरह से गलते हैं। हम बात कर रहे हैं दया शंकर पांडे की, जो शो में इंस्पेक्टर चालू पांडे का किरदार निभाते हैं। दया शंकर पांडे ने फिल्मीबीट से बात करते हुए बताया है कि वो जॉन अब्राहम की फिल्म 'सत्यमेव जयते 2' का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इसके साथ-साथ उन्होंने यह जानकारी भी शेयर की है कि वो तापसी पन्नू और विक्रांत मैसी की अपकमिंग फिल्म 'हसीन दिलरुबा' में भी अहम किरदार निभाते दिखेंगे। दया शंकर पांडे के अनुसार, 'मैं तापसी पन्नू और विक्रांत मैसी की फिल्म की शूटिंग लॉकडाउन से पहले कर रहा था। इसका कुछ भाग अभी भी बाकी है। इसके साथ-साथ मैं सत्यमेव जयते 2 और रंगबाज का भी हिस्सा हूं। मैं इन दोनों फिल्मों में अपने दमदार किरदार निभाने के लिए काफी उत्साहित हूं।' 'सत्यमेव जयते 2' में जॉन अब्राहम के साथ-साथ दिव्या खोसला कुमार भी नजर आएंगी। यह फिल्म टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार, निखिल आडवणी के साथ मिलकर प्रोड्यूस करेंगे। फिल्म का निर्देशन मिलाप जावेरी करेंगे, जो 'सत्यमेव जयते' और 'मरजावां' जैसी फिल्में बना चुके हैं। मिलाप जावेरी धमाकेदार सिंगल स्क्रीन थिएटर की फिल्मों के लिए जाने जाते हैं और दर्शकों को उम्मीद है कि उनकी अपकमिंग फिल्म 'सत्यमेव जयते 2' भी दर्शकों का खूब मनोरंजन करेगी। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
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वस्तुतः प्रत्येक देश के घर में फायरप्लेस हैं,ओवन, चिमनी, हीटिंग के लिए बॉयलर, कॉलम और अन्य डिवाइस। उनका मुख्य कार्य दहन उत्पादों के साथ संतृप्त हवा को अवशोषित करना है। लेकिन ऐसे डिवाइसों के लिए पूरी तरह से काम करने के लिए कौन सा बारीकियों को जानने की ज़रूरत है? इस सवाल का एक स्पष्ट उत्तर है - एक गुणात्मक और ठीक से इकट्ठे चिमनी। इस मानदंड का महत्व न केवल वायु शुद्धिकरण पर उत्पादक काम में है, बल्कि पूरी अग्नि सुरक्षा के साथ पूर्ण गर्मी प्रदान करने में भी है। फायरप्लेस के लिए चिमनी क्या है? यह पाइप का एक सेट है जिसमें एक अंत एक हीटिंग डिवाइस से जुड़ा है, और दूसरा सड़क से जुड़ा हुआ है। इसकी स्थापना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है, जिसमें कुछ ज्ञान और व्यावसायिकता की आवश्यकता होती है। चिमनी ईंट, स्टेनलेस स्टील, मिट्टी के पात्र, बहुलक सामग्री से बना जा सकता है। इन प्रकारों में से प्रत्येक के पास इसके फायदे, नुकसान, और संस्थापन सुविधाएं भी हैं। बेशक, सही विकल्प बनाने के लिए पेशेवर सलाह लेने में बेहतर है हालांकि, उपकरण चिमनी के कुछ विचारों के लिए, हम सबसे आम प्रजातियों के संक्षिप्त विवरण को नीचे देते हैं। वेंट चैनलों का सबसे लोकप्रिय प्रकार- पत्थर चिमनी वे एक ही प्रणाली में सभी वेंटिलेशन शाफ्ट और राइजर के संयोजन के साथ, घर के निर्माण के चरण में तैयार किए गए हैं। अक्सर, इस डिजाइन की चिमनी और फायरप्लेस की स्थापना पूर्ण शरीर वाली लाल ईंट से की जाती है। इसमें सभी आवश्यक गुण और कुछ तकनीकी विशेषताएं हैं। घर में स्थापित कोई भी भारी डिवाइस,नींव के एक विशेष सुदृढीकरण की आवश्यकता होती है, साथ ही असर वाली दीवारों पर लगाव में भी। इसलिए, ईंट निर्माण एक जटिल विकल्प नहीं है, जिसमें यह आवश्यक है कि भार, कर्षण और अन्य संकेतकों को सही ढंग से गिना जाए। यहां तक कि सबसे छोटी गलती को मानते हुए, परिणाम भयावह हो सकते हैं इसलिए, कुछ नियमों को पढ़ने के लिए सिफारिश की जाती है, जो सामान्य गलतियों से बचने, चिमनी के लिए चिमनी बनाने की बुनियादी बारीकियों को प्रकट करते हैं। स्टेनलेस स्टील से बने पाइप्स विभिन्न आकारों में उत्पादित होते हैंऔर व्यास। उनके डिजाइन सेट, कुछ तत्वों से एकत्रित किया गया है। ऐसी सामग्री ही गर्मी बरकरार नहीं रखती है, हालांकि, थर्मल इन्सुलेशन काफी अच्छा है। कभी-कभी संयुक्त मॉडल होते हैं, जिनमें से जटिल स्टेनलेस स्टील पाइप और सिरेमिक होते हैं। अक्सर वे मुख्य संरचना के अंदर स्थापना के लिए हैं। उपयोग कर फायरप्लेस और चिमनी की स्थापनासिरेमिक पाइप कंक्रीट से बने छोटे वजन के विशिष्ट ब्लॉक द्वारा बनाए जाते हैं। उनकी ऊंचाई और आयाम काफी अलग हैं, इसलिए सबसे उपयुक्त पैरामीटर ढूंढना मुश्किल नहीं होगा। सीधे बिछाने में एक विशिष्ट प्रणाली नहीं होती है, इसे अलग-अलग रूपों में रखा जा सकता है, हालांकि, इस तरह के काम को पूरा करने के लिए लंबवत मजबूती का उपयोग करने की सिफारिश की जाती है, जो विश्वसनीयता और ताकत का समग्र डिजाइन प्रदान करेगी। इसके अलावा, थर्मल इन्सुलेशन के बिछाने के बारे में किसी को भी नहीं भूलना चाहिए, इस उपयोग के लिए असंगत सामग्री। निर्माता पाइप व्यक्तिगत आकार और आकार दे सकते हैं, यह सबसे उपयुक्त विकल्प के चयन को बहुत सुविधाजनक बनाता है। इन संरचनाओं के नुकसान पूरी तरह से महत्वहीन हैं, लेकिन अभी भी हैंः स्टोव, फायरप्लेस और चिमनी की स्थापना, तापमान जिसमें 250 से अधिक नहीं है0, एक नए का उपयोग कर उत्पादन किया जा सकता हैनिर्माण सामग्री - बहुलक। ऐसी संरचनाएं लचीले, हल्के, भरोसेमंद और टिकाऊ हैं। उनकी स्थापना के लिए, नए वेंटिलेशन नलिकाओं को पूरा करने की आवश्यकता नहीं है, इसे पुरानी खानों में स्थापित किया जा सकता है। एक गुणवत्ता चिमनी स्थापित करने के लिए, आपको अनुभवी स्वामी की सलाह से परिचित होना चाहिए। एक अपार्टमेंट इमारत में एक फायरप्लेस स्थापित करने का फैसला किया, यह आवश्यक हैपूरे सिस्टम की जटिलता को समझें। इस तरह के काम को पेशेवरों को सौंपना बेहतर है, क्योंकि प्रक्रिया स्वयं ही श्रमिक है, इसके लिए सटीक गणना और उचित आवेदन की आवश्यकता होगी। यदि ऐसी डिवाइस के निर्माण की स्थापना, जिसमें कई तत्व शामिल हैं, गलतियों को करने के लिए, इससे घातक परिणाम भी हो सकते हैं। स्थापना प्रौद्योगिकी पर विचार करें। चूंकि फायरप्लेस के लिए चिमनी सीधे खुली आग से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे बनाए रखने के दौरान अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है। वे चिमनी की स्थापना पर भी लागू होते हैं।
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बस्तर। जगदलपुर में कोरोना वैक्सीन की नई खेप पहुंचने के बाद रविवार को टीकाकरण में तेजी देखी गई. जगदलपुर शहर में टीकाकरण के लिए 6 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं. हर दिन प्रत्येक टीकाकरण केंद्र में औसतन 100 से 150 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है. बता दें कि शनिवार देर शाम रायपुर से 7700 टीका जगदलपुर पहुंचे, हालांकि जिस मात्रा में टीके राजधानी से यहां पहुंचे हैं. इस हिसाब से यह स्टॉक भी 3 से 4 दिन में समाप्त हो जाएगा. वहीं टीकाकरण के लिए स्थानीय प्रशासन ने सीजी टीका एप का उपयोग शुरू कर दिया है. इसके पहले बीपीएल-एपीएल और अंत्योदय के लिए निर्धारित आरक्षण के आधार पर टीका लगाया जा रहा था. अब सीजी टीका एप में टीकाकरण केंद्र का चयन कर खुद पंजीकृत कर सकते हैं. टीका लगवाया जा सकेगा. पूर्व में निर्धारित आरक्षण को खत्म कर दिया गया है. वहीं कई हितग्राही टीका एप में पंजीयन कराने हेल्प डेस्क भी केंद्र भी पहुंच रहें हैं. केंद्रों में भीड़ का सामना करना पड़ रहा है. शहर में एप के माध्यम से सिर्फ एक ही केंद्र दिख रहा है, जिससे हितग्राहियों में नाराजगी भी देखने को मिली है. इस संबंध में महापौर का कहना है कि कुछ तकनीकी कारणों से एप में थोड़ी समस्या आ रही है. बहुत जल्द ही इस समस्या को सुधारा जाएगा.
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लखनऊः भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला गया। भारतीय महिला टीम ने इस मुकाबले को 9 विकेट से जीतकर हिसाब बराबर कर लिया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित 50 ओवर से पहले ही अपने सभी विकेट गंवा दिए। उनकी पूरी टीम 157 रन पर ढेर हो गई, Lara Goodall ने सर्वाधिक 49 रन बनाए। कप्तान Sune Luss 36 रन बनाकर मानसी जोशी का शिकार हुई। इस मुकाबले में भी एक बार फिर झूलन गोस्वामी की अनुभवी गेंदबाजी भारत के काम आई। उन्होंने 10 ओवर में 42 रन देकर चार विकेट लिए। मानसी जोशी ने 7 ओवर में 23 रन देकर दो विकेट झटके। इसके अलावा राजेश्वरी गायकवाड़ ने 9 ओवर में 37 रन देकर तीन विकेट लिए। भारतीय महिला टीम ने 29वें ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया। पांचवें ओवर में पहला विकेट गिरने के बाद स्मृति मंधाना और पूनम रावत ने टीम को संभाला। भारत में सिर्फ 1 विकेट खोकर 160 रन बना लिए। स्मृति मंधाना ने मात्र 64 गेंदों में नाबाद 80 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 10 चौके और 3 छक्के लगाए। उनका भरपूर साथ दिया पूनम रावत ने, जिन्होंने 89 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली। इस दौरान पूनम रावत ने 4 चौके लगाए। भारत और दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट के पहले वनडे मुकाबले में भारत को 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इसी का बदला लेते हुए दूसरे वनडे में टीम ने जबरदस्त वापसी की। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने मिलकर दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी पर धावा बोल दिया। पहले ऑल आउट करके आसान लक्ष्य लिया गया, उसके बाद जबरदस्त बल्लेबाजी के दम पर मैच को अपने नाम कर लिया।
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Dhanbad: धनबाद (Dhanbad) वर्ष 2018 की मिस इंडिया, मॉडलर और धनबाद नगर निगम की ब्रांड एंबेसेडर कुसुम विहार निवासी अनिता मजूमदार को सिंदरी निवासी मंकूर नन्दन नामक व्यक्ति धमकी दे रहा है. पूर्व मिस इंडिया ने वरीय पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. शिकायत में कहा गया है कि उनके साथ किसी तरह की अनहोनी के लिए जिम्मेवार मंकुर नन्दन होगा. अनीता मजूमदार ने मंकूर नन्दन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गालिब इंडिया नामक संस्था के डायरेक्टर हैं. उन्होंने इसी वर्ष विगत फरवरी माह में मेल से गालिब इंडिया का ब्रांड एंबेसेडर बनने का प्रस्ताव भेजा था. प्रस्ताव के अनुसार छोटे कपड़े पहनने थे. उसे मैंने स्वीकार नहीं किया. उसके बाद उसने म्यूजिक एलबम में एक्ट्रेस का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया. मंकुर नन्दन ने कहा कि आपकी पहचान काफी है. आप मुझे म्यूजिक एलबम लॉन्च करने में मदद करें. प्रलोभन भी दिया गया कि वह मुझे इस कंसर्ट के माध्यम से काफी ऊंचाई पर पहुंचा देंगे. बॉलीवुड में उनकी काफी पहचान भी है. पिछले माह जून में एक कंसर्ट के लिए मेरे माध्यम से टाउन हॉल बुक कराया. फिर 200 टिकट बुक करने के लिए दिया, जिसे मैंने वापस कर दिया. आरोप लगाया कि उन्हें भय व आशंका है कि इसी कारण वह नाराज है और बदला लेने के लिए हमला करा सकता है.
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हजारों सालों से, लोगों ने धूप के रूप में सुगंधित फूल, पौधे और जड़ी बूटियों का उपयोग किया है। देवताओं को प्रार्थना भेजने के लिए धूम्रपान का उपयोग समारोह के सबसे पुराने ज्ञात रूपों में से एक है। कैथोलिक चर्च के सेंसर से पैगन बोनफायर अनुष्ठानों तक , धूप आपके इरादे को जाने का एक शक्तिशाली तरीका है। जड़ी बूटियों, फूलों, लकड़ी की छाल, रेजिन और जामुन के मिश्रण का उपयोग करके आप अपना खुद का आसानी से बना सकते हैं। इनमें से अधिकतर आइटम हैं जो आप स्वयं को बढ़ा सकते हैं, जंगल में पा सकते हैं, या खरीददारी से खरीद सकते हैं। धूप क्यों? धूप - और तेल और इत्र जैसे अन्य सुगंधित सामान - कुछ अलग-अलग स्तरों पर काम करते हैं। पहला आपके मनोदशा पर प्रभाव है - एक निश्चित सुगंध एक विशेष भावना को ट्रिगर करेगी। अरोमाथेरेपिस्ट वर्षों से जानते हैं कि गंध इंद्रियों के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करती है। दूसरा, एक सुगंध में विभिन्न संगठन हो सकते हैं। आप एक दुकान से घूम सकते हैं, चान्तिली की चपेट में आ सकते हैं, और अचानक अपनी दादी की याद दिलाई जा सकती है, जब आप कॉलेज में दूर थे। किसी विशेष भोजन की गंध कैंप में बिताए गए गर्मियों की यादें पैदा कर सकती है। अंत में, हम एक कंपन स्तर पर सुगंध का अनुभव करते हैं। प्रत्येक जीवित ऊर्जा में ऊर्जा होती है, और अपनी कंपन उत्सर्जित करती है - पौधे अलग नहीं होते हैं। जब आप उन्हें धूप में मिलाते हैं, तो ये कंपन आपके इरादे के अनुसार बदल जाती हैं। यही कारण है कि, जादू में, धूप बहुत लोकप्रिय है - आपके अनुष्ठान की जगह को गंध करने के अलावा, आप वायुमंडल में कंपन को बदलने में सक्षम हैं, ब्रह्मांड में परिवर्तन को प्रभावित करते हैं। अपना खुद का क्यों बनाओ? आप वाणिज्यिक रूप से उत्पादित धूप की छड़ें और शंकु लगभग कहीं भी खरीद सकते हैं, और वे महंगे नहीं हैं। हालांकि, वे आम तौर पर कृत्रिम अवयवों से बने होते हैं, और इसलिए कोई जादुई मूल्य नहीं होता है। जबकि वे जलने के लिए अच्छे हैं, और निश्चित रूप से सुंदर गंध करते हैं, वे एक अनुष्ठान सेटिंग में थोड़ा उद्देश्य प्रदान करते हैं। लूज धूप, जो इन पृष्ठों पर व्यंजनों के लिए है, को चारकोल डिस्क पर जला दिया जाता है या आग में फेंक दिया जाता है। चारकोल डिस्क अधिकांश आध्यात्मिक आपूर्ति दुकानों के साथ-साथ चर्च सप्लाई स्टोर्स द्वारा संकुल में बेचे जाते हैं (यदि आपके पास एक हिस्पैनिक मार्केट है , तो यह भी देखने के लिए एक अच्छी जगह है)। डिस्क पर एक मैच लागू करें, और आपको पता चलेगा कि जब यह चमकती है और लाल चमकती है तो यह जलाया जाता है। चमकने के बाद, शीर्ष पर अपनी ढीली धूप का एक चुटकी रखें - और सुनिश्चित करें कि आपको इसे फायरप्रूफ सतह पर मिला है। यदि आप अपने समारोह को बड़ी आग से बाहर रखते हैं, तो बस आग में मुट्ठी भरें। कोई भी अच्छा पकवान जानता है कि पहला कदम हमेशा अपनी गुड्स को इकट्ठा करना है। अपने अवयवों, अपने मिश्रण और मापने वाले चम्मच, जार और ढक्कन, लेबल (साथ लिखने के लिए एक पेन को मत भूलना), और अपने मोर्टार और मुर्गी को इकट्ठा करें। प्रत्येक धूप नुस्खा "भागों" में प्रस्तुत किया जाता है। इसका मतलब है कि आप जिस माप का उपयोग कर रहे हैं वह एक इकाई - एक कप, एक चम्मच, एक मुट्ठी भर - एक हिस्सा है। यदि एक नुस्खा दो भागों के लिए कॉल करता है, तो जो भी आपने चुना है उसका दो उपयोग करें। यदि आप एक चम्मच का उपयोग कर रहे हैं तो एक आधे भाग आधा कप है, यदि आप मापने के लिए एक कप का उपयोग कर रहे हैं, या आधे चम्मच का उपयोग कर रहे हैं। अपनी खुद की धूप बनाते समय, यदि आप रेजिन या आवश्यक तेलों का उपयोग कर रहे हैं, तो इन्हें पहले संयोजित करें। किसी भी छाल या जामुन जोड़ने से पहले, जब तक उन्हें थोड़ी गमी नहीं मिल जाती, तब तक इन्हें मैश करने के लिए अपने मोर्टार और मुर्गी का प्रयोग करें। सूखे जड़ी बूटियों, फूलों, या पाउडर वस्तुओं को आखिरी बार जाना चाहिए। बहुत से लोग धूप धुएं के लिए एलर्जी प्रतिक्रियाओं से पीड़ित हैं। कई मामलों में, यह वाणिज्यिक रूप से उत्पादित धूप में सिंथेटिक सामग्री की प्रतिक्रिया के कारण होता है। कुछ लोगों को लगता है कि अगर वे प्राकृतिक सामग्री से बने धूप का उपयोग करते हैं तो उनके पास कम प्रतिक्रिया होती है। हालांकि, अगर आपके पास एलर्जी या कुछ अन्य हालत है जो धूप धुआं या सुगंध से ट्रिगर की जा सकती है, तो आपको किसी भी धूप का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, चाहे वह व्यावसायिक रूप से खरीदा गया हो या घर से बना और कार्बनिक हो। आप पाते हैं कि आपके लिए सबसे अच्छा समाधान सिर्फ धूप के उपयोग से बचने के लिए है। शुरू करने के लिए तैयार हैं?
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कानपुर। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कप्तान बिशन सिंह बेदी का जन्म 25 सितंबर 1946 को पंजाब में हुआ था। बिशन बेदी आज अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं। 70-80 के दशक में बिशन सिंह बेदी भारत के सर्वश्रेष्ठ स्पिन गेंदबाज हुआ करते थे। वह अपनी फिरकी में बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चकमा दे देते थे। यही वजह है कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर रहे शेन वार्न भी बेदी को अपना आदर्श मानते हैं। बेदी की गेंदबाजी की खासियत थी कि वह बिना एक्शन बदले चार तरह की गेंदबाजी कर लिया करते थे। उनकी यह कला उन्हें अन्य गेंदबाजों से अलग बनाती थी। बेदी ने अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज 1967 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। वह करीब 12 साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी ही नहीं बतौर कप्तान काफी नाम कमाया। 67 टेस्ट मैच खेलकर 266 विकेट लेने वाले बिशन सिंह बेदी ने एक बार इंटरव्यू में कहा था कि, उनकी गेंदबाजी की ताकत उनकी अंगुलियां हैं। यही वजह है कि वह अपनी अंगुलियों को मजबूत बनाने और कलाई को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए अपने कपड़े खुद धोया करते थे। हालांकि माॅर्डन क्रिकेट में गेंदबाज शायद अब इस टेक्निक पर ध्यान न देते हों मगर बेदी ने इसी कला में महारत हासिल कर भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना अलग नाम बनाया। Happy birthday to one of India's finest bowlers Bishan Bedi! बिशन सिंह बेदी ने कुछ समय के लिए भारतीय टीम की कमान भी संभाली थी। बतौर कप्तान उनका करियर काफी चर्चित रहा था। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा साल 1976 का है। तब बेदी की अगुआई में टीम इंडिया टेस्ट सीरीज खेलने वेस्टइंडीज गई थी। सीरीज का आखिरी मैच किंग्सटन में खेला जा रहा था। एक वक्त भारत का स्कोर 1 विकेट पर 200 रन था। विंडीज कप्तान क्लाइव लाॅयड भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में नहीं देख पाए। फिर क्या उन्होंने अपने तेज गेंदबाजों को बाउंसर और बीमर डालने का कहा जिसके चलते दो भारतीय बल्लेबाज चोटिल होकर अस्पताल पहुंच गए। बेदी ने अंपायर डगलस सैंग ह्यु से इसकी शिकायत की। तब अंपायर ने जवाब दिया था, 'मिस्टर बेदी, आप तो कुछ दिनों में यह देश छोड़कर चले जाओगे मगर मेरा परिवार यहीं रहता है। ' बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बिशन सिंह बेदी 1976 में टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया था। यह वो दौर था जब एकदिवसीय क्रिकेट की शुरुआत हुई थी। पाकिस्तान के खिलाफ पहला वनडे खेलने के बाद 1978 में टीम इंडिया फिर पाकिस्तान दौरे पर गई थी। तीन मैचों की सीरीज का आखिरी मैच पाकिस्तान के साहीवाल में खेला गया। यह मैच काफी विवादित रहा क्योंकि भारत ने पाकिस्तान को जानबूझकर मैच जितवाया था। दरअसल हुआ यूं कि पाकिस्तानी कप्तान मुश्ताक मोहम्मद ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। पाक ने निर्धारित ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 205 रन बनाए। अब भारत का जीत के लिए 206 रन चाहिए थे। भारत की तरफ से ओपनिंग करने आए अंशुमान गायकवाड़ ने शानदार पारी खेली। उन्हें सुरिंदर अमरनाथ का साथ मिला। हालांकि अमरनाथ तो 62 रन बनाकर आउट हो गए मगर गायकवाड़ 78 रन पर नाबाद डटे रहे। आखिर में भारत को मैच जीतने के लिए 26 गेंदों में 23 रन की जरूरत थी। सभी को लगा कि भारत यह मैच आसानी से जीत जाएगा। अगले ओवर में पाकिस्तानी गेंदबाज सरफराज नवाज बॉलिंग करने आए। नवाज ने लगातार चार गेंद बाउंसर फेंकी। बेदी ने इसके खिलाफ अपील की और अंपायर से इसे वाइड बॉल करने का कहा। मगर अंपायर बेदी की बात से सहमत नहीं हुए फिर क्या बिशन सिंह ने भारतीय बल्लेबाजों को वापस पवेलियन बुला लिया। भारतीय बल्लेबाजों के वापस लौटते ही पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह भारत के हाथ से एक जिता हुआ मैच निकल चुका था।
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अगर विदेश यात्रा के दौरान आपका पासपोर्ट या अन्य जरूरी ट्रैवल डॉक्युमेंट्स गुम जाएं तो, सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत जल्द से जल्द जाकर दर्ज कराएं। इसके बाद उस देश में स्थित अपने भारतीय दूतावास से मदद के लिए संपर्क करें। हाालांकि ऐसी स्थिति में दूतावास जाकर आपको भारत लौटने के लिए ट्रैवल सर्टिफिकेट मिल जाता है और कुछेक परिस्थितियों में तो दूतावास यात्री के टिकट का इंतजाम भी कर देती है। मगर ऐसी परेशानी न पेश आए इसके लिए जहां भी जाएंस, हमेशा अपना पासपोर्ट और डॉक्युमेंट्स को इस तरह ध्यान से रखें जैसे वह आपके शरीर का अभिन्न हिस्सा हो। इन्हें एक तरह से आप अपनी 'सेकंड स्किन' ही मानें, जो कि बेवजह की परेशानियों से आपको बचाने के साथ ही आपके ट्रिप का मजा भी किरकिरा नहीं होने देगी। हमेशा ट्रैवल इंश्योरेंस कराना फायदेमंद रहता है। ऐसे में आप मेडिकल इमर्जेंसी आने पर मंहगे मेडिकल खर्च से बच जाते हैं। और अगर कहीं आप किसी अडवेंचर ट्रिप पर जा रहे हैं तो, फिर यह इंश्योरेंस कराना आपके लिए और भी जरूरी हो जाता है। इसके लिए यात्रियों को इंश्योरेंस कार्ड मिलने पर उसकी कवरेज को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए। इसके अलावा आपका क्रेडिट कार्ड, शॉपिंग एक्स्पीरियंस को काफी सुकून भरा बना देते हैं। हालांकि विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव और सरचार्ज के कारण यह थोड़ा मंहगा पड़ता है, मगर विदेशी करंसी खत्म होने जाने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। हमेशा विदेश जाने से पहले अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार के पास अपने पूरे ट्रिप प्रोग्राम, जहां ठहरेंगे उस होटेल की डिटेल्स, पासपोर्ट व डॉक्युमेंट्स की कॉपी, एयर टिकट से जुड़ी जानकारी देकर जाएं। इसके साथ ही सभी जरूरी दस्तोवेज की फोटोकॉपी अपने पास रखना भी न भूलें। ताकि जरूरत पड़ने पर अगर कहीं इंटरनेट की सुविधा न होने से मेल से कोई दस्तावेज की कॉपी निकालना संभव न हो तो, आपके पास उसकी एक कॉपी पहले से रहे। पैसे, पासपोर्ट और जरूरत भर के कपड़े हमेशा अपने एक हैंडबैग में साथ लेकर चलें। ताकि लगेज गुम हो जाने की स्थिति में आपको जब तक सामान न मिले तो, गंदे कपड़ों में भूखे-प्यासे वक्त न गुजारना पड़ जाए। इसके अलावा हमेशा आते-जाते समय सुरक्षा चैकिंग के लिए समय से पहले पहुंचे ताकि आप अपनी फ्लाइट आदि के लिए लेट न हों। इसके अलावा अगर कोई जरूरी दवा रोजाना लेते हैं तो उसे भी अपने उस हैंडबैग में रखना न भूलें।
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यूपी के लखीमपुर जिले की घटना को लेकर प्रशासन द्वारा कांग्रेस की महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी व EX CM अखिलेश यादव को रोके जाने व गिरफ्तारी के विरोध में अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में सपा के विधायकों व पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर केन्द्रीय मंत्री का इस्तीफा मांगा है। प्रदर्शन कर रहे दोनों दलों के नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। समाजवादी पार्टी के धरने में पूर्व मंत्री व सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव गोपालपुर से विधायक नफीस अहमद अतरौलिया विधायक डॉक्टर संग्राम यादव विधायक आलम बदी जिला अध्यक्ष हवलदार यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर घटना के लिए भाजपा सरकार को घटना का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा सरकार लगातार किसानों के साथ अन्याय का काम कर रही है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह ने घटना के लिए केन्द्रीय मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की है। लखीमपुर खीरी की घटना के बाद जिला प्रशासन देर रात में ही एलर्ट हो गया। यही कारण है कि जिले में सपा व कांग्रेस के नेताओं ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। SDM सदर वागीश शुक्ला के नेतृत्व में बड़ी संख्या पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था, जिससे किसी तरह की अराजकता न होने पाए। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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श्वेत रेखाएँ बनी हुई थी और जहाँ दूर किनारे पर, एक-दो गाडियाँ इधरउधर खडी इस बातका स्मरण दिला रही थीं कि आज वॉलिंग अपने ढलाईके यंत्र का परीक्षण कर रहा है । उस झुटपुटे मे आँखे गड़ाते हुए उसने वॉलिंग की बालुका रंगवाली ब्यूक गाड़ी देख ली और उसे पहचानते ही उसने देखा कि गाडी चल दी है । उसके पीछे-पीछे दो और गाड़ियाँ भी चली आ रही है । एक और गाडी पाइक स्ट्रीट पर घूम रही है । यह स्पष्ट था कि परीक्षण असफल हो गया । यदि यह बात न होती तो वॉलिंग इतने शीघ्र न जाता । जेसी ग्रिम ने धीरे-धीरे साँस ली। उसने अपनी स्मृति के कोने में सब से अधिक छिपाकर जो वस्तु रक्खी थी, वह थी डॉन वॉलिंग के विरुद्ध बहुत दिनोंसे संचित विरोध । वह जानता था कि मैं जिस प्रकारका विरोध ठाने हुए हूँ उसका कोई अर्थ नहीं । डॉन वॉलिंग से विरोधकी पहली स्मृति उसे उस समय की थी, जब पिट्सबर्ग में प्रारंभिक महीनों में वॉलिग ने आकर बुलार्ड का प्रतिरूप बननेका प्रयत्न किया था । उसने उसे उस ढंग से चलने नही दिया. उसने उसे ऐसा मरोड़ा जैसा उसने कभी और किसी को मरोड़ा नहीं था. और वॉलिंग ने भी समझ लिया था. . . यहाँ तक कि धन्यवाद भी दिया था । वॉलिंग ऐसा पहला ही कच्चा बकरा नहीं था, जिसने उसे उस प्रकारके व्यवहारके लिए धन्यवाद दिया हो । पर वॉलिंग ने उसे बहुत शीघ्र ही धन्यवाद दे दिया। यही तो था वॉलिंग.. सदा अत्यन्त वेगशील, अत्यन्त शीघ्रतायुक्त,' अत्यन्त निश्चयपूर्ण, अत्यन्त चतुर । जंब-जब बॉलिंग पास रहता, तब-तब वह शक्तिको ऐंठनेवाला तनाव उठ खड़ा होता. और जब बुलार्ड जान जाता था कि आप किसी बातका वह उत्तर नहीं दे रहे हैं, जो वह चाहता है तो वह झट वॉलिंगसे कहता- "अच्छा डॉन ? जो काम जेसीने छोड़ दिया है वह यदि तुम्हे सौंप दिया जाता तो ।' और तब दुष्ट वॉलिंग का भाग्य काम करने लगता था । हाँ, उसे "भाग्य ही कहना चाहिए । बुलार्ड जितना उसे मानता था उसका यदि आधा भी वॉलिंग था तो उसका कुछ अश निश्चित ही भाग्य था । यदि कोई अच्छा यंत्र - शिल्पी भी न हो, उसे उत्पादनका अभ्यास भी न हो और फिर भी उससे काम चले तो उसका भाग्य ही समझना चाहिए; और हो ही क्या संकता है ? किन्तु कारखाना चलानेके लिए भाग्य से अधिक की आवश्यकता होती
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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Zebronics ने भारत में Zebronics Iconic-Ultra स्मार्टवॉच को लॉन्च कर दिया है। नई वॉच की कीमत 4 हजार रुपये से भी कम है और ये दिखने में हूबहू 90 हजार की Apple Watch Ultra जैसी लगती है। नई जेब्रोनिक्स आइकॉनिक अल्ट्रा स्मार्टवॉच 100 से अधिक स्पोर्ट्स मोड के साथ, कई हेल्थ सेंसर के साथ आती है, जिसमें SPO2, हार्ट रेट, ब्लडप्रेशर, स्लीप ट्रैकिंग और वॉटर कंजंप्शन रीमाइंडर, सेडेंटरी अलर्ट समेत बहुत कुछ शामिल है। फीमेल हेल्थ के लिए इसमें एक खास फीचर है, जो पीरियड ट्रैक करता है, इन सब फीचर्स के साथ यह फिटनेस लवर्स के लिए एक आदर्श साथी बन जाती है। जेब्रोनिक्स आइकॉनिक अल्ट्रा 9 इन-बिल्ट और 100 से अधिक कस्टमाइजेब्रोनिक्सल और ऐप बेस्ड वॉच फेस के साथ आती है, जिससे आप अपनी स्टाइल, पर्सनालिटी और ओकेशन के अनुरूप सबसे अच्छा लुक चुन सकते हैं। मेटल बॉडी पर फंक्शनल क्राउन एक प्रीमियम फील देता है और यूजर्स को वॉच को आसानी से नेविगेट करने की सुविधा देता है। स्मार्टवॉच में एक इन-बिल्ट स्पीकर और माइक है और ब्लूटूथ वी 5. 1 + वी 3. 0 से लैस है जो यूजर्स को कॉल करने और प्राप्त करने में सक्षम बनाता है और कैमरा और म्यूजिक कंट्रोल फीचर्स का उपयोग करने के लिए डिवाइस को कंट्रोल करने में भी सक्षम बनाता है। यह गूगल और सिरी जैसे वॉयस असिस्टेंट को भी सपोर्ट करता है, जिससे इसे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है। Zeb-Iconic Ultra IP67 रेटिंग वाली वाटरप्रूफ स्मार्टवॉच है जिसमें 260mAH की बैटरी है जो 30 दिनों तक का स्टैंडबाय टाइम देती है। वॉच इनफाइनाइट लूप स्ट्रैप के साथ आती है जिसे मैक्सिमम कंफर्ट और फ्लेसिबिलिटी के लिए डिजाइन किया गया है। जेब्रोनिक्स आइकोनिक अल्ट्रा वॉच ऑरेंज और एक ब्लैक कलर के ऑप्शन में इन्फिनिटी लूप सिलिकॉन बैंड के साथ आती है। यह अमेजन पर 3299 रुपये के इंट्रोडक्टरी प्राइस पर उपलब्ध होगा।
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भाेपाल की अगली महापाैर ओबीसी महिला वर्ग से हाेगी। इंदाैर और जबलपुर में सामान्य वर्ग के प्रत्याशियाें के लिए माैका रहेगा। ग्वालियर में भी अगली मेयर महिला ही हाेगी। नगर निगम के महापाैर और नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए बुधवार काे हुए आरक्षण में यह साफ हाे गया है। भाेपाल में 1999 के बाद महापाैर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। पिछले तीन में से दाे बार अनारक्षित और एक बार महिला के लिए आरक्षित था, इसलिए चक्रानुक्रम में इसका ओबीसी हाेना तय था। भाेपाल सहित दाे निगम ओबीसी महिला, जबकि दाे ओबीसी के लिए रिजर्व हुई हैं। उज्जैन एससी और मुरैना एससी महिला के लिए आरक्षित है। छिंदवाड़ा नगर निगम की सीमा वृद्धि के कारण उसमें अनुसूचित जनजाति आबादी बढ़ने से महापाैर का पद एसटी के लिए रिजर्व हुआ है। पिछली बार एसटी महिला के लिए आरक्षित सिंगराैली अब अनारक्षित हाे गया है। इंदौर, जबलपुर, रीवा और सिंगरौली इस बार अनारक्षित हैं, जबकि पिछली बार पांच निगमों के महापौर पद अनारक्षित थे। कुल 16 नगर निगम में से अलग-अलग श्रेणी में आठ महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इनके साथ 99 नगर पालिकाओं और 292 नगर परिषदाें के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया की गई। नगर पालिकाओं में 50 सीट अलग-अलग श्रेणी में महिलाओं के लिए आरक्षित की गईं। इनमें 26 महिला, 13 ओबीसी महिला, आठ एससी महिला और तीन एसटी महिला के लिए रिजर्व की गईं। अन्य पालिकाओं में 27 अनारक्षित, 12 ओबीसी, सात एससी और तीन एसटी के खाते गई हैं। मंडीदीप और बैरसिया नगर पालिका में अगली अध्यक्ष महिला हाेगी। बुधवार काे हुए आरक्षण में ये दाेनाें सीटें महिला के खाते में गईं हैं। भाेपाल संभाग में भाेपाल नगर निगम सहित कुल 23 निकायाें में अलग-अलग श्रेणी में महिलाओं काे महापाैर व अध्यक्ष पद के लिए माैका मिलना तय है। इसके अलावा 20 निकायाें में से पांच ओबीसी और दाे एससी के लिए रिजर्व रहेंगी। अन्य निकाय में अध्यक्ष पद अनारक्षित हाेगा। नगर पालिकाओं में मंडीदीप व बैरसिया के साथ विदिशा व राजगढ़ महिला, रायसेन, आष्टा व ब्यावरा ओबीसी महिला और सिराेंज ओबीसी के लिए आरक्षित हैं। गंजबसाैदा, बेगमगंज, सीहाेर, सारंगपुर व नरसिंहगढ़ अनारक्षित हैं। अनारक्षित : सारंगपुर, सिवनीमालवा, बेगमगंज, टीकमगढ़, नौगांव, पोरसा, अशोकनगर, डोंगर परासिया, कोतमा, सिहोरा, पसान, सीधी, बड़नगर, गंजबासोदा, नरसिंहगढ़, सिहोर, पीथमपुर, बड़वाह, सेंधवा, नरसिंहपुर, आगर, शाजापुर, दमोह, खाचरोद, उमरिया, गाडरवारा, अनूपपुर। महिला : बैतूल, विदिशा, राजगढ़, पिपरिया, पन्ना, खरगोन, गढ़ाकोटा, बालाघाट, नैनपुर, धनपुरी, महिदपुर, शिवपुरी, बैरसिया, मुलताई, देवरी, दतिया, गुना, वारासिवनी, चौरई, सौंसर, अमरवाड़ा, करेली, नीमच, अम्बाह, मंडीदीप, शुजालपुर। ओबीसी महिला : जावरा, छतरपुर, धार, सनावद, नेपानगर, आष्टा, ब्यावरा, हरदा, पांढुर्ना, श्योपुर कला, होशंगाबाद, रायसेन, मंदसौर। ओबीसी : सबलगढ़, सिरोंज, शहडोल, पनागर, राघोगढ़, जुन्नारदेव, मनावर, मैहर, सिवनी, मंडला, रहली, इटारसी। भोपाल महापौर के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा शुरू हो जाएगी। कहा जा रहा है कि इस आरक्षण में कांग्रेस से पूर्व महापौर विभा पटेल और भाजपा से विधायक व पूर्व महापौर कृष्णा गौर के रास्ते खुल गए हैं। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा है कि महापाैर पद के लिए विधायक प्राथमिकता में नहीं हैं। साफ है कि कृष्णा गाैर के लिए सहमति के आसार कम ही हैं। यदि राजनीतिक दलों के आंतरिक समीकरणों के कारण इन्हें टिकट नहीं मिले तो नए चेहरे सामने आएंगे। विभा पटेल 1999 में महापौर बनीं थीं। वे भोपाल की पहली महिला महापौर थीं। उन्होंने भाजपा की राजो मालवीय को हराया था। दिसंबर 2003 में भाजपा सरकार आने पर कार्यकाल पूरा होने से कुछ माह पहले उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर 2009 में भोपाल की महापौर बनीं। खास बात यह है कि भाजपा ने कृष्णा गौर को अनारक्षित महिला सीट होने पर महापौर का टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस की आभा सिंह को चुनाव हराया था। बाबूलाल गौर के निधन के बाद कृष्णा गौर गोविंदपुरा क्षेत्र से विधायक हैं। तकनीकी तौर पर विधायक के महापौर निर्वाचन में कोई कानूनी बाधा नहीं हैं। इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय और मालिनी गौड़ दोनों ही इसके उदाहरण हैं। एक चर्चा यह भी है कि भाजपा संघ परिवार के किसी अनुषांगिक संगठन में सक्रिय किसी कम चर्चित महिला को उम्मीदवार बना सकती है। 1999 में विभा पटेल के खिलाफ राजो मालवीय भी दुर्गा वाहिनी से आईं थीं, हालांकि वे चुनाव जीत नहीं सकीं। कांग्रेस में संतोष कंसाना, शबिस्ता जकी और रईसा मलिक को जरूर दावेदार माना जा रहा है। भोपाल महापौर का चुनाव दोनों ही पार्टियों के लिए आसान नहीं रहा है। 1994 में भाजपा के उमाशंकर गुप्ता पार्षदों के बीच से महापौर चुने गए थे। उसके बाद 1999 से महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से शुरू हुआ तो 1999 और 2004 में यह पद कांग्रेस के खाते में चला गया। 2009 और फरवरी 2015 में भाजपा ने जीत दर्ज कराई। इस बार राजधानी की छह विधानसभा सीटों में से तीन भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य और भोपाल दक्षिण-पश्चिम से कांग्रेस के विधायक हैं। इसलिए भाजपा के लिए राह बहुत आसान नहीं कही जा सकती। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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प्रयागराज, जागरण संवाददाता। हर सीजन की तरह अबकी भी आइपीएल के पहले मैच से ही करोड़ों रुपये की सट्टेबाजी शुरू है। आइपीएल भले दुबई में चल रहा है, लेकिन सटोरिए प्रयागराज से लेकर प्रतापगढ़ और कौशांबी में भी हर गेंद, रन, विकेट और जीत-हार पर दांव लगा रहे हैं। होटल के कमरों से लेकर किराए के मकान तक में अड्डे हैं जिनकी भनक पुलिस को भी है, लेकिन गिरफ्तारी से ज्यादा जोर अपना हिस्सा लेने पर दिया जा रहा है। कोरोना काल की वजह से स्थगित हुए आइपीएल के बाकी मैचों की शुरुआत यूएई में 19 सितंबर से हो चुकी है। खिलाड़ियों से ज्यादा आइपीएल के शुरू होने का इंतजार सट्टा खेलाने वाले (डब्बा) और खेलने वालों को था। सट्टा खेलने वालों ने अपने मोबाइल में क्रिकेट लाइन गुरू ऐप लोड कर रखा है। इस ऐप की खासियत यह है कि जब टीवी की स्क्रीन पर बालर रन अप पर दौड़ता दिखता है, उस समय इस ऐप में उस गेंद पर रन बनने या विकेट गिरने की जानकारी मिल जाती है। सट्टा खेलने वाले लोग दो तरह से पैसा लगाते हैं। क्रिकेट लाइन गुरु ऐप पर यह प्रोजेक्ट किया जाता है कि पहली पाली में बैटिंग करने वाली टीम हर पांच ओवर में कितना रन बनाएगी या नहीं बना पाएगी। कुछ लोग प्रोजेक्टेड रन बन जाने पर सट्टा लगाते हैं तो कुछ लोग प्रोजेक्टेड रन नहीं बनने पर। इसके अलावा टीम की जीत को लेकर सट्टा अलग से लगाते हैं। रोज कितना सट्टा लगता होगा, इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि एक-एक व्यक्ति एक दिन में दो से पांच लाख रुपये तक का सट्टा लगाते हैं। आइपीएल के मैच में सट्टा लगाने का काम प्रयागराज और प्रतापगढ़ में एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर किया जा रहा है। सट्टेबाज ठिकाना बदलते भी रहते हैं। सट्टा लगाने वाले को लोग कोड में डब्बा बोलते हैं। सब काम मोबाइल पर होता है। सट्टे का हिसाब रोज दिन में 12 बजे तक कर दिया जाता है। अगर सट्टा लगाने वाला जीतता है तो उसे 12 बजे तक पैसा मिल जाता हैऔर अगर वह हारता है तो उसे भी सट्टा खेलाने वाले को दोपहर 12 बजे तक पैसा हर हाल में दे देना पड़ता है। 20 दिन में करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा हो चुका है। अभी यह सट्टा का अवैध कारोबार 15 अक्टूबर तक चलना है क्योंकि फाइनल मैच 15 अक्टूबर को ही है।
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मेरठ में कचहरी स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में रोजगार मेले का आयोजन किया गया. जिसमें 7 कम्पनियों ने 150 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू कर 93 अभ्यर्थियों का चयन किया. मेले में पुखराज हैल्थ केयर, डा। रेड्डी फाउन्डेशन, पंजाब नेशनल बैंक मेटलाईफ, शिव शक्ति बायोटेक्नोलोजिस, टीडीएस प्लेसमेण्टसर्विस, हिंदुस्तान कन्सट्रक्सन और तान्या ऑटोमोबाईल कम्पनी ने कम्प्यूटर आपरेटर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, इन्श्योरेंस एडवाईजर, अप्रेन्टिस, टेलीकॉलर एवं डेवलपमेंट मैनेजर के लिए इंटरव्यू लिए. रोजगार मेले में मौजूद अभ्यर्थियों का जिला सेवायोजन अधिकारी सचिन चौधरी ने कैरियर मार्गदर्शन किया. युवाओं को प्रेरित करते हुए कहां कि सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से दी जाने वाली सभी सेवाओं का फायदा उठायें. प्रतिभागी अभ्यर्थियों को अवगत कराया कि वे कामयाबी के लिए सतत् कोशिश करते रहे हैं. कैरियर यात्रा की शुरूआत पहले कदम से ही होती है, प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के उभरते अवसर, वर्तमान में मौजूद रोजगार के अवसरों, इंटरव्यू की तैयारी और कार्यस्थल पर मनोवृत्ति के संबंध में बताया गया. अभ्यर्थियों का साक्षात्कार करते कंपनी के प्रतिनिधि. कम्पनी के एचआर ने अपनी कम्पनी की रिक्तियों और प्रोडक्ट से सम्बन्धित जानकारी विस्तार से दी. शुरुआत के बाद 7 कम्पनियों ने 150 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू कर पुखराज हैल्थ केयर में 13, डा रेड्डी फाउन्डेशन में 3, पंजाब नेशनल बैंक मेटलाईफ- में 9, शिव शक्ति बायोटेक्नोलोजिस में 9, टीडीएस प्लेसमेण्ट सर्विस में 18, हिंदुस्तान कन्सट्रक्सन में 36 और तान्या ऑटोमोबाईल में 5 अभ्यर्थियों को चयनित किया. कम्पनियों ने न्यूनतम वेतन 8000 से 15500 भिन्न-भिन्न शैक्षिक योग्यताओं के लिए ऑफर किया. 12 अभ्यर्थियों को नौकरी ऑफर लेटर भी दिए गए.
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भोपाल/नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। शिवराज ने पूछा है कि नेशनल हेरल्ड मामले में राहुल ने कोई गड़बड़ नहीं की तो वे डर क्यों रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। शिवराज ने दिल्ली में कहा कि सच यह है कि राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार किया है। अब जब भ्रष्टाचार की जांच हो रही है तो जांच एजेंसी पर दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने कुछ गड़बड़ नहीं किया तो राहुल गांधी और कांग्रेस को किस बात का डर। वे ईडी को जाकर सच बता सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जनता कांग्रेस के इस ढोंग को समझ चुकी है। नेशनल हेरल्ड प्रकरण में राहुल और सोनिया गांधी को ईडी ने समन भेजा था। सोमवार को राहुल गांधी ईडी के सामने पेश हुए। उनसे तीन घंटे तक पूछताछ हुई। इधर, कांग्रेस नेतृत्व को जारी समन के खिलाफ पार्टी ने सत्याग्रह मार्च का आयोजन किया। इसमें कांग्रेस शासित मुख्यमंत्रियों के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए ईडी की कार्रवाई को द्वेषपूर्ण बताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कांग्रेस की राष्ट्रीय नेतृत्व को परेशान कर रही है।
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मेरठ (ब्यूरो)। शहर में कई प्रमुख स्थानों पर छठ पूजन को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी हैं। इसमें परतापुर गंगोल घाट, सीसीएस यूनिवर्सिटी, गंगानगर आइ-ब्लाक, न्यू मीनाक्षीपुरम मंदिर, जेल चुंगी व पल्लवपुरम में पूर्वाचंल समाज के लोग एकत्र होकर पूरे उल्लास के साथ इस पर्व को मनाते हैं। गंगोल घाट में सरोवर पर छठ पूजन की अनुपम छठा देखते ही बनती है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर कृत्रिम जलाशय बनाकर भगवान सूर्य की आराधना की जाती है। छठ पूजन में ठेकुआ का प्रसाद विशेष होता है। इसे घर के लोग व महिलाएं सामूहिक रूप से तैयार करते हैं। इस दिन छठ पूजा की शुरूआत होती है। इस दिन को नहाय खाय के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत करने से पहले एक बार ही खाना होता है। छठ का दूसरा दिन खरना कहलाता है। इस दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक महिलाओं का व्रत रहता है। सायंकाल में सूर्यास्त के बाद व्रत का परायण करना होता है। उसके बाद भोजन तैयार किया जाता है। सूर्य भगवान को भोग अर्पित किया जाता है। यह छठ पूजन का तीसरा व सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिन है। इसमें भगवान सूर्य को अस्त होते हुए अध्र्य दिया जाता है। बांस की टोकरी में फल, ठेकुआ, चावल के लड्डू आदि पूजन सामग्री से सूर्यदेव की आराधना की जाती है। सूर्य को अध्र्य देते हुए छठ गीत गाए जाते हैं। छठ पूजन के चौथे व अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अध्र्य दिया जाएगा। इसे उषा अध्र्य कहते हैं। 36 घंटे के व्रत के बाद यह अध्र्य दिया जाता है। सूर्योदय को अघ्र्य देने के बाद छठ पर्व संपन्न हो जाएगा।
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मॉडर्न ट्रेंड में बियर्ड यानी कि रौबदार दाढ़ी वाला लुक फैशन में है। पहले जहां पुरुष क्लीन शेव रहना पसंद करते थे अब वहीँ करीने से कटी दाढ़ी उन्हें माचोमैन का लुक देती है। अपने इस लुक को मेन्टेन करने के लिए पुरुष पार्लर में कई घंटे बिताते हैं इसके साथ ही शेविंग किट का भी प्रयोग करते हैं। लडकियां व महिलाएं भी अपने प्रेमी के इस माचो लुक पर जान देती हैं। दाढ़ी की छुअन मात्र उन्हें मखमली एहसास से भर देती है व कई बार उनके लिए ये अनुभव बेहद रोमांचकारी होता है जिसकी पुरुष कल्पना भी नहीं कर सकते। फिल्म कबीर सिंह में भी एक्टर शाहिद कपूर को रौबदार दाढ़ी वाले लुक में दिखाया गया है। अगर आप भी कबीर सिंह जैसी दाढ़ी पाना चाहते हैं तो घर में बनाएं ये बियर्ड आयलःबियर्ड तेल बनाने के लिएः - कोई भी सामान्य ऑयल डालें (कोकोनट ऑयल, बादाम तेल, आंवला का तेल, एलोवेरा ऑयल, ब्राह्मी तेल, जोजोबा ऑयल) -पसंदीदा खुशबू वाले एसेंशियल तेल की 4 से 5 बूंदे ड्रॉपर की मदद से ऑयल की शीशी में टपका लें। - शीशी का ढक्कन बंद कर इसे अच्छे से मिक्स कर लें। - अब आप इस ऑयल को जब चाहें तब प्रयोग कर सकते हैं। - अगर दाढ़ी की ग्रोथ अच्छी चाहते हैं तो कोशिश करें कि इस ऑयल को दिन में दो बार दाढ़ी में लगाएं। रात में सोने से पहले इस ऑयल से दाढ़ी की मसाज करें व सो जाएं। अगले दिन शैम्पू से धो लें।
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दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ( Image Source : Praveen Shankar kapoor FB ) Delhi News: दिल्ली की राजनीति में बीजेपी और आप के बीच जारी घमासान के बीच प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर (Praveen Shankar Kapoor) ने एक बयान जारी कर एमसीडी मेयर शैली ओबेरॉय (Shelly Oberoi) को आगाह किया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली की मेयर निगम की स्थायी समिति (MCD Standing Committee) गठन की प्रक्रिया शुरू कर तत्काल प्रशासनिक और वित्तीय गतिरोध से बाहर लाएं. ऐसा न होने पर एमसीडी हाउस को निलंबित किया जा सकता है. इतना ही नहीं, स्टैंडिंग कमेटी की शक्तियों के साथ एक प्रशासक की नियुक्ति की जा सकती है. दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि स्थायी समिति एमसीडी की सर्वशक्तिशाली संस्था है जो राजस्व सृजन और व्यय के बिलों के सभी प्रस्तावों को मंजूरी देती है. पिछले 6 महीनों से स्थायी समिति का अस्तित्व में न होने की वजह से एमसीडी का प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज ठप हो गया. लगभग 150 आर्थिक प्रस्ताव लंबित हैं. लाइसेंसिंग एवं अन्य विभागों के माध्यम से राजस्व सृजन के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य विभागों से संबंधित व्यय के बिल लटके हुए हैं. एमसीडी के संविदा कर्मचारियों का भी संविदा नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है. इसके बावजदू एमसीडी में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी वार्ड समितियों के गठन की इजाजत देने को तैयार नहीं है. वार्ड समिति ही स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव करती हैं. आप को डर है कि वार्ड समितियों से चुनाव में उन्हें बहुमत नहीं मिल पाएगा. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया है कि एल्डरमैन की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर जल्द निर्णय आने की कोई संभावना नहीं है. इसलिए आप को राजनीतिक पूर्वाग्रह से बाहर आकर वर्तमान में नियुक्त एल्डरमैन के साथ वार्ड समितियों के गठन करे. एमसीडी को संकट से बाहर निकालने के लिए स्थायी समिति के चुनाव कराने का आग्रह किया है.
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Smartphone Tips: अगर आपके स्मार्टफोन में भी कई बार No Sim Card Error लिखा आता है तो यहां जानें कि आप इसे कैसे ठीक कर सकते हैं और ये क्यों लिखा आता है. No Sim Card Error: आज के समय में स्मार्टफोन हम सभी की लाइफ का हिस्सा बन गया है. जैसे-जैसे भारत में डिजिटलाइजेशन हो रहा है स्मार्टफोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है. फिर चाहें ऑनलाइन शॉपिंग करना हो, पढ़ाई करनी हो या ऑफिस का काम करना हो, हर छोटे-बड़े काम में स्मार्टफोन ही इस्तेमाल किया जाता हैं. कई बार हम इमरजेंसी की सिच्युएशन में होते हैं जिसमें हमें किसी को जल्द से जल्द कॉल करना होता है तो फोन में No Sim Card Error लिखा आता है. ऐसे में हम परेशान हो जाते हैं कि क्या करें कैसे इस दिक्कत को ठीक करें. आपकी इस परेशानी को देखते हुए आज हम यहां आपको बताएंगे कि फोन में नो सिम कार्ड एरर क्यों लिखा आता है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है. सिम कार्ड करें सेटः अगर आपके स्मार्टफोन में भी नो सिम कार्ड एरर लिखा आता है तो हो सकता है कि आपके सिम कार्ड स्लॉट में दिकक्त हो ऐसे में हो सकता है कि सिम अपनी जगह पर ठीक से फिक्स नहीं हुई हो. सिम कार्ड हो सकता है डैमेजः कई बार ऐसा हो सकता है कि आपकी सिम के लंबे समय से फोन में लगे होने के कारण से इसमें काफी ज्यादा डस्ट जमा हो गया हो. ऐसे में आपकी सिम डैमेज भी हो जाती है. इसके लिए आपको अपना सिम कार्ड फोन से निकालक चेक कर लेना चाहिए. नए फोन में सिम सपोर्टः ज्यादातर मामलों में नो सिम कार्ड एरर इसलिए आता है कि आपके नए फोन में सिम सपोर्ट नहीं कर पा रही हो. उदाहरण के लिए बात करें तो जैसे अगर आपका फोन 5जी है तो भी वो अपग्रेडेड सिम को ही सपोर्ट करता है. ऐसे में अगर आपकी सिम अपग्रेडेड नहीं है तो आपके फोन में नो सिम कार्ड एरर लिखा आ सकता है. इसके लिए आपको जरूरत है कि आप अपनी सिम को अपग्रेड करा लें. फोन में ग्लिच या सॉफ्टवेयर में दिक्कतः कई बार होता है कि आपके फोन के सॉफ्टवेयर में या कनेक्टिविटी के तहत कोई ग्लिच हो. ऐसे में आपने फोन की सेटिंग में जाकर इस ग्लिच को ठीक करलें.
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नयी दिल्ली, दो जुलाई केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 104 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी को लेकर जांच से घिरी गुजरात की एक कंपनी के मालिक से कथित रूप से 75 लाख रुपये रिश्वत मांगने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक उपनिदेशक और एक सहायक निदेशक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि 2013 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी उपनिदेशक पूर्ण काम सिंह और सहायक निदेशक भुवनेश कुमार तथा दो बिचौलियों को एक अन्य बिचौलिये से कुल रिश्वत राशि की पहली किस्त के तौर पर पांच लाख रुपये कथित रूप से लेने को लेकर गिरफ्तार कर लिया। सिंह और कुमार दोनों ही ईडी की अहमदाबाद शाखा में कार्यरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने अहमदाबाद में इन दोनों अधिकारियों के कार्यालयों एवं अन्य स्थानों की तलाशी ली। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार अरंडी तेल और स्टील पाइपों के उत्पादन में लगी कंपनी का मालिक 104 करोड़ रुपये की कथित बैंक ऋण ठगी के मामले में सीबीआई और ईडी जांच से घिरा है। अधिकारियों के अनुसार सिंह और कुमार ने व्यापारी और उसके बेटे को ईडी ने 22 अप्रैल और 25 मई को पूछताछ के लिए बुलाया था। पिता-पुत्र जब 18 जून को ईडी कार्यालय गए तब सिंह ने उनकी पिटाई की और उनकी सपंत्ति कुर्क करने की धमकी दी। अधिकारी ने व्यापारी एवं उसके बेटे को कूट भाषा में कथित रूप से रिश्वत की रकम पर चर्चा करने को कहा। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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एमजीएम हेल्थकेयर, जिसमें एसपी बालासुब्रमण्यम का इलाज चल रहा है, के वरिष्ठ डॉक्टर वी सबनयागम का कहना है कि सुब्रमण्यम को बीते 48 घंटों से आईसीयू में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है लेकिन उनकी हालत स्थिर है। डॉक्टर ने बताया कि उन्हें प्लाज्मा थेरेपी दी जा रही है और साथ ही कोरोना से लड़ने के लिए रेमेडेसिविर दवाई दी जाएगी। बालासुब्रमण्यम के बेटे एसपी चरन ने बताया है कि उनके पिता की हालत अब स्थिर है और उनके फेफड़ों ने पहले के मुकाबले बेहतर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि बालासुब्रमण्यम की हालत सुधरने में अभी वक्त लग सकता है। एसपी बालासुब्रमण्यम के कोरोना संक्रमित होने के बाद अब उनकी पत्नी सावित्री का भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आई है। वह भी अस्पताल में भर्ती हो गई हैं। गंभीर रूप से बीमार एसपी बाला सुब्रमण्यम की सलामती के लिए लोग दुआएं कर रहे हैं। कई सेलिब्रिटीज ने भी ट्वीट कर अपने फैंस से मशहूर सिंगर की सेहत के लिए दुआ मांगने की अपील की है। वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स भी बाला सुब्रमण्यम की सेहत में सुधार के लिए दुआ मांग रहे हैं। बता दें कि बालासुब्रमण्यम बीती 5 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद वह हल्के लक्षण दिखाई देने पर अस्पताल में भर्ती हो गए थे, जहां 13 अगस्त को उनकी हालत बिगड़नी शुरू हो गई थी।
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पनडुब्बी युद्ध की तीव्रता समुद्र में मित्र देशों के नुकसान में तेजी से वृद्धि हुई। मई 1915 तक, 92 जहाज तीन अधूरे महीनों में डूब गया थाः जर्मन नौकाएं प्रति दिन एक जहाज डूब रही थीं। बढ़ने लगा और पनडुब्बी की क्रूरता। पहले महीनों में, U-28 फ़ॉस्टनर के कप्तान "प्रसिद्ध हो गए," जिन्होंने पहली बार अकिला स्टीमर से आग पर जीवनरक्षक नौकाओं को फायर करने का आदेश दिया। फिर, प्रतीक्षा के साथ परेशान न होने का फैसला करने के बाद, उन्होंने चालक दल से पहले यात्री जहाज "फलाबा" को डूबो दिया और यात्रियों ने इसे छोड़ दिया था। महिलाओं और बच्चों सहित 104 आदमी को मार डाला। 7 मई एक घटना हुई जो पानी के नीचे युद्ध के प्रतीकों में से एक बन गई और पूरी दुनिया के युद्ध के आगे के पाठ्यक्रम को गंभीरता से प्रभावित किया। U-20 पनडुब्बी, जो कि कैप्टन वाल्टर श्वाइगर के पास है, आयरलैंड के तट पर एक विशाल लुसिटानिया यात्री जहाज डूब गया। जब जहाज न्यूयॉर्क में था, तब समाचार पत्रों के माध्यम से अमेरिका में जर्मन दूतावास ने विमान पर संभावित हमले की चेतावनी दी थी, लेकिन लोग टिकट खरीदना जारी रखा। मई 7 पर, स्टीमर को U-20 द्वारा देखा गया था, जो उस समय तक एक टॉरपीडो को छोड़कर लगभग सभी गोला बारूद का उपयोग कर चुका था, और बेस पर लौटने वाला था। हालांकि, इस तरह के एक स्वादिष्ट लक्ष्य को पाकर, श्वीगर ने अपना विचार बदल दिया। सबसे बड़ा महासागर लाइनर टारपीडो था। पहले विस्फोट के तुरंत बाद, एक और विनाशकारी दूसरा विस्फोट सुनाई दिया। यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य में न्यायिक आयोगों ने निष्कर्ष निकाला कि एयरलाइनर पर दो टॉरपीडो द्वारा हमला किया गया था। U-20 Schwierr के कमांडर ने तर्क दिया कि उन्होंने लोरितानिया में केवल एक टारपीडो को निकाल दिया था। दूसरे धमाके की उत्पत्ति की व्याख्या करने वाले कई संस्करण हैं, विशेष रूप से, स्टीम बॉयलरों को नुकसान, कोयले की धूल विस्फोट, जर्मनी में स्थानापन्न करने के लिए जानबूझकर कम करके या गोला-बारूद के अवैध विस्फोट को पकड़ में रखने के लिए। यह बहुत संभावना है कि अंग्रेजों ने गोला-बारूद को बोर्ड पर पहुंचाया, हालांकि उन्होंने इससे इनकार कर दिया। नतीजतन, यात्री लाइनर डूब गया, लगभग सौ बच्चों सहित 1198 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की संख्या में 128 अमेरिकी शामिल हैं, जिनमें "समाज की क्रीम" शामिल है, जिसने अमेरिका में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी। वाशिंगटन बर्लिन के बहाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा था, जो संकेत देता था कि पोत एक ध्वज के बिना और एक छायांकित नाम के साथ जा रहा था, यात्रियों को खतरे से आगाह किया गया था, कि लुसिटानिया के टारपीडो के कारण उसके गोला बारूद की तस्करी हो रही थी। कि जर्मन सैन्य कमान लाइनर को सहायक क्रूजर के रूप में मानती थी। जर्मनी को एक तेज नोट भेजा गया था, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सरकार इस तरह की त्रासदी की पुनरावृत्ति, अमेरिकी नागरिकों की मौत और व्यापारी जहाजों पर हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दे सकती है। मई 21 पर, व्हाइट हाउस ने जर्मनी को सूचित किया कि जहाज पर किसी भी बाद के हमले को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा "जानबूझकर अमित्र कदम" माना जाएगा। 15 मई 1915 से लंदन समाचार समाचार पत्र के संस्करण में डूब "लुसीतानिया" का चित्रण। Отношения между странами крайне обострились. Газеты начали писать о скором вступлении США в войну на стороне Антанты. В Англии и США развернулась пропагандистская кампания о варварстве немецких подводников. Экс-президент США Теодор Рузвельт сравнил действия германского флота с «пиратством, превосходящим по масштабам любое убийство, когда-либо совершавшееся в старые пиратские времена». Командиры немецких подлодок были объявлены нелюдями. Черчилль цинично писал: «Несмотря на весь ужас произошедшего, мы должны рассматривать гибель «Лузитании» как важнейшее и благоприятное для стран Антанты событие. . . . Бедные дети, которые погибли в океане, ударили по германскому режиму беспощаднее, чем, возможно, 100 тысяч жертв». Есть версия, о том, что британцы фактически спланировали гибель лайнера, чтобы подставить немцев. जर्मन सैन्य-राजनीतिक नेतृत्व की योजनाओं में इस तरह की वृद्धि बिल्कुल भी नहीं थी। इस बार, बैठक में चांसलर बेट्टमैन-गोलवेग, जिसमें कैसर विल्हेम द्वितीय, उप विदेश मंत्री के रूप में राजदूत ट्रेटलर, ग्रैंड एडमिरल तिरपिट्ज़, एडमिरल बाचमन, मुलर भी शामिल थे, ने सक्रिय पानी के नीचे युद्ध को रोकने का सुझाव दिया। जनरल स्टाफ के प्रमुख फल्केनहिन ने भी राजनेताओं का समर्थन किया, उनका मानना था कि जर्मन सेना जमीन पर निर्णायक सफलता हासिल कर सकती है। नतीजतन, कैसर पनडुब्बी युद्ध को सीमित करने की आवश्यकता के बारे में आश्वस्त था। कील के बंदरगाह में अन्य नौकाओं के बीच सबमरीन U-20 (बाएं से दूसरी) जर्मन पनडुब्बी के लिए वर्ष के 1 जून 1915 ने नए प्रतिबंध लगाए हैं। अब से, उन्हें बड़े यात्री जहाजों को डूबने से मना किया गया था, भले ही वे ब्रिटिश से संबंधित हों, साथ ही साथ किसी भी तटस्थ जहाज। तिरपिट्ज़ और बछमन ने इस फैसले के विरोध में इस्तीफा दे दिया, लेकिन कैसर ने इसे स्वीकार नहीं किया। यह ध्यान देने योग्य है कि प्रतिबंधों के बावजूद, जर्मन पनडुब्बी बेड़े अभी भी दुश्मन के जहाजों को सक्रिय रूप से डूब रहा था। अगले महीनों में, डूबे हुए जहाजों की संख्या पिछले महीनों की तुलना में बढ़ गई। मई में, 66 जहाज डूब गए, जून में पहले से ही 73, जुलाई में - 97। उसी समय, जर्मनों ने पनडुब्बियों में लगभग नुकसान नहीं उठाया। मई में, उत्तरी सागर में जून में एक भी पनडुब्बी नहीं मरी, दो (U-14 और U-40)। मित्र राष्ट्र अभी भी एक प्रभावी पनडुब्बी रोधी रक्षा स्थापित नहीं कर सके। अगस्त में, 1915 सहयोगियों ने पहले से ही 121 हजार टन की कुल क्षमता के साथ 200 पोत खो दिया। लेकिन जल्द ही एक और घटना हुई, जिसने अंत में पनडुब्बी युद्ध का पहला चरण पूरा किया। अगस्त 19 पर, जर्मन U-24 पनडुब्बी ने अरबिका यात्री जहाज को डूबो दिया। उसी समय, 44 लोगों की मृत्यु हो गई। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपना कड़ा विरोध दोहराया, माफी और नुकसान की मांग की। वाशिंगटन में जर्मन राजदूत ने फिर से अमेरिकी सरकार को आश्वस्त किया कि पनडुब्बी युद्ध सीमित होगा। 26 अगस्त, जर्मन काउंसिल ने पनडुब्बी संचालन पर रोक लगाने का फैसला किया। जर्मनी के अगस्त 27 पनडुब्बी बेड़े ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए सैन्य अभियानों को बाधित करने का आदेश दिया। पनडुब्बी युद्ध के लिए 30 अगस्त नए नियम पेश किए गए थे। पनडुब्बी बेड़े को इंग्लैंड के पश्चिमी तट और अंग्रेजी चैनल में ऑपरेशन के क्षेत्र को छोड़ने का आदेश दिया गया था। इसके अलावा, अब जहाजों को केवल समुद्र के कानून के तहत डूबने की अनुमति दी गई थी। यात्री जहाजों को डूबने से मना किया गया था, मालवाहक जहाज डूबने के लिए नहीं थे, लेकिन जब्त करने के लिए। इस प्रकार, पानी के नीचे युद्ध का पहला चरण समाप्त हो गया। पानी के नीचे युद्ध के पहले चरण में पनडुब्बी बेड़े की काफी संभावनाएं दिखाई दीं, खासकर जब पनडुब्बी रोधी रक्षा अप्रभावी थी। युद्ध की शुरुआत के बाद से, जहाज 1 300 000 टन के कुल विस्थापन से डूब गए थे। जर्मनी ने विभिन्न कारणों से 22 पनडुब्बियों को खो दिया। हालांकि, यह स्पष्ट था कि जर्मनी ने पनडुब्बी बेड़े की क्षमताओं को कम करके आंका था। वह इंग्लैंड की नौसेना की नाकाबंदी की ओर नहीं जा सका। ब्रिटेन के राज्य पर अंडरवाटर युद्ध का बहुत कम प्रभाव था। इंग्लैंड में बहुत अधिक वाणिज्यिक और नौसेना थी। जर्मनी के पास कुछ पनडुब्बी थीं और वे अभी भी परिपूर्ण से बहुत दूर थीं। इसके अलावा, यात्री जहाजों और नागरिकों की मौत के साथ पानी के नीचे युद्ध ने दुनिया में एक महान नकारात्मक प्रतिक्रिया का कारण बना। इसके अलावा, सरकार को फेंकने, जिसने एक पूर्ण पैमाने पर पनडुब्बी युद्ध शुरू करने की हिम्मत नहीं की, पनडुब्बी को रोका। जर्मन एडमिरलों और सैन्य भूमि कमांड के निरंतर हस्तक्षेप के साथ दृढ़ता से हस्तक्षेप किया। नतीजतन, एडमिरल्स बच्चन और तिरपिट्ज़ ने इस्तीफा दे दिया। कैसर ने तिरपिट्ज़ को राजनीतिक कारणों से छोड़ दिया (वे लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय थे)। नौसिखिया मुख्यालय के प्रमुख के पद पर बछमन को जेनिंग वॉन होल्त्ज़ोफ़र्ड द्वारा बदल दिया गया, जो चांसलर के करीबी व्यक्ति थे, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के पक्ष में थे। उन्होंने पनडुब्बी के बेड़े के तह संचालन के पाठ्यक्रम को जारी रखा। सच है, वॉन होल्त्ज़ोर्फ ने जल्द ही अपने विचारों को संशोधित किया और कैसर और सरकार को कई ज्ञापन भेजे, जिसमें उन्होंने असीमित पनडुब्बी युद्ध को फिर से शुरू करने की आवश्यकता का तर्क दिया। उत्तरी सागर में "सीमित" पनडुब्बी युद्ध जारी रहा। आयरलैंड और पश्चिमी इंग्लैंड के तट पर, जर्मनों ने पानी के नीचे खननकर्ताओं की मदद से लड़ने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने बंदरगाहों और तटों पर खदानें बिछाईं। लेकिन केवल एक्सएनयूएमएक्स खानों को ले जाने वाली छोटी पनडुब्बियां दुश्मन के बेड़े की स्थिति को बहुत प्रभावित नहीं कर सकीं। जर्मन पनडुब्बी युद्ध के अन्य सिनेमाघरों में संचालितः भूमध्यसागरीय, काले और बाल्टिक समुद्रों में। यह सच है, इंग्लैंड के आसपास के समुद्रों में सैन्य अभियानों की गतिविधि से कई बार ऑपरेशन का पैमाना घटिया था। उदाहरण के लिए, काला सागर में केवल कुछ जर्मन पनडुब्बियां थीं, जो मुख्य रूप से टोही में लगी हुई थीं और रूसी बेड़े के लिए गंभीर खतरा पैदा नहीं कर सकती थीं। अंडरवाटर युद्ध भूमध्य में अधिक सक्रिय था, जहां ऑस्ट्रियाई और जर्मन पनडुब्बियों ने इटली, फ्रांस और ग्रेट ब्रिटेन के जहाजों पर हमला किया था। बाल्टिक सागर पर पनडुब्बी युद्ध भी आयोजित किया गया था, हालांकि रूसी और ब्रिटिश पनडुब्बियां यहां बहुत सक्रिय थीं। इसी समय, जर्मनों ने पनडुब्बी बेड़े की शक्ति को सक्रिय रूप से बढ़ाना जारी रखा और नई पनडुब्बियों का निर्माण किया। उन्होंने नाकाबंदी तोड़ने और रणनीतिक माल पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किए गए वास्तविक महासागर पनडुब्बी क्रूजर का निर्माण शुरू किया। इन पनडुब्बियों की एक बढ़ी हुई सीमा थी। वे शक्तिशाली हथियार प्राप्त करने वाले थेः 2 500-mm बंदूक, 18 2-mm बंदूक, 150 2-mm बंदूक में गोला बारूद के साथ 88 1500-mm टारपीडो ट्यूब। पहले जन्म के दो जहाज थे "Deutschland": "Deutschland" और "Bremen"। उनके पास 12 टन से अधिक का विस्थापन था, 5 / 25 नोड्स की पानी के नीचे की गति और XNUMX हजारों मील की भारी स्वायत्तता थी। पहली पनडुब्बी "Deutschland", जून 1916 में, रणनीतिक कच्चे माल के भार के लिए अमेरिका की एक परीक्षण यात्रा की। अधिकांश भाग के लिए, नाव सतह पर थी और केवल जब एक जहाज दिखाई दिया, पानी के नीचे चला गया और पेरिस्कोप के उपयोग के साथ चला गया, और अगर यह जोखिम भरा लग रहा था, तो यह पूरी तरह से पानी में छिपा हुआ था। बाल्टीमोर में इसकी उपस्थिति, जहां पनडुब्बी टन के रबर, 350 टन निकेल, 343 टन जस्ता और आधा टन जूट बोर्ड 83 पर लाई, ने दुनिया में एक बड़ी प्रतिध्वनि पैदा की। जर्मनी में ऐसे पनडुब्बी क्रूजर की उपस्थिति का मतलब था कि अब जर्मन अपने ठिकानों से काफी दूरी पर दुश्मन जहाजों पर हमला कर सकते हैं, जिसमें अमेरिका के तट भी शामिल हैं। अंग्रेजों ने पनडुब्बी को रोकने की कोशिश की, लेकिन अगस्त 24 पर वह सुरक्षित जर्मनी लौट आई। सितंबर में, जर्मनी ने प्रयोग दोहराने का फैसला किया। दो और नावों को संयुक्त राज्य के तटों पर भेजा गया - एक और पनडुब्बी क्रूजर ब्रेमेन और एक पनडुब्बी U-XNXX। "ब्रेमेन" अमेरिका नहीं पहुंचा, यह कहीं मर गया। और U-53 सुरक्षित रूप से न्यूपोर्ट पहुंचा, वहां ईंधन भरा और फिर से समुद्र में चला गया। लॉन्ग आइलैंड के तट से, उसने सात अंग्रेजी व्यापारिक जहाजों को डूबो दिया। तब पनडुब्बी सफलतापूर्वक हेलगोलैंड द्वीप पर बेस में लौट आई। नवंबर में, Deutschland ने 53 मिलियन डॉलर के कार्गो के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक और उड़ान भरी, जिसमें कीमती पत्थर, प्रतिभूति और दवाएं शामिल थीं। वह सफलतापूर्वक जर्मनी लौट आई। फरवरी में, पनडुब्बी क्रूजर 10 को जर्मन शाही बेड़े में स्थानांतरित कर दिया गया था और पानी के नीचे परिवहन से एक U-1917 सैन्य पनडुब्बी में फिर से बनाया गया था। जहाज ने एक्सएनयूएमएक्स को एक्सएनयूएमएक्स टॉरपीडो और दो एक्सएनयूएमएक्स-एमएम तोपों के साथ टारपीडो ट्यूबों से सुसज्जित किया। इस प्रकार, जर्मन पनडुब्बी से पता चला है कि वे अब दुश्मन की ट्रान्साटलांटिक व्यापार लाइनों पर कार्य कर सकते हैं। 1916 के अंत तक, केंद्रीय शक्तियों का मार्शल कानून तेजी से बिगड़ना शुरू हो गया। वर्ष के 1916 अभियान के दौरान, जर्मनी पश्चिम या पूर्व में निर्णायक सफलता हासिल नहीं कर सका। मानव संसाधनों में कमी, कच्चे माल और भोजन की कमी थी। यह स्पष्ट हो गया कि हमले के युद्ध में जर्मन ब्लॉक हार की प्रतीक्षा कर रहा था। जर्मनी में, वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि एक "निर्दयी" पनडुब्बी युद्ध को नवीनीकृत किया जाना चाहिए। जैसा कि सैन्य इतिहासकार ए. एम. इनमें से, 1917 मिलियन टन सैन्य जरूरतों के लिए थे, शेष 16 मिलियन टन वर्ष के दौरान देश के जीवन के लिए आवश्यक थे। अगर हम कुल टन भार के बड़े प्रतिशत को नष्ट करने का प्रबंधन करते हैं, और तटस्थ जहाजों को डूबने की आशंका है, तो वे इंग्लैंड के लिए अपनी यात्राओं को समाप्त कर देंगे, फिर युद्ध की निरंतरता बाद के लिए असंभव होगी। " एक्सएनयूएमएक्स दिसंबर एक्सएनयूएमएक्स ऑफ द ईयर वॉन होल्टजॉन्डर ने चीफ ऑफ जनरल स्टाफ फील्ड मार्शल हिंडनबर्ग को एक व्यापक ज्ञापन के साथ संबोधित किया। दस्तावेज़ में, एडमिरल ने एक बार फिर एक अप्रतिबंधित पनडुब्बी युद्ध शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह माना जाता था कि अगर इंग्लैंड को युद्ध से हटा लिया गया, तो पूरे एंटेंटे पर इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा, जो ब्रिटिश बेड़े की क्षमताओं पर निर्भर था। यह स्पष्ट है कि अमेरिकी युद्ध में प्रवेश करने के जोखिम को ध्यान में रखा गया था। हालांकि, एक असीमित पानी के नीचे के युद्ध के समर्थकों का मानना था कि भले ही वाशिंगटन एंटेंटे के साथ बैठे, लेकिन कोई विशेष खतरा नहीं था। संयुक्त राज्य अमेरिका के पास एक बड़ी भूमि सेना नहीं है जो फ्रांसीसी थिएटर में अपने सहयोगियों को मजबूत करेगी और अमेरिका पहले से ही एंटेंट देशों का समर्थन करता है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका के यूरोप में काफी बल बनाने और स्थानांतरित करने से पहले जर्मनों ने इंग्लैंड को अपने घुटनों पर लाने की आशा की। परिणामस्वरूप, वर्ष की जर्मन सरकार 27 जनवरी 1917 ने समुद्र में अप्रतिबंधित पनडुब्बी युद्ध को फिर से शुरू करने का फैसला किया। जनवरी 31 बर्लिन ने दुनिया को एक अप्रतिबंधित पनडुब्बी युद्ध की शुरुआत के बारे में सूचित किया है। 1916 के अंत में अंडरवाटर युद्ध - 1917 की शुरुआत। दिसंबर 9 1916 इंग्लैंड ने अंग्रेजी चैनल में तीन नागरिक स्टीमबोट्स की बाढ़ की सूचना दी। दिसंबर 11 पर, अंग्रेजी चैनल में, एक जर्मन पनडुब्बी ने स्टीमर रकीउरा को डूबो दिया, जो तटस्थ नॉर्वे का झंडा उडा रहा था। चालक दल भागने में सफल रहा। उसी दिन, सिसिली के तट से दूर, जर्मन पनडुब्बी UB-47 ब्रिटिश परिवहन मैगलन को डूब गई। 20 दिसंबरः एक जर्मन U-38 पनडुब्बी ने माल्टा के उत्तर-पूर्व में 72 मील में ब्रिटिश जहाज ईटन को डूबो दिया। 27 दिसंबर 1916, जर्मन UB-47 पनडुब्बी लेफ्टिनेंट-कमांडर स्टीनबॉयर की कमान के तहत सिसिली के तट से दूर, फ्रांसीसी युद्धपोत गोलुआ को खदेड़ दिया गया था। चालक दल को निकालने में कामयाब रहे, 4 आदमी को मार डाला। 1917 की शुरुआत के साथ, जर्मनों ने नाटकीय रूप से अपने पनडुब्बी बेड़े को आगे बढ़ाया। उसी पनडुब्बी के 1 जनवरी 1917 को पास में ही गिरा दिया गया और ब्रिटिश एयरलाइनर इवरनिया को डूबो दिया गया, जो मिस्र में सैनिकों को पहुंचा रही थी। चालक दल के कुशल कार्यों के लिए धन्यवाद, अधिकांश सैनिक नावों में भागने में सक्षम थे, 36 लोग मारे गए थे। केवल एक दिन में जनवरी के 2 वे डूब गए (मुख्य रूप से बिस्क की खाड़ी में और पुर्तगाल के तट से दूर) 12 जहाज - वाणिज्यिक जहाजों के 11 जो नॉर्वे, इंग्लैंड, फ्रांस, ग्रीस और स्पेन के थे, और रूसी युद्धपोत Peresvet। बाल्टिक में 19 वीं - 20 वीं शताब्दियों के मोड़ पर निर्मित पेर्सवेट तीन अलग-अलग युद्धपोतों (श्रृंखला में ओस्लीबिया और पोबेडा) की श्रृंखला का प्रमुख जहाज था। 1902, जहाज पोर्ट आर्थर में पहुंचा। रूसी-जापानी युद्ध के दौरान, यह जहाज पोर्ट आर्थर के बंदरगाह में डूब गया था, फिर जापानी द्वारा उठाया गया, मरम्मत की गई और "सागामी" नाम के तहत ऑपरेशन में डाल दिया गया। आर्कटिक महासागर के फ्लोटिला के लिए जहाजों की आवश्यकता के संबंध में, और संभव भागीदारी के लिए भी, कम से कम प्रतीकात्मक रूप से, भूमध्यसागरीय में मित्र राष्ट्रों के संचालन में, एक्सएनयूएमएक्स में रूस ने जापान को युद्ध ट्राफियां के रूप में विरासत में प्राप्त पूर्व रूसी जहाजों को बेचने के लिए कहा। । जापानी केवल तीन पुराने जहाजों को स्वीकार करने के लिए सहमत हुएः युद्धपोत "टैंगो" (पूर्व "पोल्टावा") और "सगास" और क्रूजर "सोया" (पूर्व "वैराग")। सगामी की खरीद रूस 7 मिलियन येन की लागत। 21 मार्च 1916, तीनों जहाज व्लादिवोस्तोक पहुंचे। अक्टूबर 1916 में, मरम्मत के बाद, पेरेज़वेट स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप गया। यह माना जाता था कि इंग्लैंड में जहाज का ओवरहाल सबसे पहले किया जाएगा, और फिर वह रूसी उत्तरी फ्लोटिला में शामिल होगा। लेकिन 2 में जनवरी में 1917 10 में पोर्ट नेन से 17. 30 में "Relight" धनुष द्वारा उड़ा दिया गया था और एक ही बार में दो खानों पर कठोर हो गया था। जहाज तेजी से डूब गया, और कमांडर ने चालक दल को भागने का आदेश दिया। केवल एक स्टीमबोट इसे कम करने में कामयाब रही। 17. 47 में, Peresvet पर इत्तला दे दी और डूब गया। आस-पास के अंग्रेजी विध्वंसक और फ्रांसीसी ट्रॉलर ने 557 लोगों को पानी से बाहर निकाल दिया, जिनमें से कई बाद में घाव और हाइपोथर्मिया से मर गए। मारे गए 252 टीम के सदस्य Peresvet। बाद में यह पता चला कि जहाज एक माइनफील्ड पर मारा गया था, जिसे जर्मन पनडुब्बी यू-एक्सएनयूएमएक्स द्वारा उजागर किया गया था। अगले कुछ दिनों में, भूमध्य सागर में जर्मन पनडुब्बियों और एंटेन्ते देशों और तटस्थ देशों के जहाज के बेस्क की खाड़ी में डूब गए - मुख्य रूप से कार्गो स्टीमर और ट्रैवेलर्स। जनवरी में बिस्काय की खाड़ी में 54 से 9 तक, इंग्लिश चैनल, नॉर्थ, मेडिटेरेनियन और बाल्टिक सी, जर्मन पनडुब्बियों ने 15 जहाज डूबे (अधिकांश ब्रिटिश थे, लेकिन फ्रेंच, नार्वे, डेनिश, स्वीडिश)। जर्मन पनडुब्बी को केवल एक नुकसान हुआ - जनवरी 29 पर, UB-14 पनडुब्बी अंग्रेजी चैनल में डूबी हुई थी। जनवरी 17 पर, अटलांटिक महासागर में, मदीरा के पुर्तगाली द्वीप के पास, जर्मन सहायक क्रूजर "मावे" ने अंग्रेजी व्यापारी जहाज को डूबो दिया। जनवरी में 16 से 22 तक, अटलांटिक महासागर में जर्मन पनडुब्बी डूब गई (मुख्य रूप से पुर्तगाल के तट और बिस्के की खाड़ी में) और भूमध्य सागर में एंटेन्ते देशों और तटस्थ देशों के वाणिज्यिक जहाजों की कुल 48। जनवरी में 23 और 29 के बीच, जर्मन U- नौकाओं ने 48 स्वीडिश, 1 स्पेनिश, 3 नार्वेजियन, 10 डेनिश और 1 डच सहित कुल 1 जहाज डूबे, इन देशों की तटस्थता के बावजूद। जनवरी में एक जर्मन पनडुब्बी द्वारा निर्धारित खदान पर आयरिश सागर में 25, ब्रिटिश सहायक क्रूजर "लॉरेंटिक" से टकराया। क्रूजर ने लिवरपूल से हैलिफ़ैक्स (कनाडा) तक पीछा किया और पहले से ही उत्तरी जलडमरूमध्य से बाहर निकलने के दौरान एक जर्मन खदान में आया। बोर्ड पर 378 लोगों की हत्या की। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश शाही बेड़े के अन्य नुकसानों और अन्य बेड़े की तुलना में इस त्रासदी को हमेशा की तरह माना जा सकता था। इसके अलावा, लॉरेंटिक खुद भी एक युद्धपोत नहीं था और ब्रिटिश बेड़े की एक मूल्यवान इकाई नहीं था। यह एक यात्री लाइनर था, जल्दबाजी में युद्ध से पहले एक सहायक क्रूजर में परिवर्तित हो गया। इसका एकमात्र लाभ केवल एक उच्च गति था। हालाँकि, इस जहाज की मृत्यु ने ब्रिटिश सरकार का सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। जिस स्थान पर क्रूजर की मृत्यु हुई उसे तुरंत ब्रिटिश जहाजों के संरक्षण में ले जाया गया। बेड़े की कमान को गोताखोरों के आने का बेसब्री से इंतजार था। कारण यह था कि 3200 सोने की सलाखों से अधिक, यूके गोल्ड भंडार से लगभग 64 टन के कुल वजन के साथ 43 किलोग्राम वजन वाले बक्से में पैक किया गया, नीचे तक गया। क्रूजर ने उससे पहले मौजूद सभी रिकॉर्डों को तोड़ दिया, फिर भी एक भी जहाज ने इतना सोना नहीं उड़ाया। यूके के लिए खाद्य और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति के भुगतान के रूप में अमेरिकी सरकार के लिए सोने का इरादा था। यह ध्यान देने योग्य है कि युद्ध के दौरान, वाशिंगटन एंटेंटे देशों और तटस्थ शक्तियों की आपूर्ति में बहुत समृद्ध था, और एक देनदार से एक वैश्विक लेनदार में बदल गया, क्योंकि युद्धरत शक्तियों को अमेरिकी आपूर्ति के लिए सोने में भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया था, और संयुक्त राज्य से ऋण भी लिया था। इस जहाज का नुकसान ब्रिटिश वित्त पर भारी पड़ा। जल्द ही जहाज की मृत्यु के स्थान पर गोताखोर आ गए। पानी के नीचे पहले वंश ने डूबे क्रूजर का पता लगाने और आगे के काम की योजना की रूपरेखा तैयार करने की अनुमति दी। जहाज बंदरगाह की तरफ स्थित था, इसका ऊपरी डेक समुद्र की सतह से केवल 18 मीटर था। पानी के भीतर काम के लिए एक विशेष जहाज विशेष उपकरण के साथ पहुंचा। चूंकि एडमिरल्टी को स्वयं जहाज को बचाने की आवश्यकता नहीं थी, लेकिन केवल इसकी सामग्री प्राप्त करने के लिए, विस्फोटक का उपयोग करने का निर्णय लिया गया था। काम की शुरुआत सफल रही, कई बक्से उठाए गए। लेकिन फिर एक तूफान आया जो पूरे एक सप्ताह तक चला। जब बचाव दल "लॉरेंटिक" में लौट आए, तो वे एक उदास दृष्टि से इंतजार कर रहे थे। तूफान की लहरों के प्रहार के तहत, पोत के पतवार को एक समझौते में बदल दिया गया था, जिसके माध्यम से गोताखोरों ने अपने पहले खोज को एक दरार में बदल दिया। जहाज भी स्थानांतरित हो गया और 30 मीटर की गहराई तक डूब गया। जब गोताखोरों ने खजाने के लिए अपना रास्ता साफ किया, तो वे यह जानकर हैरान रह गए कि सारा सोना गायब हो गया था। यह पता चला कि तूफान की कार्रवाई के तहत क्रूजर शीथिंग फैल गया, सभी सोना नीचे गिर गया और कहीं न कहीं, स्टील के टुकड़ों के नीचे था। नतीजतन, काम में जोरदार देरी हुई। विस्फोटकों की मदद से गोताखोरों ने अपना रास्ता बनाया, सोने की तलाश में। 1917 के पतन में, एक तूफान की अवधि की शुरुआत के कारण काम अस्थायी रूप से बाधित हो गया था। चूंकि अमेरिका ने एंटेंट के किनारे युद्ध में प्रवेश किया था, इसलिए काम को पश्चात की अवधि के लिए स्थगित कर दिया गया था। केवल 1919 में, बचाव जहाज फिर से क्रूजर की मृत्यु के स्थान पर पहुंच गया। और फिर से गोताखोरों को फिर से शुरू करना पड़ा। अब उन्हें पत्थरों और रेत को साफ करना था, जो एक घने द्रव्यमान में संकुचित थे और सीमेंट के समान थे। विस्फोटकों का उपयोग करना असंभव था, सोना अंततः सो जाएगा। क्रॉबर और होसेस का उपयोग करने वाले गोताखोर, जिनके माध्यम से उच्च दबाव में पानी की आपूर्ति की गई थी, "सीमेंट" के टुकड़े तोड़ दिए और उन्हें सतह पर भेज दिया। परिणामस्वरूप, 1924 वर्ष तक काम जारी रहा। खोज के दौरान, एक विशाल महासागर लाइनर को सचमुच टुकड़ों में काट दिया गया और समुद्र के तल के साथ खींच लिया गया। पूरी खोज अवधि के दौरान, गोताखोरों ने 5000 से अधिक गोता लगाया और लगभग सारा सोना ब्रिटिश खजाने को लौटा दिया। ब्रिटिश सहायक क्रूजर "लॉरेंटिक" अप्रतिबंधित पनडुब्बी युद्ध के पहले पांच दिनों में, जिसे आधिकारिक तौर पर जनवरी 31 पर एक्सएनयूएमएक्स घोषित किया गया था, एंटेंटे देशों के एक्सएनयूएमएक्स जहाज और एक अमेरिकी सहित तटस्थ शक्तियां अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर में पनडुब्बियों द्वारा डूब गईं थीं। फरवरी में 1917 और 60 के बीच, जर्मन पनडुब्बियों ने तटस्थ देशों से 6 जहाजों सहित 12 जहाजों को भर दिया। फरवरी में 77 से 13 तक की अवधि के दौरान, जर्मनों ने एंटेंट देशों और तटस्थ राज्यों के और भी अधिक व्यापारी जहाज डूबे - 13। 19 और 96 फरवरी के बीच, जर्मन 20 जहाज से डूब गए। फरवरी 26 से मार्च 71 तक, जर्मन पनडुब्बियों ने 27 जहाजों को भर दिया। 1917 के पहले तीन महीनों में, जर्मन पनडुब्बी 728 1 168 टन के कुल विस्थापन के साथ 000 जहाज डूब गए। परिणामस्वरूप, औसतन जर्मन इन महीनों के दौरान प्रति दिन 8 जहाजों को डुबो देते हैं। सच है, उनके नुकसान में भी वृद्धि हुई है - तीन महीने में एक्सएनयूएमएक्स पनडुब्बियां। हालांकि, नई पनडुब्बियों के निर्माण की गति भी बढ़ गई और जर्मनी में इसी अवधि के लिए एक्सएनयूएमएक्स पनडुब्बी जहाज का निर्माण किया। मुख्य समस्या अब प्रशिक्षित कर्मियों की कमी थी।
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PATNA: बिहार में फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षकों को हटाने में सरकार अब तक फेल साबित हुई है। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही निगरानी जांच में नियोजन इकाईयों ने 1 लाख से अधिक शिक्षकों के फोल्डर ही जमा नहीं कराये। जब सारा प्रयास फेल हो गया इसके बाद शिक्षा विभाग ने नई तरकीब निकाली है। विभाग ने एक वेब पोर्टल तैयार किय़ा है। उसी पर सभी शिक्षकों का प्रमाण-पत्र अपलोड कराना है। जो शिक्षक अपना प्रमाण-पत्र अपलोड नहीं करायेंगे वे पहली नजर में ही फर्जी प्रमाणित होंगे और उन पर कार्रवाई होगी। पोर्टल पर अपलोड होने के बाद निगरानी ब्यूरो इसकी जांच करेगी। जांच के बाद फर्जी प्रमाण पत्र पाये जाने पर वैसे शिक्षकों पर एक्शन होगा। शिक्षा विभाग ने सभी डीईओ को आदेश दिया है कि प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराने वाले शिक्षकों की सूची 17 मई तक दें। प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रणजीत कुमार सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि पंचायती राज संस्थान एवं नगर निकाय के अंतर्गत 2006 से 2015 की अवधि में नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही है. इसी क्रम में सभी जिलों में कुल 103917 शिक्षकों के प्रमाण पत्र से संबंधित फोल्डर संबंधित नियोजन इकाई द्वारा निगरानी ब्यूरो को उपलब्ध नहीं कराया गया है. इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विभाग द्वारा एक वेब-पोर्टल तैयार किया गया है. इस वेब पोर्टल पर संबंधित शिक्षक के द्वारा अपना प्रमाण पत्र जांच के लिए अपलोड किया जाएगा. जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के लिए अब तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं उनकी सूचना 17 मई 2021 तक भेजें।
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वीर अर्जुन संवाददाता नई दिल्ली। राजधानी के डाबड़ी इलाके में पड़ने वाले सीतापुर गांव में आज उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक टेम्पों का पीछा करते हुए एक मकान को घेर लिया। पुलिस टीम ने इस टैम्पो और मकान से करीब छह करोड़ रुपए के जाली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मकान से एक हसन अली नाम के एक शख्स को भी गिरफ्तार किया है। लेकिन पुलिस के आलाधिकारी अभी तक इस बारे में कुछ कहने से बच रहे हैं। दरअसल इन नोटों को कपड़े के थानों में छुपा कर रखा गया था। स्पेशल सेल ने ये कार्रवाई आईबी और बीएसएफ की टीम को साथ लेकर अंजाम दी है। सूत्रों के मुताबिक जाली नोटों की ये खेप सीमा पार से आई लगती है। स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त पीएन अग्रवाल के मुताबिक पुलिस टीम ने ऐसे दो ऐम्पो को जब्त किया है जिसमें लादे कपड़े में छुपकर जाली नोट रखे गए थे। जानकारी के मुताबिक मामला दोपहर करीब ढाई बजे का है। स्पेशल सेल की एक टीम आईबी से मिले इनपुट के बाद बीएसएफ की टीम के साथ एक ऐम्पो का पीछा करते हुए डाबड़ी के सीतापुर गांव पहुंच गई। टीम ने इस टैम्पो को घेर लिया और जैसे ही टैम्पो सवार उसमें से कपड़े के थान निकालने लगे, वैसे ही पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने उस टैम्पो से कपड़े के थानों में छुपा कर रखे गए जाली नोटों की खेप बरामद की। टीम ने उस मकान को न केवल चारों ओर से घेर लिया बल्कि उसकी सशस्त्र तलाशी लेनी शुरू कर दी। बताया जाता है कि छापे के दौरान पुलिस टीम यह देखकर दंग रह गई कि कपड़े के इन थानों से बेहद उम्दा क्वालिटी के हजार और पांच सौ के नोट लगातार निकलते ही जा रहे थे। सूत्र बताते हैं कि देर शाम तक पुलिस टीम के उक्त मकान को घेरकर नोटों की गिनती की है सूत्र बताते हैं कि देर शाम तक पुलिस टीम ने उक्त मकान को घेरकर नोटों की गिनती की है सूत्र बताते हैं कि इस ठिकाने से पुलिस ने करीब छह करोड़ रुपए के जाली नोट बरामद किए हैं। पकड़े गए हसन अली के बारे में इलाके के लोग बताते हैं कि यह इस मकान में काफी समय से रहता है। लेकिन कभी भी ऐसी कोई गतिविधि नहीं देखी जिससे उस पर शक हो सके। इलाके में ही रहने वाले नरेश कुमार ने बताया कि ये शख्स पहले इसी इलाके में रेहड़ी लगाकर कप प्लेट आदि बेचा करता था और इसने कुछ समय के लिए एक खाने का होटल भी खोला था। इलाके के लोग ये देखकर हैरान थे कि उनके इलाके से पुलिस ने इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोटों की खेप बरामद कर ली है। हर कोई बस हैरत से इस मामले पर चर्चा करता हुआ दिखाई दे रहा था। दूसरी तरफ, उड़ीसा के क्योंझर जिले में पुलिस ने दो लोगों को एक साप्ताहिक बाज़ार में नकली नोटों का इस्तेमाल करते हुए धर दबोचा है। इनके पास से 6 हजार के नकली नोट बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जाली भारतीय नोटों के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया था। एजेंसी ने इस सिलसिले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस रैकेट के तार देश के कई राज्यों में फैले हुए हैं और इनके तार सीमा पार पाकिस्तान से भी जुड़े हुए हैं जहां इन नकली नोटों को छापा जाता है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गैंग के सरगना भी शामिल हैं, जो पश्चिम बंगाल के माल्दा जिले से रैकेट चलाते थे। एनआईए के अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भारत को अस्थिर और आर्थिक तौर पर कमजोर करने की साजिश के तहत वहां से नकली नोटों का जखीरा भारत में लाया जा रहा है।
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पंचकूला (ट्रिन्यू): अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा योग आयोग द्वारा आयुष विभाग के सानिध्य में योगासन खेल में अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान 18 वर्ष से कम आयु वर्ग में दीपांशु व प्रेरणा प्रथम, अर्णव व भूमिका द्वितीय स्थान एवं प्रभात व करुणा तीसरे स्थान पर रहे। वहीं 18-27 आयु वर्ग में अरुण व साधना कुमारी प्रथम, शिवम राज मौर्य व स्नेहलता द्वितीय एवं अभिषेक व सीमा तीसरे स्थान पर रहे। 27-40 आयु वर्ग में अंकुर व विजेता प्रथम, यादराम व यशोदा रानी द्वितीय एवं कुलदीप व रेखा रानी तीसरे स्थान पर रहे। 40 से ऊपर आयु वर्ग में कर्ण देव व सुरक्षा रानी प्रथम, अनील कुमार व अनिता द्वितीय स्थान पर एवं सुरेंद्र सिंह व कविता रानी तीसरे स्थान पर रहे। वहीं गीता श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता का आयोजन दो वर्गों में किया गया। जिसमें पावनी शर्मा व हेमंत गुरुग्राम से प्रथम, नंदिनी शर्मा व ऋषि क्रमशः झज्जर एवं गुरुग्राम द्वितीय स्थान एवं रिदम, सोनीपत व राहुल नूंह तीसरे स्थान पर रहे। योग प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन 21 जून को किया जाएगा। इसमें लगभग एक लाख प्रतिभागियों के भाग लेने की सम्भावना है। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में डीएवी संस्थाओं मुख्यतः जींद जोन के विद्यार्थी प्रिंसिपल डाॅ. धर्मदेव विद्यार्थी के निर्देशन में भाग लेंगे।
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प्लेगसे भी विशेष भयंकर और फौरन उत्पन्न होनेवाला एक रोग संनि'पातज्वर है । जिसे अंग्रेजीमें 'न्यूमोनिक-प्लेग' कहते हैं । इसमें बीमारका दम उखड़ जाता है, बुखार बड़े जोरका चढ़ आता है, और बीमार लगभग बे-होश हो जाता है । इस कालज्वरसे मनुष्य शायद ही बच पाता । १९०४ में यही प्लेग जोहान्सबर्ग में हुआ था । वहाँ पर २३ मनुष्योंमेंसे केवल १ मनुष्य बच सका था। उसका कुछ हाल पहले लिखा जा चुका है। इस बीमारी के लिए भी ग्रन्थि-प्लेगके लिए बतलाया हुआ इलाज उपयोगी होगा । परन्तु इसमें पुलटिस सीनेके दोनों हिस्सों पर बॉधनी चाहिए । बीमारको यदि ' वेट - शीट पेक' में रखनेका समय न रहा हो तो उसके शिर पर मिट्टीकी बारीक पुलटिस रखनी चाहिए । इस रोगके भी इलाज करनेकी अपेक्षा इसे पहलेसे ही रोकनेका प्रयत्न करना सहज और उत्तम है । वे प्रयत्न प्लेगके प्रकरण में बतलाये जा चुके हैं। उनका उपयोग करना बुद्धिमानी है। हैजेकी बीमारी हमें बड़ी भयंकर जान पड़ती है; परन्तु असल में वह प्लेगके समान भयंकर नहीं है । वह प्लेगसे बहुत ही हलकी है। इसमें 'वेटशीट-पेक' काम नहीं देता; क्योंकि इसमें बीमारके गोले चढ़ जाते है और जॉघोंमें गॉठें बँध जाती है। ऐसे समय पेट पर मिट्टीकी पुलटिसका बॉधना उपयोगी हो सकता है, पर उससे भी विशेष लाभकारी जहाँ जहाँ गाँठें हो वहाँ वहाँ पर गरम पानीकी बोतलोंसे सैक करना है । बीमारके पैर आदिको राईके तैलसे मलना चाहिए । उसे खानेको न देना चाहिए । बीमार घबरा न जाय इसके लिए उसे हिम्मत बॅधानी चाहिए । बीमारकों एकदम दस्त लगे तो बार बार उसे पलॅगसे न उठा कर पलॅग पर ही एक बरतन रख कर उसमें पाखाने फिरा देना चाहिए । यदि तुरंत ऐसे उपायोंकी योजना कर दी जाय तो बीमारको तकलीफ पहुॅचना बहुत ही कम सम्भव है । हैजेके समय भी उससे बचनेके कई अच्छे अच्छे उपाय हैं। हैजा बहुत करके गरमी के दिनों में होता है। इन दिनोंमें हम बिना कुछे सोचे विचारे कच्चे-पक्के और सड़े फलोंको खाने लगते हैं। साधारण समयमें हमें फल खानेकी इतनी आदत नहीं होती। गरमीकी मोसममें एक तो अनेक प्रकारके फल होते हैं और दूसरे वे सस्ते होने के कारण बहुत खानेमें आते हैं । इसके सिवाय भी हमें अपना नियमित भोजन करना ही पड़ता है। इससे एक दम इन फलका हम पर बड़ा बुरा प्रभाव पड़ता है। हमारे शरीर में पेट वगैरहकी कोई न कोई बीमारी बनी ही रहती है । इस कारण ऐसे फल वगैरहको शरीर नही मानता तब हैजा हो जाता है। उस समय बीमारके पाखानेकी कुछ फिकर नही की जाती। उसके जन्तु हवाको खराब करते हैं । गरमीकी मौसममें सुखा होनेसे पानी भी अच्छा नहीं रहता, वह गंदा होता है, उसमें जीव पड़ जाते है और हम लोग वही पानी बिना गरम किये और बिना छाने पी जाते हैं। ऐसी सूरतमें बीमारी क्यों न हो ! कुदरतने हमारे शरीरको मजबूत बनाया है, इससे हम टिक रहे हैं। अन्यथा हमारे आचरण तो ऐसे हैं कि हमारा निकाल बहुत ही जल्दी हो जाना चाहिए । हैजेके समय नीचे लिखे अनुसार सावधानी रखने की आवश्यकता है । खुराक हलकी खानी चाहिए । अच्छा मेवा जरूर खाना चाहिए; परन्तु उसकी देख-भाल पहले ही अच्छी तरह कर लेना आवश्यक है। लोभ या स्वादके वश लगे हुए आम या दूसरे फल कभी न खाना चाहिए । साफ हवा में रहना चाहिए । पानी हमेशा गरम कर खादीके कपड़े से छाना हुआ पीना चाहिए । बीमारोंका पाखाना जमीन के भीतर गाड़ कर उस पर धूल पूर देनी चाहिए । पाखाना गये बाद उस पर हर समय राख डालनेका रिवाज जारी रक्खा जाय तो बहुत ही कम भय रह जाना सम्भव है। वास्तवमें देखा जाय तो इस नियमको सर्वदा पालन करनेकी आवश्यकता है । बिल्ली भी अपने पंजोंसे जमीनको खोदकर पाखाना फिरती है और फिर उस पर पैरोंसे मिट्टी पुर देती है । पर हम छूआ-छूतकी घृणाके मारे ऐसा नहीं करते, और इसी कारण फिर हम इन बीमारियोंके पंजेमें फँस जाते है । राख न मिले तो सूखी मिट्टीका उपयोग करना चाहिए । मिट्टी के ढेले हों तो उन्हें फोड़ कर उनकी धूल बना लेनी चाहिए । उड़ती हुई पेचिश सबसे कम भयंकर बीमारी है । इसमें यदि बीमारको खानेको न देकर उसके पैडू पर मिट्टीकी पुलटिस बराबर बॉधी जाय तो बीमारी बिल्कुल मिट जाती है । बीमारके पाखानेको ऊपर लिखे मुआफिक जमीनमें गाड़ने की आवश्यकता है । पानीके विषयमें भी हैजेके समान सावधानी रखनेकी जरूरत है। अवीरमें यह कहना है कि ऊपर बतलाई हुई छूतकी बीमारियोंमें बीमार, उसके मित्र और सम्बन्धियोंको हिम्मत हारनेकी कोई आवश्यकता नही है । डरनेसे बीमार घबरा कर जल्दी मर जायगा और उसके आस-पास रहनेवाले इष्ट मित्रों या सम्बन्धियोंको भी बीमारी हो जाना संभव है।
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अमेरिका में एक बार फिर एक भारतीय इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। घटना बुधवार की रात की अमेरिका के कनसास शहर की है। आरोप है कि भारतीयों को निशाना बनाकर 51 साल के एक रिटायर्ड नौसैनिक ने फायरिंग की जिसमें इंजीनियर श्रीनिवास की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य भारतीय जख्मी हो गए। इनमें से एक भारतीय की हालत गंभीर है। यह घटना एक रेस्टोरेंट में हुई है। एक चश्मदीद के मुताबिक आरोपी ने नौ राउंड फायरिंग की है। दरसअल, श्रीनिवास और आलोक काम के बाद कनसास में पास ही के एक बार में बैठे हुए थे। तब अचानक शूटर ऐडम पुरिनटोन चिल्लाते हुए वंशीय टिप्पणी करने लगा। बताया जा रहा है कि उसने इन दोनों भारतीयों को 'मिडल ईस्टर्न' (मध्य-पूर्वी) कहकर बुलाया और कई गोलियां चलाने से पहले चिल्लाकर कहा कि 'निकल जाओ मेरे देश से. . '। इस हमले में श्रीनिवास की मौत हो गई, वहीं 32 साल के इंजीनियर आलोक गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस हादसे को रोकने के लिए 24 साल के ईयान ग्रिलोट बीच में आए लेकिन हमलावर ने उसे भी नहीं छोड़ा और गोली मार दी। हालांकि उम्मीद है कि वह बच जाएंगे। हमले के बाद पुरिनटोन बार से भाग गए और पांच घंटे बाद आरेपी एडम को पकड़ लिया गया। आरोपी ने शायद पहचान के अभाव में गोली चलाई। क्योंकि गोली चलाने के वक्त आरोपी ने कहा कि तुम मिडिल ईस्ट के लोग अमेरिका से निकल जाओ। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी अमेरिकी नौसेना में काम कर चुका है। श्रीनिवास, अमेरिकी मल्टीनेश्नल कंपनी गार्मिन इंटरनेश्नल में काम करते थे। जो जीपीएस सिस्टम बनाती है। वह 2014 में इस कंपनी में शामिल हुए थे और उनकी पत्नी सुनयना दुमाला भी कनसास में ही एक टैक्नॉलोजी कंपनी में काम करती हैं। गार्मिन की ओर से जारी एक बयान में इस हादसे पर अफसोस व्यक्त किया गया है और कहा गया है कि वह इन कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए काउंस्लर उपलब्ध करवाएगी। श्रीनिवास के फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि उन्होंने हैदराबाद की जवाहरलाल नेहरू टैक्नॉलोजिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और आगे की पढ़ाई के लिए वह टेक्सस चले गए थे। पीड़ितों के परिवार की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने कनसास में अपने दो अधिकारियों को भेजा है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, "वह कनसास की गोलीबारी में श्रीनिवास की हत्या से सकते में हैं। गोलीबारी की घटना से हैरान हूं जिसमें श्रीनिवास कुचीभोतला मारे गए। मेरी संवेदनाएं मृतक के परिवार के साथ हैं। मैंने अमेरिका में भारत के राजदूत से बात की है। उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय दूतावास के दो अधिकारियों को मैके पर भेजा गया है। " उन्होंने लिखा कि, पीड़ित के परिवार को हर तरह की मदद दी जाएगी। श्रीनिवास के शव को भारत लाने के लिए GoFundMe वेबसाइट ने मुहिम शुरू की है। आठ घंटे में इस पेज ने श्रीनिवास के लिए 150,000 डॉलर के गोल को पार कर लिया है और करीब 200,000 डॉलर इकट्ठे कर लिए हैं। I am shocked at the shooting incident in Kansas in which Srinivas Kuchibhotla has been killed. My heartfelt condolences to bereaved family. अमेरिका में अपने या अन्य देशों के नागरिकों के खिलाफ गन वॉयलेंस या हेट क्राइम का ये पहला मामला नहीं है। अमेरिका से आए दिन गन वॉयलेंस के मामले सामने आते रहते हैं। साल 2012 में अमेरिका के विस्कॉन्सिन में एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया गया था, वहीं एक गुजराती व्यक्ति के खिलाफ हिंसा का मामला भी सामने आया था।
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Punjab Congress Fight: पंजाब में जारी राजनीतिक घमासान के बीच बुधवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी. मुख्यमंत्री का कहना है कि सिद्धू से उन्होंने फोन पर बात की है और उनसे चर्चा लगातार जारी है. पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी ही सुप्रीम होती है, सरकार पार्टी की विचारधारा पर ही आगे बढ़ रही है. "पार्टी का जो हेड है, उसे परिवार में अपनी बात रखनी चाहिए. मैंने सिद्धू साहब से फोन पर बात की है, पार्टी ही सुप्रीम होती है. उन्हें आकर बात करने के लिए कहा है, सरकार पार्टी की विचारधारा पर ही काम कर रही है. आज या कल में बात हो जाएगी, समय दिया गया है". गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से मंगलवार को इस्तीफा दिया है. बुधवार को सिद्धू ने एक वीडियो जारी किया और पंजाब सरकार के फैसलों, नियुक्तियों पर सवाल खड़े कर दिए. नवजोत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर दाग लगा था, उन्हें सरकार में जगह दी गई. ऐसे में ये ठीक नहीं है, वह अपने एजेंडे से पीछे नहीं हट सकते हैं. इसलिए उन्होंने अपना पद छोड़ दिया है. किस बात पर खफा हुए थे सिद्धू? आपको बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पंजाब सरकार के नए एडवोकेट जनरल और कुछ मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किए गए थे. साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू कुछ अधिकारियों की सीएमओ में नियुक्ति चाहते थे, जो नहीं हो सका था. कांग्रेस आलाकमान द्वारा अभी नवजोत सिंह सिद्धू को मनाने की कोशिश नहीं हो रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने नया प्रदेश अध्यक्ष ढूंढने के लिए अपने कदम बढ़ा दिए हैं.
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राजनयिकों ने कहा कि नये प्रस्ताव में परिसंपत्तियों को जब्त करने संबंधी बिंदु को हटा दिया गया हैै और अब दिखाई दे रहा है कि इसमें तेल को लेकर सख्ती रखी गई है। नये प्रस्ताव में उत्तर कोरिया के अन्य देशों में काम करने संबंधी प्रतिबंधों को भी नरम किया गया है। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संदिग्ध कार्गो ले जाने पर जहाजों की जांच पर भी नरम रुख अपनाया गया है। अमेरिका, चीन और रूस के साथ स्थायी सुरक्षा परिषद के सदस्य ब्रिटेन और फ्रांस ने भी वाशिंगटन को अपना स्पष्ट समर्थन दिया है। इस नरम रुख के पीछे सबसे बड़ा कारण उत्तर कोरिया के दो समर्थक देश रूस और चीन हैं जो क्षेत्र में किसी भी तबाही और शरणार्थियों के पलायन को लेकर चिंतित हैं। मास्को और बीजिंग के लिए कुछ हद तक नरम पड़ने के अलावा वाशिंगटन ने उन देशों के साथ सैन्य कार्रवाई की संभावना को भी खारिज कर दिया जो उत्तर कोरिया के साथ व्यापारिक संबंध जारी रखे हुए हैं। क्योंकि उत्तर कोरिया का 90 फीसदी निर्यात चीन में होता है। संयुक्त राष्ट्र के फ्रांसीसी राजदूत फ्रेंकोइस डेलेत्रे ने बताया कि प्रतिबंधों के रूप में आज अधिकतम दबाव राजनीतिक समाधान को लेकर उम्मीद को प्रोत्साहन देना है। उन्होंने कहा कि टकराव का जोखिम रोकने के लिए यह एक सर्वोत्तम उपाय है। अमेरिका द्वारा पेश किए गए नये प्रस्ताव से पहले उत्तर कोरिया ने अमेरिका को फिर से चेतावनी देते हुए कहा कि - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उस पर और कड़े प्रतिबंध लगवाने का नेतृत्व करने वाले अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उत्तर कोरिया पर लगने वाले कड़े प्रतिबंधों के लिए संयुक्त राष्ट्र में होने वाले मतदान में सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी सदस्यों के अलावा 15 अन्य देश भी हिस्सा लेंगे। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, अमेरिका परमाणु परीक्षण मामले को सुरक्षा परिषद में तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है, जबकि यह परीक्षण आत्मरक्षा संबंधी उपायों का एक हिस्सा है। प्रवक्ता ने कहा कि यदि प्रतिबंधों के जरिए उसे दबाने की कोशिश की गई तो अमेरिका को परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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सर्विसेस की आवश्यकताओं को पूरा करने और विकसित तकनीक को नामित उत्पादन एजेंसियों (पीए) और गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों (क्यूएए) को स्थानांतरित करने के लिए, पारंपरिक आयुध के क्षेत्र में डीआरडीओ के नोडल सिस्टम लैब के रूप में एआरडीई को अपने मुख्य मिशन के डिजाइन और हथियारों के विकास, दरुगोला और संबंधित आयुध भंडार और उपकरणों के संचालन के दौरान कई बाहरी एजेंसियों के साथ इंटरफेस करना है। शामिल एजेंसियों की संख्या में से, निम्नलिखित तीन परियोजनाएं/कार्यक्रम, प्रभावी निष्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैंः - सेवाएं - हमारे ग्राहक, जो गुणात्मक आवश्यकताएं (क्यूआर) उत्पन्न करते हैं और प्रमुख परियोजनाओं और कार्यक्रमों को प्रायोजित करते हैं और अंततः उत्पादन ऑर्डर देते हैं। - एआरडीई के लिए उत्पादन एजेंसियां, सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के साथ आयुध फैक्टरी (ओएफबी) बनी रहेंगी और घटकों, उप-प्रणालियों और कुछ मामलों में, जहां कोई उच्च ऊर्जावान सामग्री (एईएम) शामिल नहीं उस सिस्टम स्तर पर भी वर्धित भूमिकाएं निभा रही हैं। - रक्षा मंत्रालय की क्वालिटी एश्योरेंस एजेंसियां - अर्थात डीजीक्यूए (DGQA), डीएनएआई (DNAI), एक्यूएए (AQAA) और एमएसक्यूएए (MSQAA)।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने राष्ट्रीय कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस का विलनिकरण होने के बारे में बड़ा बयान किया है। भविष्य में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस एकत्रित आएंगे। वे (राकांपा) भी अब थक चुके हैं और हम (inc) भी अब तक गए हैं, ऐसा शिंदे ने कहा। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी पिछले पांच साल से महाराष्ट्र में सरकार का हिस्सा है। उसके पास कोई खास शक्तियां नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद उसने कभी धोखा नहीं दिया और न ही सरकार गिराने के लिए कोई षडयंत्र रचा। पार्टी प्रमुख ने कहा कि किसी गठबंधन में दोनों पार्टियों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है अगर अकारण गति बढ़ाई जाती है तो इससे दुर्घटना हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना मिलकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। दोनों पार्टियों में सीट बंटवारे पर सहमति हो गई थी। लेकिन नाम वापसी के बाद साफ दिख रहा है कि गठबंधन के बावजूद कई सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी-शिवसेना के उम्मीदवार बगावत पर उतर आए हैं। बागियों ने गठबंधन के फॉर्मूले को खारिज कर दिया है और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। एआईएमआईएम चीफ सांसद असदुद्दीन ओवैसी इस वक्त महाराष्ट्र में अपनी पार्टी कैंडिडेट का जमकर प्रचार कर रहे हैं। ओवैसी के भाषणों में निशाने पर कांग्रेस पार्टी है। एक रैली में सांसद ने कांग्रेस पर फिर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा, "दुनिया के किसी भी डॉक्टर को लाया जाए, वो अब कांग्रेस पार्टी का इलाज नहीं कर सकता। दवाई देने पर नामर्द भी मर्द बन सकता है, मगर कांग्रेस अब ठीक नहीं हो सकती। " महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का माहौल इन दिनों गर्म है। ऐसे में पार्टियां दूसरे राज्यों से अपने स्टार प्रचारकों को बुलाकर तूफानी कैम्पेन कर रही हैं। मुंबई में उत्तर भारतीय मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने जनता को संबोधित किया। डिप्टी सीएम इस कैंपेन में एक विवादित बयान भी दे डाला, मौर्या ने कहा, जनता को अगर पाकिस्तान पर परमाणु बम गिराना है तो आने वाले 21 तारीख को कमल का बटन दबाएं। 'जहां विश्वास है-वहां आस है! ' यह वीडियो यही दिखाता है। यह वीडियो मुंबई की लोकल ट्रेन का है। ये महिलाएं नौकरीपेशा हैं। लेकिन कामकाज के चलते इन्हें दफ्तर से छुट्टी नहीं मिली। लिहाजा उन्होंने ट्रेन में ही गरबा खेला। भागवत शहर के रेशीमबाग मैदान में स्वयंसेवकों को संबोधित कर सकते हैं, संगठन के स्वयंसेवकों तथा संघ से संबद्ध संस्थाओं के नाम भी एक संदेश जारी करेंगे। पुलिसकर्मी जब भिखारी की मौत के बाद उसकी झुग्गी पर पहंचे वहां इतनी दौलत मिली की पुलिसवाले भी हैरान हो गए। मृतक ने पैसे चार बैग में भर रखे थे। पुलिस को गिनने में करीब रातभर लग गई। महाराष्ट्र के नागपुर से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 60 साल के बुजुर्ग को मजदूरी मांगने पर दलालों ने तालिबानी शैली में सजा दी। उसके हाथ और पैरों की उंगुलियां काट दी। फिर बेहोश मजदूर को रेलवे पटरी पर फेंक दिया।
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अनिवृत्तीवादर० [१०] सुमसम्पराय० [११] उपशाम्तमोह [ १२ ] क्षोणमोह० [१३] संयोगो० [१४] अयोगी गुणस्थानप [ २ ] लक्षणद्वार - [१] मिथ्यात्य गुणस्थानक तीन भेद अनादी अनन्त [ अभव्यको अपेक्षा ] [२] अनादी सान्त [ भव्यापेक्षा ] [३] सादीसान्त [ सम्यक्त्व प्राप्त करके पोछा मिथ्यात्यमे गया उसको अपेक्षा ] और मिथ्यात्व दो प्रकारका है पत्र व्यक्त मि० दूसरा अव्यक्त मि० जिसमें पवेन्द्रिय ये रिद्रिय तेरिन्द्रिय चौरिन्द्रिय और असशी पचेन्द्रियमें अव्यक्त मिथ्या त्य है और पचेन्द्रिय कितने व्यक्त मि० कितनेय अव्यक्त मि है जिसमें व्यक्त मि० ये २५ भेद है यथा+ ( १ ) जीवको अजीथ श्रद्धे-जैसे पिनेक लोक पवेन्द्रिय आदिको जीव नहीं मानत है। पेट चलने फिरते ही को जीव मानते हैं यह एक किस्म का मिथ्यात्व है। ( २ ) अज्ञीको शीय अद्वे-जैसे जितने जगत्म पदार्थ है घे सय जीव है। यानि जड पदार्थोंयां भी जीव माने मि० ( ३) साधुशे असाधु श्रद्धे-याने जो पच महाव्रत पाच समिति, तीन गुप्ति आदि मदाचारमें प्रवृत्ति करनेवाले को साधु न माने । मि ( ४ ) असाधुको साधु ई-यथा आरम्भ परिग्रह, भाग गांजा, चढसादि पोनेवाले अनेक मंसारी जोवाँको भी साधु माने । मि [५] धमको अधम श्रद्धे-जैसे अधिमा मय शील, तपादि शुद्ध धर्मको अधर्म समझें । यह भी मिथ्यात्व है। (६) अधर्मको धर्म श्रद्धे-जैसे यज्ञ दाम जप पचाप्नि तापना, कन्दमूल खाना, ऋतुदान देना इत्यादि अधमैको धर्म मानें । मि० ७) मोक्षमार्गको संसारका मार्ग श्रद्धे-जैसे ज्ञान दर्शन चारित्रादियो ससार समझे । " मि० (८) ससारके मार्गको मोक्षका मार्ग श्रद्धे-जैसे मृतकफी पी डे पींड, श्राद्ध, ओसर, चलीदानादिको मोक्ष मार्ग समझना । मि० ( ९ ) मोक्ष गयेको अमोक्ष समझना-जैसे केवलज्ञान प्राप्त वर मोक्ष गयेको फिर आक अवतार लेंगे ऐसा कहना । मि. (१०) अमोक्षको मोक्ष कहना-जैसे कृष्णादिकी अभी मोक्ष नही हुया उनको मोक्ष हुषा मानना । मि० ( ११ ) अभिग्रह मिथ्यात्य-जैसे मिथ्यात्य, हठ, पदाग्रहको पफडक्र कुगुरु, कुदेय, उधर्मपर ही श्रद्धा रख्खे अपने ग्रहण कियेको मिथ्या समझने पर भी न छोटे । मि० ( १२ ) अनभिग्रह मिथ्यात्य - जैसे छुदेष, उगुरु, कुधर्मपर वैसे ही सुदेय, सुगुरु, सुधर्मपर एक सरीखी श्रद्धा रखे सबको एक मरीखा माने । मि० ( १३ ) सशय मिथ्या त्य-धोतरागके वचनोंपर सकल्प विक रूप करना और उसपर सशय करना । मि० ( १४ ) अनाभोग मिथ्यात्य-जिसको धर्माधर्म, हिताहितवा कुछ भी रयाल नहीं है अजाणपने से या वेदरवारीसे हरपक काम करता है। मिथ्यात्वादि को सेवन करता है मि ( १५ ) अभिनिवेश मिथ्यात्य धर्माधर्म सत्यासत्यकी गयेपणा और विचार करके उसका निश्चय होनेपर भी अपने हठकों नहीं छोड़ना । मि० (१६) लौकिक मिथ्यात्व- लोकोंके देखादेखी मिथ्यात्यकी क्रिया करे अर्थात् धन पुत्रादिये लिये लौकिक देवोंको सेवा उपासना करे । मि० ( १७ ) लोकोत्तर मिथ्यात्व-मोक्षवे लिये परने योग्य क्रिया करवे लौकिक सुखकी इच्छा करे या बीतगग देयके पाम लौकीक सुख सम्पदा धनादिकी प्रार्थना करे। उसे लोकोत्तर मिथ्यात्व यहते हैं । [ १८ ] ऊणो मिथ्यात्य वीतरागये वचन से न्यून मरुपणा परे तथा भीषको अगुष्ट प्रमाण माने या न्युन घिया करे । मि [ १९ ] अधिक मिथ्यात्य वीतरागये वचन से अधिक मरु पणा करे। या अधिक मिया परे -- मन पल्पित किया परे । मि [ २० ] विपरीत मिथ्यात्य वीतरागके वचनोंसे विपरीत प्ररूपणा करे या विपरीत मिया वरे-लिंगादि को धारण करे । [२१] गुरुगत मिथ्यात्य - अगुरुको गुरु करवे माने जैसे जगम, जोगी, सेपडा चमखडा चमचीरीया की जिसमें गुरुवा गुण न हो लक्षण न हो और लिंग हो अथवा स्थलिंगी पासत्था उसन्ना ससत्ता कुतिग्यादिका गुरु माने । मि० ( २२ ) देवगत-जो रागी द्वपी आरम्भ उपदेशी जिनकी मुद्रामे राग द्वेष विषय पपाय भरा है ऐस दय हरी हलधर भेरु भवानी शीतला मातादिको देव माने । मि० ( २३ ) पर्यगत जैसे होगी कष्ण अष्टमी गोगानघमी, आमावास्यादि लौकिक पत्रको पर्व मान पर मिथ्यात्यकी क्रिया करे । मि० ( २४ ) अक्रिय मिथ्यात्य क्रिया करनेसे क्या फल होता है इत्यादि मानेप्रिया का नास्तिपणा पतलाना । मि० ( २५ ) अविनय मिथ्यात्व - देव, गुरु, मघ स्वाधर्मी भाइयों का उचित विनय न करके उनका अविनय-आशातना परे । मि. यह २५ प्रकारका मिथ्यात्व कहा। इसके सिवाय शास्त्रका -
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भूखे रह गए CM शिवराज ! भूखे रह गए CM शिवराज ! कम पड़ गया गया खाना मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ग्वालियर में चाइनीज फूड खाया। चौपाटी पर उन्होंने वेज बिरयानी, वेज रोल, फ्रेंच फ्राइड, मंचूरियन और चाऊमीन khaya। इसके बाद जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि खाना कैसा लगा तो बोले- बहुत अच्छा था। कम पड़ गया. . . मुझे तो और भूख लग रही है एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ा मध्यप्रदेश में एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ा है । ग्वालियर, उज्जैन, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और होशंगाबाद संभागों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश के अनुसार 4 दिन तक इसी तरह ठंड रहेगी। अधिकतम और न्यूनतम तापमान नीचे जा सकता है। भोपाल में 10 साल के बच्चे ने की सुसाइड राजधनी भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में 10 साल के बच्चे ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। एकतापुरी कॉलोनी में रहने वाला रुद्राक्ष सिंह तोमर पुत्र अक्षत सिंह तोमर (10) ने सुसाइड किया है। अमेजन पर FIR के आदेश ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने FIR के आदेश दिए हैं। अमेजन पर बिक रहे चॉकलेट रैपर, फेस मास्क, सेरेमिक मग, कपड़ों और जूतों तक पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा छपा होने पर नरोत्तम ने एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के अपमान के किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायकों से मांगे जाएंगे सुझाव प्रदेश का अगला बजट कैसा होगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी BJP विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक 1 फरवरी को होगी। इसमें विधायकों से बजट को लेकर सुझाव मांगे जाएंगे।
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हेल्थकेयर पुरुषों के साथ महिलाओं के लिए भी बेहद जरूरी है. युवा लड़कियों और महिलाओं को खासकर स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक होना चाहिए. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के डेटा के मुताबिक, दुनियाभर में गर्भावस्था और प्रसव के दौरान रोके जा सकने वाले कारणों से हर दिन 810 महिलाओं की मौत हो जाती है. भारत जैसे मध्यम आय वाले देश में बेहतर स्वास्थ्य के लिए आर्थिक खर्च एक अहम जरूरत बन चुका है. महिलाओं के लिए किसी भी हेल्थ इमरजेंसी से बचाने लायक अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस कवर खरीदना बेहद जरूरी हो चला है. हालांकि, महिलाओं से जुड़ीं कई तरह की मेडिकल समस्याओं को इंश्योरेंस में शामिल नहीं किया जाता है. ऐसे में स्वास्थ्य बीमा खरीदने से पहले कवर को अच्छे से समझ लेना चाहिए. आइए आपको बताते हैं वे खास बिंदुएं, जो किसी भी महिला को हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले ध्यान में रखनी चाहिए. हेल्थ इंश्योरेंस का सबसे जरूरी पहलु उसकी पर्याप्तता होती है. कवर में वे सभी बीमारियां शामिल होनी चाहिए, जिनके भविष्य में होने का खतरा हो सकता है. भविष्य में हो सकने वाली हेल्थ इमरजेंसी का पहले से पता नहीं लगाया जा सकता. मगर उम्र, पारिवार की मेडिकल हिस्ट्री और लाइफ स्टाइल के हिसाब से एक अंदाजा लगा सकते हैं. इसके साथ यह भी सलाह दी जाती है कि आप स्त्री रोग विशेषज्ञ से भी स्वास्थ्य को लेकर सलाह लें. अगर आपके पिता ब्लड प्रेशर, मां थाइरॉयड या दादी ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित रही हैं, तो आपको इन समस्याओं को ध्यान में रखकर हेल्थ इंश्योरेंस की प्लानिंग करनी होगी. बीमा कंपनी को इन फैक्टर्स की जानकारी भी दे देनी चाहिए. जैन ने मैमोग्राम, पैप टेस्ट आदि की भी सलाह दी. महिलाओं के स्वास्थ्य कवर में ब्रेस्टफीडिंग सपोर्ट जैसे पहलु बहुत अधिक पॉलिसियों में देखने को नहीं मिलते. चाहे वह ब्रेस्ट पंप हो या ब्रेस्टफीडिंग पर सलाहकार खर्च. भारतीय पॉलिसियों को आज की महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम उठाने होंगे. हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने का सबसे बड़ा नियम होता है, कम उम्र में पॉलिसी लेना. यह महिला-स्पेसिफिक हेल्थ केयर प्लान पर भी लागू होता है. कम कीमत में पॉलिसी मिलना पॉलिसीहोल्डर को मिलने वाला सबसे बड़ा लाभ है. मान लीजिए कि आप 33 साल की हैं और आपकी शादी को तीन साल हो चुके हैं. अब आप 20 साल की उम्र में लिए हेल्थ कवर और 33 साल की उम्र में लिए हेल्थ कवर की तुलना कीजिए. इंश्योरेंस कंपनी आपको 20s के दौरान उम्र को लेकर ज्यादा कॉन्फिडेंट होगी. इसके चलते, कम उम्र में लिए गए हेल्थ कवर पर कम कीमत चुकानी पड़ती है. शादी के बाद, आम तौर पर, फैमिली फ्लोटर पॉलिसी का विकल्प चुनना पसंद किया जाता है, जिसमें दोनों पति-पत्नी कवर हो सकें. आप जिस तरह का फैमिली फ्लोटर चुनती हैं, वह परिवार बढ़ने के साथ बदला भी जा सकता है. हालांकि, जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, अपने लिए एक निजी पॉलिसी खरीदना ज्यादा बेहतर उपाय लगता है. ऐसा इसलिए कि फैमिली फ्लोटर में प्रीमियम परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य की उम्र पर निर्भर करेगा और बीमा राशि परिवार के प्रत्येक सदस्य के बीच बंट जाती है. भले ही आप फ्लोटर पॉलिसी की इन सीमाओं को नजरअंदाज कर दें, फिर भी एक महिला होने के नाते आपके पास निजी बीमा होना चाहिए. पॉलिसीधारक के रूप में आपको बीमा योजना के फीचर्स और फायदों की पूरी जानकारी होनी चाहिए. आपको सलाह दी जाती है कि सिर्फ पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स को ही न पढ़ें, बल्कि उसके फीचर्स, जैसे कमरे का किराया, को-पेमेंट और ओपीडी कॉस्ट आदि के बारे में भी समझें. हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय ध्यान रखिए कि कहीं इमरजेंसी के वक्त आप ज्यादा को-पेमेंट और कम रूम रेंट की लिमिट में न फंस जाएं. ऐसी लापरवाही क्लेम के वक्त आप पर भारी पड़ सकती है. महिलाओं के लिए अस्पताल का कमरे किसी दूसरे मरीज के साथ शेयर करना सुविधाजनक नहीं होता है. इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते वक्त प्राइवेट वॉर्ड या निजी कमरे को लेकर हमेशा सतर्क रहें. कवर में रूम का किराया आपके कुल सम इंश्योर्ड का तकरीबन एक फीसदी होता है. अगर आपके पास 5 लाख रुपये का कवर है, तो रूम रेंट 5000 रुपये होगा, जो मेट्रो शहरों के हिसाब से कम माना जाता है. इसका मतलब, या तो आपको अस्पताल में कमरा दूसरे मरीज के साथ शेयर करना पड़ेगा या कमरे का किराया अपनी जेब से भरना होगा. कवर खरीदने से पहले रूम रेट, सब लिमिट के बारे में अच्छी तरह जानकारी हासिल करें. हेल्थ कवर लेते वक्त महिलाओं के दृष्टिकोण से भी सोचें. याद रखें, पॉलिसी का ज्यादा प्रीमियम अतिरिक्त खर्च कवर होने की ओर संकेत देता है.
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आखिर अब मैडोना ने ऐसा क्या कर डाला, जिसकी वजह से ट्रोल हुईं पॉप सिंगर? हाल ही में पॉप सिंगर मैडोना ने इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसकी वजह से वो मुसीबत में भी आ सकती हैं. कुछ लोगों ने उनके वीडियो को आपत्तिजनक बताया है. इंटरनेशनल पॉप सिंगर मैडोना हमेशा ही किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं. उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होगा. इन दिनों मैडोना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो क्लिप को देख कर हर कोई हैरान है. ये क्लिप खुद सिंगर ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. चलिए आपको भी दिखाते हैं मैडोना का ये अनोखा कारनामा, जिसकी वजह से अब वो जमकर ट्रोल भी हो रही हैं. हाल ही में पॉप सिंगर मैडोना ने इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो शेयर किया है जिसकी वजह से वो मुसीबत में भी आ सकती हैं. कुछ लोगों के लिए जहां ये वीडियो आपत्तिजनक है. वहीं, कुछ इसे देखकर हैरान भी हैं. मैडोना वीडियो में कई ऐसी हरकतें करती नजर आ रही हैं जो बेहद आपत्तिजनक और अश्लील हैं. इतना ही नहीं, वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि मैडोना कैसे बुल डॉग के बरतन को चाटती नजर आ रही हैं. इसके साथ ही, उन्होंने क्लिप में कई जगह यौन संबंध बनाने जैसी हरकतें की हैं. वीडियो में उन्होंने नियॉन ग्रीन स्वेटर को स्पार्कली बूटी शॉर्ट्स के साथ कैरी किया है. साथ ही, टाइट्स और हाई बूट्स के साथ अपने कई सिजलिंग पोज भी फ्लॉन्ट किए हैं. इस पर लगातार लोगों के और कई सेलेब्स के भी रिएक्शन्स आ रहे हैं. ये कोई पहली बार नहीं है जब सिंगर अपनी किसी वीडियो की वजह से चर्चा में आई हैं. इसके पहले भी उन्होंने कई ऐसी वीडियो बनाई है जिसकी वजह से वो बुरी तरह ट्रोल हुई हैं. पिछले हफ्ते भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसपर लोगों ने सवाल किया था कि क्या मैडोना सिर्फ फन और एंटरटेनमेंट के लिए ऐसा कर रही हैं या वो समलैंगिक होने को लेकर गंभीर हैं.
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देश भर में कोविड-19 की दूसरी लहर में जहां जगह-जगह से हर रोज ऑक्सीजन व वेंटिलेटर न मिलने की वजह से लोगों की जान जाने की खबरें रही हैं, वहीं जिले में कोविड अस्पताल में 12 वेंटिलेटर बेकार रखे पड़े हैं। क्योंकि उन्हें चलाने के लिए टेक्नीशियन नहीं हैं। इस कारण वेंटिलेटर की जरूरत वाले मरीजों को रेफर किया जा रहा है। दोआबा के खागा स्थित लेवल-2 का कोविड अस्पताल बनाया गया हैं। यहां पर ऑक्सीजन बेड तो हैं लेकिन वेंटिलेटर बेड नहीं हैं क्योंकि यहां उपलब्ध 12 वेंटिलेटर अभी संचालित नहीं हो पाए हैं। यह वेंटिलेटर जनपद में एक साल से रखे हैं, इनमें से कुछ जिला अस्पताल से गए थे तो कुछ की खरीदारी की गई है। इसके अलावा जिला अस्पताल में मौजूदा समय में 17 वेंटीलेटर हैं जिन्हें चलाने के लिए यहां डाक्टर भी हैं और टेक्नीशियन भी। लेवल-2 के प्रभारी डॉ. यूपी कुशवाहा ने स्वीकर किया कि अभी यह वेंटिलेटर संचालित नहीं हो पाए हैं क्योंकि उसके लिए टेक्नीशियन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। आश्चर्य है कि पिछले वर्ष ही मिल गए वेंटिलेटर को अब तक क्यों नहीं संचालित किया जा सका और जरूरी प्रशिक्षित टेक्नीशियन की भर्ती क्यों नहीं की जा सकी। कोविड-19 मरीजों के इलाज से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश के कई जिलों में वेंटिलेटर मिले। इन वेंटिलेटर को चलाने के लिए प्रशिक्षित टेक्नीशियन की भर्ती यदि समय से कर ली गई होती तो आज एल- टू अस्पताल भी गंभीर कोरोना मरीजों का इलाज करने में सक्षम होते।
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एमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने यूपी में हिंदू स्वाभिमान संगठन की तरफ से बनाई जा रही 'धर्म सेना' पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा है कि कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ लड़ने के नाम पर बनाई जा रही यह धर्म सेना असल में मुस्लिमों को मारने के लिए बनाई जा रही है। अकबरुद्दीन ने कहा कि हिंदू संगठन 15000 लड़ाकों की सेना तैयार कर चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी चुनाव को देखते हुए इस धर्म सेना का मुख्य उद्देश्य 'बड़े पैमाने पर मुस्लिमों की हत्या' है। ओवैसी ने कहा, 'ये लोग आने वाले यूपी चुनाव को देखते हुए मुस्लिम और हिंदुओं के बीच नफरत फैलाने के लिए काम कर रहे हैं। ये मुस्लिमों की हत्या करना चाहते हैं। ये यूपी में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। ' ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर वो आईएसआईएस से लड़ने के लिए तंजीम (संगठन) बनाते हैं तो क्या यह सरकार को मंजूर होगा। हाल में खबर आई थी कि दिल्ली के बाहरी इलाके और उत्तराखंड बॉर्डर तक हिंदू स्वाभिमान सेना युवाओं को आईएस से लड़ने की ट्रेनिंग दे रही है। उनका मानना है कि आईएस 2020 तक यूपी को अपने कब्जे में ले लेगा। इस संगठन के नेताओं का दावा है कि 15000 सैनिक पहले से ही अपनी सुरक्षा और आस्था के लिए मरने को तैयार हैं।
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आज के समय में डिजिटल लेन-देन काफी बढ़ गए हैं, ज्यादातर लोग अपने मोबाइल से ऑनलाइन पेमेंट और लेन-देन करना पसंद करते हैं। आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करें और वो पूरा न हो, यानी आपका पैसा तो कट गया, मगर जिसे भेजा उसे नहीं मिला। आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करें और वो पूरा न हो। यानी आपका पैसा तो कट गया, मगर जिसे भेजा उसे नहीं मिला। कुछ बैंकों के ग्राहकों को ऑनलाइन लेन-देन में दिक्कत आई, अभी भी बहुत सारे लोगों को अपना कटा हुआ पैसा वापस नहीं मिला है। अकाउंट से डेबिट हो जाने के बावजूद कैश नहीं मिला तो 5 दिनों के अंदर आपको पैसा वापस मिलना चाहिए। 19 सितंबर 2019 को आरबीआई ने एक सर्कुलर जारी किया था। सर्कुलर के अनुसार तय अवधि में कटा हुआ पैसा न मिलने पर बैंकों को ग्राहकों को जुर्माना देना होहगा। आरबीआई के नियम के अनुसार यह जुर्माना प्रति दिन 100 रु होगा। अगर कटा हुआ पैसा ग्राहक को निश्चित अवधि में नहीं मिलता तो हर दिन 100 रु का जुर्माना देना होगा। पैसे कटने के किसी मामले में एसबीआई के ग्राहक बैंक की योनो ऐप में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस सिस्टम से आप पैसे ट्रांसफर, बिजली, मोबाइल फोन और ब्रॉडबैंड आदि के बिल का भुगतान कर सकते हैं।
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मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार नई आबादी इलाके में पूर्व पार्षद विजय शर्मा की दुकान पर खड़े थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावर मौके पर पहुंचा था और उसने प्रह्लाद बंधावर की सिर में गोली मार दी थी। मध्य प्रदेश के मंदसौर में बीजेपी नेता और नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार की हत्या का आरोपी बीजेपी कार्यकर्ता ही निकला है। पुलिस ने प्रह्लाद बंधवार की हत्या के आरोपी बीजेपी कार्यकर्ता मनीष बैरागी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। गुरुवार को मंदसौर नगर पालिका के अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद इलाके में सननसी फैल गई थी। नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार नई आबादी इलाके में पूर्व पार्षद विजय शर्मा की दुकान पर खड़े थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावर मौके पर पहुंचा था और उसने प्रह्लाद बंधवार की सिर में गोली मार दी थी। गोली लगते ही बंधावर मौके पर ही गिर पड़े थे। गोली लगने के बाद प्रह्लाद बंधवार को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। प्रह्लाद बंधवार की मौत के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल काटा था। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। नगर पालिका अध्यक्ष को गोली मारने की सूचना के बाद एसपी पुलिस दल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे थे और गुस्साए लोगों को शांत कराया था। पुलिस केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही थी, और हमलावर की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने अब प्रह्लाद बंधवार की हत्या के आरोप बीजेपी कार्यकर्ता को ही गिरफ्तार किया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस आज आरोपी को लेकर राजस्था से मध्य प्रदेश पहुंचेगी। जहां उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस की पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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झांसी। कोरोना संक्रमण के चलते रद्द की गईं सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम तैयार करने का जिम्मा स्कूलों पर छोड़ा गया है। इसे लेकर स्कूल संचालकों ने सहमति जताई है। अब स्कूलों के हाथ में विद्यार्थियों के भविष्य की बागडोर है। संक्रमण काल में हुई ऑनलाइन पढ़ाई के बीच विद्यार्थियों के लिए अच्छे अंक पाना अब चुनौती नहीं बनेगा। दरअसल, सीबीएसई बोर्ड ने कोरोना संक्रमण के चलते चार मई से होने वाली सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। इसके बाद बोर्ड ने स्कूलों ने विद्यार्थियों का पूरा डाटा मांगा था। शनिवार को बोर्ड की ओर से 10वीं के विद्यार्थियों के लिए नई मार्किंग स्कीम जारी की गई। जिसके आधार पर स्कूलों को टर्म टेस्ट, प्री बोर्ड परीक्षाओं को पिछले वर्ष के परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों के अंक तय करने हैं। इसके लिए स्कूल को प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी का गठन करना है। जिसमें पांच विषयों के शिक्षक और दो अन्य स्कूल के शिक्षक होंगे। इसे लेकर स्कूल संचालकों ने सहमति जताई है। स्कूल संचालकों का कहना है कि बोर्ड ने स्कूलों पर भरोसा जताया है। जिसके जरिए हर विद्यार्थी को उसके प्रदर्शन के अनुरूप अंक मिल सकेंगे। अल्पाइन स्कू ल के निदेशक दीपक राय कहते हैं कि स्कूल को अपने यहां के हर विद्यार्थी की क्षमता की बेहतर जानकारी होती है। शिक्षकों का विद्यार्थियों से सीधा जुड़ाव होता है। बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप समिति बनाने की तैयारी चल रही है। सीबीएसई की जिला समन्वयक प्रीति खत्री का कहना है कि स्कूलों को निर्देशों के अनुरूप परिणाम तैयार करना है। जिसका बोर्ड द्वारा विश्लेषण किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों के साथ पक्षपात नहीं हो सकेगा। सीबीएसई बोर्ड की तरह आईसीएसई बोर्ड ने भी 10वीं के परिणाम को लेकर नीति जारी कर दी है। जिसके मुताबिक स्कू लों से हर विद्यार्थी का पिछले वर्ष और नौवीं कक्षा का परिणाम मांगा गया है। जिसे स्कूलों को 15 मई तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना है। बोर्ड के जिला समन्वयक नितिन विलियम्स ने बताया कि बोर्ड की नीति से विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर हो सकेगा। हर विद्यार्थी अपनी क्षमता और योग्यता के मुताबिक अंक पा सकेगा।
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तब उसे सहसा भान हुआ कि वह उसे नहीं चाहता, वह विस्मित रह गई । उसे अतीत में कही हुई उसकी सारी बातें याद और दाकि कितनी निराशा पूर्वक वह उसे प्यार करता था, उसने स्वयं को अपमानित और क्रोधित समझा परन्तु उसमें एक तरह की जन्मजात वृष्टता थी, जो उसे पार ले जाती थी । फिलिप को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह उससे प्यार करती थी, क्योंकि वह नहीं करती थी । वह कभी-कभी उसे घृणा करती थी और वह उसका अपमान करना चाहती थी; पर उसने अपने को बिल्कुल शक्तिहीन पाया; वह समझ न सकी उसके साथ कैसे पेश आया जाय, वह उसके साथ थोड़ी घबराने लगी। एक दो बार वह रोई भी । एक दो बार उसने फिलपि के साथ बहुत ही अच्छा व्यवहार किया; पर जब रात में सोते समय उसने उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया तो थोड़ी देर में उसने कुछ बहाना बताकर अपना हाथ मुक्त कर लिया, जैसे उसके द्वारा हुआ जाना ही उसे नापसन्द हो । उसकी समझ में न आता । उसके ऊपर उसका केवल एक वश बच्ची का था, जिसको वह रोज-रोज अधिक से अधिक चाहने लगा था; बच्ची को एक तमाचा मार कर या धक्का देकर वह उसे बहुत क्रोधित कर सकती थी; और केवल उस समय पुरानी कोमल मुस्कान उसकी आँखों में वापस आती जब वह बच्ची को लेकर उसके पास खड़ी होती । वह यह सब सोचती और क्रोध पूर्वक स्वयं से कहती कि कभी वह उससे इस सबका बदला चुका लेगी । वह इस सत्य से स्वयं को मना न पाती कि अब वह उसकी परवाह नहीं करता था। वह उसे परवाह करना सिखा देगी । दर्पचूर्ण का उसे बड़ा मान था और कभी-कभी एक अजीब ढंग से वह फिलिप की लालसा करती। अब वह इतना उदासीन होगया था कि उसे चिढ़ लगी। वह उस प्रकार से हमेशा उसके बारे में सोचा करती। वह सोचती कि फिलिप उसके साथ बड़ा बुरा व्यवहार कर रहा है और समझ न पाती कि ऐसा पाने के लिये उसने क्या किया
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आहार "7" - यह क्या है? आहार 7 पूरी तरह से चिकित्सा है,गुर्दे और उनके सामान्य ऑपरेशन के कार्यों को बहाल करने के उद्देश्य से। हालांकि, काफी बार यह उन महिलाओं द्वारा उपयोग किया जाता है जो मोटापे से ग्रस्त हैं, क्योंकि चिकित्सीय प्रभाव के अलावा, यह वजन घटाने के उत्कृष्ट परिणाम देता है। यदि इस आहार का उपयोग अतिरिक्त वजन का मुकाबला करने के लिए किया जाता है, तो हारने के लिए प्रति सप्ताह 7 किग्रा एक trifling मामला है! यह व्यावहारिक रूप से नमक मुक्त, कम कैलोरी और, महत्वपूर्ण रूप से, बहुत आसानी से सहन किया जाता है। विभिन्न रोगियों के लिए आहार 7 की सिफारिश की जाती हैगुर्दे की बीमारियां, कुछ भड़काऊ घटनाओं के उपचारात्मक चरण में गुर्दे की शिथिलता को व्यक्त किए बिना पुरानी और तीव्र ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस सहित, साथ ही शोफ के साथ एक्जिमा, त्वचा तपेदिक और सूजन का रोना। इस आहार की ख़ासियत आहार में नमक की पूरी अनुपस्थिति है (इसे कैल्शियम और पोटेशियम लवण के साथ बदलना), कार्बोहाइड्रेट का सेवन प्रतिबंधित करना, और प्रोटीन और तरल पदार्थ का सेवन नियंत्रित करना। अक्सर, आहार 7 को अवधि में महिलाओं को सौंपा जाता हैगर्भावस्था, गर्भाशय के आकार में वृद्धि के बाद से, एक नियम के रूप में, मास्टोपैथी और अन्य बीमारियों के बाद के विकास के साथ गुर्दे की विकृति, एडिमा, पायलोनेफ्राइटिस का विस्तार होता है। यह आहार पेशाब में सुधार करता है, न केवल गुर्दे के ऊतकों में चयापचय प्रक्रियाओं को गति देता है, बल्कि अन्य अंगों में भी, गुर्दे के कार्य के सामान्यीकरण के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाता है, और उनके प्रत्यक्ष भड़काऊ घावों के साथ। यह आहार नमक रहित होना चाहिए और इसमें शामिल होना चाहिएमूल उत्पादों में केवल पोटेशियम और कैल्शियम लवण (लेकिन प्रति दिन 2-3 ग्राम से अधिक नहीं)। प्रोटीन (मुख्य रूप से पशु उत्पत्ति), कार्बोहाइड्रेट और वसा का सेवन काफी कम किया जाना चाहिए। इस तरह के प्रतिबंधों का शरीर पर एंटीएलर्जिक प्रभाव पड़ता है, और गुर्दे की सूजन के उन्मूलन पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है। एस्कॉर्बिक एसिड और समूह ए और बी के विटामिन सहित विटामिन का अतिरिक्त सेवन, स्वागत योग्य है। डाइट नंबर 7 बेहद हो सकता हैविविध, क्योंकि इसमें सभी प्रकार की सब्जियां और फल, मसाले और साग शामिल हैं, जो रोगी की भूख में काफी वृद्धि करेंगे और उनके पाचन पर लाभकारी प्रभाव डालेंगे। हालांकि, हमें याद रखना चाहिए कि भोजन आंशिक और एक ही समय में होना चाहिए) आदर्श रूप से - दिन में 5-6 बार)। इसकी अपनी विशेषताओं और खुद खाना पकाने की प्रक्रिया है - इसे स्टीम किया जाना चाहिए, ओवन में या सिर्फ पकाया जाना चाहिए। सब्जियों या मक्खन में उत्पादों को भूनना भी संभव है, लेकिन उन्हें ओवरकुक करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। रोगी के लिए प्रोटीन भोजन की दैनिक दर - 80-90सी।, इस राशि का 50% जानवरों की उत्पत्ति का होना चाहिए। 80-90 ग्राम की मात्रा में वसा का भी सेवन किया जाना चाहिए। प्रति दिन (पशु वसा - कुल दर का 70% से अधिक नहीं)। यदि उनकी संख्या 400-450 ग्राम है तो कार्बोहाइड्रेट का सेवन सामान्य माना जाता है। प्रति दिन। जब शारीरिक रूप से मानदंडों के साथ तुलना की जाती हैएक स्वस्थ व्यक्ति, भस्म विटामिन सी की मात्रा को कम से कम 3 गुना, विटामिन ए - 2 गुना, विटामिन बी - 1.5 गुना, ब्र - 1.25 गुना बढ़ाया जाना चाहिए। प्रति दिन खपत तरल पदार्थ की मात्रा 1 लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रोटीन मुक्त मक्का स्टार्च रोटी, साथ ही चोकर के साथ सफेद गेहूं की रोटी, नमक के बिना पके हुए; नमक के बिना सूप की एक किस्म - सब्जी, फल, शाकाहारी; मांस और मछली (केवल कम वसा वाले उबले हुए) - चिकन, खरगोश, बीफ, टर्की और वील, साथ ही पाईक, रोच, केसर, पर्च और पर्च। अंडे और उनके डेरिवेटिव प्रोटीन आमलेट और अन्य व्यंजन हैं, लेकिन प्रति दिन 1 अंडे से अधिक नहीं। डेयरी उत्पाद - किसी भी रूप में, लेकिन केवल सीमित मात्रा में। सब्जियां और फल - केवल उबला हुआ और प्राकृतिक रूप में। पुलाव और साबूदाना (दूध या पानी में) के व्यंजन पुलाव, पुडिंग, पैटीज़, दलिया, पिलाफ, आदि के रूप में। इसे छोड़कर सभी वसा का उपयोग करने की सिफारिश की जाती हैदुर्दम्य, अर्थात्। सूअर का मांस, बीफ और भेड़ का बच्चा। ऐपेटाइज़र से, फल और सब्जी के सलाद, विनैग्रेट, वनस्पति तेल के साथ अनुभवी, जेलीयुक्त वील और मछली, हल्के पनीर की अनुमति है। दिन के लिए नमूना मेनू, जो आहार 7 की सिफारिश करता हैः पहले नाश्ते के लिएः दही पनीर - 120 ग्राम, मक्खन के साथ कुरकुरे अनाज, असाधारण मलाईदार, और दूध के साथ चाय। दोपहर के भोजन के लिए (दूसरा नाश्ता): कद्दू दलिया और सूजी। दोपहर के भोजन के लिएः शाकाहारी बोर्स्च - ings सर्विंग, तले हुए आलू, उबला हुआ मांस और कॉम्पोट, जिसमें विशेष रूप से ताजे और गट्टे फल शामिल होते हैं। दोपहर के भोजन मेंः पके हुए सेब-गाजर चॉप। रात के खाने के लिएः फल पिलाफ - ½ भाग।
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गाजियाबाद में 24 घंटे के भीतर दूसरा बड़ा सड़क हादसा रविवार देर रात हुआ। तेज रफ्तार अनियंत्रित एंबुलेंस ने तीन बाइकों को कुचल दिया। इस हादसे में एक महिला और दो युवकों की मौत हो गई। एक बच्चा समेत दो लोग घायल हैं। CM योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने दिवंगत की आत्मा शांति की कामना करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। CM ने घायलों का पर्याप्त इलाज कराने और डीएम-एसएसपी को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया है। यह हादसा विजयनगर थाना क्षेत्र में सिद्धार्थ विहार चौराहा स्थित डीपीएस के पास हुआ। इंस्पेक्टर योगेंद्र मलिक ने बताया, मृतकों की पहचान मनमोहन निवासी गांव मई, ऋषिपाल निवासी बिहारीपुरा और राजकुमारी निवासी पतवाड़ी बिसरख के रूप में हुई है। मनमोहन और ऋषिपाल एक बाइक पर थे। जबकि दूसरी बाइक पर राजकुमारी अपने बच्चे और पति संग दूसरी बाइक पर कहीं जा रही थी। इंस्पेक्टर ने बताया, प्रथम दृष्टया एंबुलेंस ड्राइवर नशे में लग रहा था। उसको कस्टडी में ले लिया गया है। अभी ड्राइवर से पूछताछ नहीं की गई है। हादसे के वक्त एंबुलेंस खाली थी। हादसा कैसे हुआ, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि फौरी तौर पर यह माना जा रहा है कि ड्राइवर के नशे में होने की वजह से ये हादसा हो सकता है। इंस्पेक्टर ने बताया कि इस हादसे में एक बच्चा और युवक घायल हुए हैं। अस्पताल में उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी है। हादसे के बाद मौके पर इकट्ठा हुए लोगों ने बताया कि ये एबुलेंस हाईवे पर अनियंत्रित ढंग से चल रही थी। स्पीड भी काफी तेज थी। रास्ते में कई लोग इससे टकराने से बाल-बाल बचे। यह भी पता चला है कि इस हादसे से पहले एंबुलेंस ड्राइवर ने रास्ते में कई लोगों को टक्कर मारी थी। फिलहाल पुलिस ने क्षतिग्रस्त हुई तीनों बाइकों और एंबुलेंस को सड़क से हटवा दिया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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बात ), 'प्राच्य और पाश्चात्य ' आदि ग्रन्थों ने उनकी भविष्यवाणी को सत्य प्रमाणित कर दिया । पुत्र की विकासोन्मुख बुद्धि व प्रतिभा को भलीभाँति जानने के कारण विश्वनाथ ने नरेन्द्र की शिक्षा पद्धति में थोड़ा बहुत परिवर्तन कर दिया । किताबी विद्या के भार से पुत्र की प्रखर स्मृति शक्ति को क्लान्त न कर वे पुत्र को साथै "अनेकानेक विषयों पर तर्क किया करते थे और नरेन्द्र को स्वाधीन भाव से अपना मत प्रकट करने का अवसर देते थे। इधर नरेन्द्रनाथ भी पिता के ज्ञान की गम्भीरता से मुग्ध हो जाते। संसार में हमेशा से ही श्रद्धावान व्यक्ति वांछित वस्तु को प्राप्त करते हैं। विशालहृदय दयालु विश्वनाथ दूसरों के दुःखों को सहन करने में असमर्थ होकर अपनी धन-दौलत खुले हाथ से दान कर गये। साथ ही कष्ट से उपार्जित ज्ञानरूपी दौलत को हजार धाराओं से योग्य पुत्र को अर्पित कर वे कृतार्थ हुए थे । नरेन्द्रनाथ ने दो वर्ष तक पिता के पास रहकर केवल ज्ञानलाभ ही न किया, बल्कि उनके किशोर चरित्र पर पिता की महानता की गम्भीर छाप भी पड़ी । तेजस्विता, दूसरों को दुःखी देखकर विकल होना, विपत्ति में धैर्य को न छोड़ते हुए निर्विकार चित्त से अपना कर्तव्य करते जाना नरेन्द्र ने अपने पिता से ही सीखा था । शिक्षा के साथ ही नरेन्द्र ने पिता के चरित्र की विशिष्टताओं को भी अपना लिया था। विश्वनाथ मितव्ययी न थे, इसलिए वे धन बटोर न सकते थे । इस समय नरेन्द्र की जो उम्र थी उसमें भविष्य की बात उनके मन में उदित होना सम्भव नहीं था । सम्भव है, किसी आत्मीय या स्वजन के लिखने पर ही नरेन्द्र ने पिता से पूछा था, " पिताजी, आप हमारे लिए क्या छोड़ रहे हैं ?" इस प्रश्न को सुनते ही विश्वनाथ ने दीवार पर लटकते हुए आइने की ओर उंगली से इशारा करते हुए कहा, "जा, इस आइने में अपना चेहरा देख, तभी समझेगा कि मैंने तुझे क्या दिया है ।" बुद्धिमान किशोर चालक ने बात समझ ली-1 पुत्रों को शिक्षा देने के लिए, उनमें आत्मविश्वास उत्पन्न करने के लिए विश्वनाथ कभी उन्हें बुरा नहीं कहते थे, कभी गाली न देते थे । उदाहरण के रूप में एक और घटना कही जा सकती है । एक दिन बालकोचित चंचलता के वशीभूत होकर नरेन्द्र ने अपनी माता के प्रति बुरे शब्दों का प्रयोग किया था । इसके लिए पुत्र को बुरी तरह धमकाने के बदले जिस कमरे में नरेन्द्र अपने सहपाठी तथा मित्रों के साथ वार्तालाप या लिखाई-पढ़ाई करते थे उस कमरे की दीवार पर विश्वनाथ ने कोयले से बड़े बड़े अक्षरों में लिख दिया, "नरेन्द्र बाबू ने आज अपनी माता के प्रति इन दुर्वचनों का प्रयोग किया है।" इससे नरेन्द्रनाथ को जो लज्जा तथा पश्चात्ताप हुआ था उसका उन्हें आजीवनं स्मरण रहा । हमने पहले ही कहा है कि दत्तभवन में अनेक दूर के रिश्तेदारों, आत्मीय अथवा अनात्मीय व्यक्तियों ने स्थायी रूप से डेरा डोल रखा था। इनमें ऐसे भी कई व्यक्ति थे जिनके नियमित नशा व्यसन • का खर्च भी विश्वनाथ को ही देना पड़ता था । निकम्मों तथा नशाखोरों को इस तरह आश्रय देने के विरुद्ध पिता के निकट एक दिन नरेन्द्रनाथ ने शिकायत की थी। विश्वनाथ ने स्नेह के साथ पुत्र को गोद में लेकर गद्गद् कण्ठ से कहा, "जीवन में कितने दुःख हैं, तुम क्या समझोगे बेटा ! बड़े होकर देखोगे कि किस गम्भीर दुःख के पंजे से, जीवन की शून्यमय व्यर्थता की ग्लानि के पंजे से क्षणिक छुटकारे के लिए वे लोग नशा करते हैं। जब इस बात को * जानोगे तब तुम्हारी भी उन पर दया ही होगी। इस तरह की शिक्षा द्वारा नरेन्द्र के हृदय में पिता के प्रति गम्भीर श्रद्धा उत्पन्न हुई थी। कभी कभी वे अपने मित्रों के पास पिता के गुणों का वर्णन कर गौरव अनुभव करते थे। 'मैं एक महान् व्यक्ति का पुत्र हूँ ' इस बात की घोषणा वे बड़े अभिमान के साथ करते थे और इसीलिए एक प्रबल आत्माभिमान उनके प्रत्येक वाक्य तथा आचरण में स्पष्ट हो उठता था । अगर कोई बालक समझकर उनकी लापरवाही करता तो वे क्रुद्ध हो जाते थे। उनके औद्धत्य तथा अहंकार में ईर्ष्या-द्वेष नहीं था - धनी दरिद्र, उच्च-नीच सभी श्रेणियों के पड़ोसी उनके लिए एक सदृश प्रेम तथा सम्मान के पात्र थे। सच बोलना और सचाई का व्यवहार करना उनके जीवन का मूल मंत्र था । - वे निडर होकर लोगों के मुँह पर ही निष्कपट भाव से अप्रिय सत्य कह डालते थे। इसलिए कभी कभी दण्ड भी अवश्य पाते थे, परन्तु फिर भी सत्य को छिपा न सकते थे । किशोरावस्था में उनके प्रत्येक कार्य में उनकी शक्तिमत्ता तथा बुद्धि का परिचय मिलता था । यदि कोई उनकी युक्तिपूर्ण बातों को बालकोचित धृष्टता समझकर उनकी उपेक्षा करता तो नरेन्द्रनाथ क्रोध के मारे आपे से बाहर हो जाते थे, उस समय उन्हें छोटे-बड़े का भी ख्याल न रहता था । यहाँ तक कि, अवज्ञा करने पर बालक की कठोर समालोचना से उनके पिता के मित्रगण तक छुटकारा न पाते थे । समझदार तथा उम्र में बड़ों को अपमानित कर आत्मगौरव प्राप्त करने की नीचता तो उनमें न थी । गहरी चोट न पाते तक वे कभी आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अग्रसर न होते थे। उनके इस औद्धत्य के लिए विश्वनाथ उन्हें कभी क्षमा न करते थे, बल्कि उचित दण्ड दे उन्हें भविष्य के लिए सावधान कर देते थे । परन्तु साथ ही पुत्र की इस आत्मनिष्ठा को देखते हुए मन ही मन आनन्दित भी होते थे । थोड़े ही महीनों में नरेन्द्र को पूर्व स्वास्थ्य प्राप्त हो गया । सोलह वर्ष की उम्र में उनके दीर्घ और बलिष्ठ शरीर को देखकर कई लोग उनकी उम्र का अनुमान बीस वर्ष का लगाते थे । नियमित रूप से शरीर के अंगप्रत्यंगों की पुष्टि के लिए कुश्ती का वे बचपन से ही अभ्यास करते थे। उस समय के ' हिन्दू मेला' के प्रवर्तक नवगोपाल मित्र महाशय ने शिमला मुहल्ले में कार्नवालिस स्ट्रीट के ऊपर एक व्यायामशाला की स्थापना की थी । नरेन्द्रनाथ इस अखाड़े में नियमित रूप से व्यायाम करते थे । यौवन के प्रारम्भ में बाक्सिंग खेल में सर्वप्रथम होकर एक बार उन्हें चांदी की बनी हुई एक तितली इनाम में मिली थी। उस समय के छात्र समाज में क्रिकेट के उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में भी उन्होंने काफी नाम कमाया था ।
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